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Amroha News: समस्याओं के समाधान के लिए भूख हड़ताल पर बैठे किसान
Thu, 08 Oct 2026 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:06 AM IST
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अमरोहा। किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए भाकियू शंकर ने बुधवार से कलक्ट्रेट के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
दोपहर 12 बजे शुरू हुए आंदोलन में किसानों ने बिजली, गन्ना, स्वास्थ्य, सड़क और भूमि विवाद समेत कई मुद्दे उठाए। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। समस्याओं का ठोस और लिखित समाधान होने तक धरना जारी रहेगा। देर शाम तक किसान भूख हड़ताल पर बैठे रहे।
धरने की अध्यक्षता प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रिंसिपल सतवीर सिंह ने किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश में भी लागू की जाए। लंबे समय से बिल जमा न कर पाने वाले किसानों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने बिजली विभाग की रात में होने वाली जांच पर भी सवाल उठाते हुए बिना कैमरे की छापेमारी का विरोध किया। किसानों ने गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने और जिले की चीनी मिलों को 25 अक्तूबर तक चालू कराने की मांग रखी। साथ ही समय से गन्ना भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई। वायरल बुखार को देखते हुए गांवों में फॉगिंग और स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। धरनास्थल पर जिला गन्ना अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी और जल निगम के अधिकारी पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
इसके बावजूद संगठन ने छह माह से लंबित मामलों का हवाला देते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। संगठन ने एनएच-734 पर कैलसा अंडरपास से अंडरपास संख्या तीन तक सर्विस रोड और भूमि विवाद में 17 किसानों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों ने एलान किया कि समाधान होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान महावीर सिंह, मास्टर जगत सिंह चौहान, चौधरी धर्मबीर सिंह, चौधरी नेमपाल सिंह, चौधरी सतवीर सिंह, शेर सिंह राणा, मबीता, जितेंद्र सिंह सैनी मौजूद रहे।
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दोपहर 12 बजे शुरू हुए आंदोलन में किसानों ने बिजली, गन्ना, स्वास्थ्य, सड़क और भूमि विवाद समेत कई मुद्दे उठाए। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। समस्याओं का ठोस और लिखित समाधान होने तक धरना जारी रहेगा। देर शाम तक किसान भूख हड़ताल पर बैठे रहे।
धरने की अध्यक्षता प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रिंसिपल सतवीर सिंह ने किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश में भी लागू की जाए। लंबे समय से बिल जमा न कर पाने वाले किसानों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने बिजली विभाग की रात में होने वाली जांच पर भी सवाल उठाते हुए बिना कैमरे की छापेमारी का विरोध किया। किसानों ने गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने और जिले की चीनी मिलों को 25 अक्तूबर तक चालू कराने की मांग रखी। साथ ही समय से गन्ना भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई। वायरल बुखार को देखते हुए गांवों में फॉगिंग और स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। धरनास्थल पर जिला गन्ना अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी और जल निगम के अधिकारी पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
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इसके बावजूद संगठन ने छह माह से लंबित मामलों का हवाला देते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। संगठन ने एनएच-734 पर कैलसा अंडरपास से अंडरपास संख्या तीन तक सर्विस रोड और भूमि विवाद में 17 किसानों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों ने एलान किया कि समाधान होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान महावीर सिंह, मास्टर जगत सिंह चौहान, चौधरी धर्मबीर सिंह, चौधरी नेमपाल सिंह, चौधरी सतवीर सिंह, शेर सिंह राणा, मबीता, जितेंद्र सिंह सैनी मौजूद रहे।
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