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Amroha News: फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों समेत पांच पर ट्रक हड़पने का आरोप
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अमरोहा। देहात क्षेत्र के रायपुर खुर्द गांव निवासी अमजद ने फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक, कैशियर सहित पांच लोगों के खिलाफ वाहन हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस जांच में जुट गई है।
पीड़ित अमजद ने दर्ज कराई प्राथमिकी के मुताबिक वह दस टायरा कंटेनर का मालिक हैं, जिसे किस्तों पर खरीदा था। एक किस्त जमा नहीं हो पाने पर फरवरी 2025 में मुरादाबाद स्थित मणिपुरम फाइनेंस लिमिटेड शाखा के प्रबंधक राजीव और कैशियर योगेश ने कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया।
आरोप है कि बाद में किस्त जमा कर वाहन सुपुर्दगी की बात करने पर दोनों टालमटोल करते रहे। अमजद का कहना है कि कुछ समय बाद उसने अपना कंटेनर डींगरपुर हाईवे पर चलते देखा और रुकवा कर चालक इनामुल हसन से जानकारी जुटाई। इस दौरान पता चला कि इनामुल हसन ने कंटेनर को फाइनेंस कंपनी से खरीद लिया गया है। जबकि वाहन का ट्रांसफर नहीं हुआ था।
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असद का आरोप है कि महफूज ने बिना नाम ट्रांसफर कराए वाहन खरीदा और सरफराज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग बनवाकर उपयोग किया। पीड़ित असद ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित अमजद ने दर्ज कराई प्राथमिकी के मुताबिक वह दस टायरा कंटेनर का मालिक हैं, जिसे किस्तों पर खरीदा था। एक किस्त जमा नहीं हो पाने पर फरवरी 2025 में मुरादाबाद स्थित मणिपुरम फाइनेंस लिमिटेड शाखा के प्रबंधक राजीव और कैशियर योगेश ने कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया।
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आरोप है कि बाद में किस्त जमा कर वाहन सुपुर्दगी की बात करने पर दोनों टालमटोल करते रहे। अमजद का कहना है कि कुछ समय बाद उसने अपना कंटेनर डींगरपुर हाईवे पर चलते देखा और रुकवा कर चालक इनामुल हसन से जानकारी जुटाई। इस दौरान पता चला कि इनामुल हसन ने कंटेनर को फाइनेंस कंपनी से खरीद लिया गया है। जबकि वाहन का ट्रांसफर नहीं हुआ था।
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असद का आरोप है कि महफूज ने बिना नाम ट्रांसफर कराए वाहन खरीदा और सरफराज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग बनवाकर उपयोग किया। पीड़ित असद ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।