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Amroha News: किसानों को देना होगा गोवंशीय पशुओं की खरीद फरोख्त का ब्योरा
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अमरोहा। सड़कों पर बढ़ती गोवंशीय पशुओं की संख्या को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया। इनको गो आश्रय स्थलों में संरक्षित तो कराया ही जा रहा है, साथ ही अब किसानों के घरों में पल रहे गोवंशीय पशुओं का सर्वे भी कराया गया है। जिसके तहत किसानों को अब गोवंशीय पशुओं की खरीद फरोख्त का ब्योरा भी देना होगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर पंजिका तैयार की जाएगी। पंचायत सहायक इस पर नजर रखेंगे।
गुरेठा में वृहद नंदी विहार के अलावा जिले में करीब 18 गोशालाओं का संचालन गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने के लिए किया गया है। लेकिन इसके बाद भी सड़कों पर छुट्टा पशुओं की संख्या में कमी नहीं आ पा रही है। लिहाजा इस समस्या से निजात के लिए मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिले भर में किसानों के यहां पल रहे गोवंशीय पशुओं का सर्वे कराया गया है। जिसके तहत जिले भर में किसानों के पास एक लाख आठ हजार तीस गोवंशीय पशु पाए गए हैं। जिसमें 19381 नंदी, 69576 गाय तथा 19076 बछड़े सर्वे में पाए गए हैं। सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बताया कि किसानों को अपने गोवंशीय पशुओं की खरीद फरोख्त का ब्योरा देना होगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर एक पंजिका बनाई जाएगी। पंचायत सहायक इसका ब्योरा दर्ज करेंगे तथा बीडीओ और प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
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गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने को चल रहा अभियान
शासन द्वारा 31 दिसंबर तक गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. खुशीराम ने बताया कि जिले को एक हजार पशुओं को संरक्षित करने का लक्ष्य दिया गया था। जिसको पूरा कर लिया गया है। लक्ष्य से अधिक पशुओं को संरक्षित किया जा चुका है।
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तीन गोशालाओं का हो रहा निर्माण
सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने के लिए लगातार गोशालाओं के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। मउमयचक, रहमापुर माफी एवं चंदनपुर कोटा में कान्हा गो आश्रय स्थलों का निर्माण चल रहा है। इन गो आश्रय स्थलों में दो सौ गोवंशीय पशुओं को संरक्षित किया जा सकेगा।
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गुरेठा में वृहद नंदी विहार के अलावा जिले में करीब 18 गोशालाओं का संचालन गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने के लिए किया गया है। लेकिन इसके बाद भी सड़कों पर छुट्टा पशुओं की संख्या में कमी नहीं आ पा रही है। लिहाजा इस समस्या से निजात के लिए मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिले भर में किसानों के यहां पल रहे गोवंशीय पशुओं का सर्वे कराया गया है। जिसके तहत जिले भर में किसानों के पास एक लाख आठ हजार तीस गोवंशीय पशु पाए गए हैं। जिसमें 19381 नंदी, 69576 गाय तथा 19076 बछड़े सर्वे में पाए गए हैं। सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बताया कि किसानों को अपने गोवंशीय पशुओं की खरीद फरोख्त का ब्योरा देना होगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर एक पंजिका बनाई जाएगी। पंचायत सहायक इसका ब्योरा दर्ज करेंगे तथा बीडीओ और प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
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गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने को चल रहा अभियान
शासन द्वारा 31 दिसंबर तक गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. खुशीराम ने बताया कि जिले को एक हजार पशुओं को संरक्षित करने का लक्ष्य दिया गया था। जिसको पूरा कर लिया गया है। लक्ष्य से अधिक पशुओं को संरक्षित किया जा चुका है।
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तीन गोशालाओं का हो रहा निर्माण
सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा गोवंशीय पशुओं को संरक्षित करने के लिए लगातार गोशालाओं के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। मउमयचक, रहमापुर माफी एवं चंदनपुर कोटा में कान्हा गो आश्रय स्थलों का निर्माण चल रहा है। इन गो आश्रय स्थलों में दो सौ गोवंशीय पशुओं को संरक्षित किया जा सकेगा।