फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Fake mark sheet of the victim was made to save the rape accused from POCSO

Amroha News: दुष्कर्म के आरोपी को पॉक्सो से बचाने के लिए पीड़िता की बनाई थी फर्जी मार्कशीट

Thu, 26 Jun 2025 01:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 26 Jun 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
Fake mark sheet of the victim was made to save the rape accused from POCSO
अमरोहा। हसनपुर क्षेत्र में भी दुष्कर्म पीड़िता की फर्जी टीसी जारी करने में निजी स्कूल के प्रधानाचार्य और आरोपी के पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हसनपुर क्षेत्र निवासी 15 वर्षीय किशोरी से गांव के ही युवक ने मार्च 2024 में दुष्कर्म किया था। जिसके बाद वह गर्भवती हो गई थी। सात माह की गर्भवती होने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई थी। पांच अक्तूबर को किशोरी का प्रसव कराया गया था। हालांकि, जन्म के कुछ समय बाद ही नवजात की मौत हो गई थी। किशोरी के परिजनों ने गांव के ही धर्म सिंह के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। दुष्कर्म के आरोपी को पॉक्सो से बचाने के लिए आरोपी के पिता ने निजी स्कूल के प्रधानाचार्य से मिलकर किशोरी को बालिग बना दिया था। पीड़िता के परिजनों ने चार जनवरी 2025 को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की तो प्रशासन हरकत में आया था। जांच में सामने आया था कि दुष्कर्म पीड़िता की आयु 19 वर्ष दर्शाई गई थी, जबकि उसकी आयु 15 वर्ष थी। शिकायत के आधार पर सैदनगली क्षेत्र गांव भटौला शर्की स्थित महाराज शूरसेन जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाचार्य रामस्वरूप व दुष्कर्म के आरोपी के पिता के खिलाफ धोखाधड़ी, जानबूझकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले रिपोर्ट दर्ज की गई थी। संवाद
विज्ञापन

------------------
दुष्कर्म के आरोपी को शैक्षिक प्रमाणपत्रों में दर्शा दिया नाबालिग
नौगांवा सादात क्षेत्र निवासी किसान की कक्षा दस में पढ़ने वाली बेटी के साथ अक्तूबर 2020 को गांव के ही युवक ने दुष्कर्म किया था। पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म व पॉक्सो में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी मनीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, आरोपी मनीष व उसके पिता विनोद ने कॉलेज के माध्यमिक शिक्षा परिषद बरेली कार्यालय के कर्मचारी-अधिकारियों से साठगांठ करके हाईस्कूल के अंकपत्र सह प्रमाणपत्र और गजट में मनीष की उम्र एक जुलाई 2004 की जगह जन्मतिथि 1 जुलाई 2006 दर्शाकर फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र तैयार करा लिए थे। इसके बाद फर्जी अंकपत्र सह प्रमाणपत्र को किशोरावस्था का लाभ लेने के उद्देश्य से न्यायालय किशोर बोर्ड अमरोहा में प्रस्तुत कर दिया। कूटरचित शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर 12 जनवरी 2021 को आरोपी मनीष को किशोर घोषित कर दिया गया। धोखाधड़ी के इस खेल में दुष्कर्म के आरोपी मनीष उसके पिता विनोद और माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय बरेली के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे थे। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर अमरोहा देहात थाना पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी मनीष, उसके पिता विनोद कुमार और माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय बरेली के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। संवाद
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed