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झोपड़ी में लगी आग, मासूम की जलकर मौत
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ढबारसी(अमरोहा)। छप्पर में लगी आग से एक तीन माह की बच्ची की जलकर मौत हो गई। बच्ची को मां चारपाई पर लिटाकर पड़ोस के घर में कुछ सामान लेने गई थी। घटना से गांव में खलबली मच गई। पुलिस और राजस्व के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर घटना की जांच पड़ताल की। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव शीतला सराय में मजदूर कन्हैयालाल जाटव का परिवार छप्पर के घर में रहता है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे कन्हैयालाल की पत्नी किरन अपने तीन बच्चे पांच साल का रितेश, तीन साल की माही व तीन माह की मासूम गुड्डी के साथ घर पर मौजूद थी। इसी बीच किरन गेहूं साफ करने के लिए छाज लेने के लिए पड़ोस के घर में चली गई। जबकि बच्चों को घर पर ही खेलता छोड़ गई। छोटी बेटी को चारपाई पर लिटा दिया था। कन्हैया लाल के घर के पीछे कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिसमें किसी ने आग लगा रखी थी। अचानक कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग ने छप्पर के मकान को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। यह देख घर में मौजूद रितेश व माही तो भागकर बाहर निकल आए। लेकिन मासूम गुड्डी चारपाई पर ही रह गई और चंद मिनटों में आग में जलकर उसने दम तोड़ दिया। आग लगने की सूचना से ग्रामीणों में खलबली मच गई। किसी तरह से आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने बीस हजार रुपये की आर्थिक मदद की और सरकार से आवास दिलाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार व लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया।
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आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव शीतला सराय में मजदूर कन्हैयालाल जाटव का परिवार छप्पर के घर में रहता है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे कन्हैयालाल की पत्नी किरन अपने तीन बच्चे पांच साल का रितेश, तीन साल की माही व तीन माह की मासूम गुड्डी के साथ घर पर मौजूद थी। इसी बीच किरन गेहूं साफ करने के लिए छाज लेने के लिए पड़ोस के घर में चली गई। जबकि बच्चों को घर पर ही खेलता छोड़ गई। छोटी बेटी को चारपाई पर लिटा दिया था। कन्हैया लाल के घर के पीछे कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिसमें किसी ने आग लगा रखी थी। अचानक कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग ने छप्पर के मकान को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। यह देख घर में मौजूद रितेश व माही तो भागकर बाहर निकल आए। लेकिन मासूम गुड्डी चारपाई पर ही रह गई और चंद मिनटों में आग में जलकर उसने दम तोड़ दिया। आग लगने की सूचना से ग्रामीणों में खलबली मच गई। किसी तरह से आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने बीस हजार रुपये की आर्थिक मदद की और सरकार से आवास दिलाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार व लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया।
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