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Amroha News: कक्ष की खाली कुर्सियां बढ़ा रही मरीजों का दर्द
Tue, 23 Sep 2025 02:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 23 Sep 2025 02:52 AM IST
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अमरोहा। जिला अस्पताल में रविवार को छुट्टी के बाद मरीजों की भीड़ रही लेकिन कुछ डॉक्टर ओपीडी में नहीं थे। उनके कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। उधर, कुछ डॉक्टर कक्ष में थे। हालांकि, भीड़ होने के कारण मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई मरीज ओपीडी में दर्द से कराहते भी नजर आए। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को तारीख दी गई। वहीं, मरीजों को खून की जांच रिपोर्ट तीन दिन बाद नहीं मिल पा रही है ऐसे में मरीजों का मर्ज कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1270 मरीज पहुंचे इनमें करीब 337 मरीज बुखार के थे। सुबह ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। मरीजों का नंबर आने में एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगा। ज्यादातर मरीज बुखार, नजला, खांसी के रहे। अधिकांश डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ थी और वह डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे।
मरीजों का कहना है की घंटों इंतजार करने के बाद भी डाॅक्टर नहीं आए और न कोई कुछ बताने के लिए तैयार है कि डॉक्टर आएंगे या नहीं। कुछ मरीज परेशान होकर निजी अस्पतालों या अन्य अस्पतालों में तो कुछ घरों को लौट गए। वहीं, कई मरीज डॉक्टरों के इंतजार में बैंच पर बैठकर कराहते दिखे। साढ़े नौ बजे तक फिजिशियन कक्ष के डॉक्टर गायब थे। यहां मरीज उनके इंतजार में खड़े थे जबकि कई मरीज बिना डॉक्टर परामर्श के लौट गए।
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इंतजार में फर्श और बैंच पर बैठे दिखे मरीज
डॉक्टर के इंतजार में मरीज फर्श और बैंच पर बैठे मिले। कई मरीज और तीमारदार डॉक्टर की तलाश में भटकते दिखे। इतना ही नहीं पैथोलॉजी लैब के बाहर सैंपल देने के बाद मरीजों को फर्श पर बैठकर समय बिताना पड़ा। समय से जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर मरीजों का ठीक से उपचार नहीं मिल पाया। डॉक्टरों ने भी ऐसे मरीजों को जांच रिपोर्ट आने के बाद दवा लिखने कहकर भेज दिया।
बुखार और डायरिया के 23 मरीज भर्ती
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि सोमवार को कुल ओपीडी में सबसे ज्यादा 337 मरीज बुखार के मिले है। इसमें से कई मरीज ऐसे थे, जिन्हें सप्ताहभर से बुखार आ रहा था। जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में बुखार और डायरिया के 23 मरीज भर्ती हैं जिनका इलाज किया रहा है। उन्होंने बताया कि खून की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है, इसलिए रिपोर्ट तैयार करने में थोड़ा समय लग रहा है। दूसरे दिन मरीज को जांच रिपोर्ट मिल जाए, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1270 मरीज पहुंचे इनमें करीब 337 मरीज बुखार के थे। सुबह ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। मरीजों का नंबर आने में एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगा। ज्यादातर मरीज बुखार, नजला, खांसी के रहे। अधिकांश डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ थी और वह डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे।
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मरीजों का कहना है की घंटों इंतजार करने के बाद भी डाॅक्टर नहीं आए और न कोई कुछ बताने के लिए तैयार है कि डॉक्टर आएंगे या नहीं। कुछ मरीज परेशान होकर निजी अस्पतालों या अन्य अस्पतालों में तो कुछ घरों को लौट गए। वहीं, कई मरीज डॉक्टरों के इंतजार में बैंच पर बैठकर कराहते दिखे। साढ़े नौ बजे तक फिजिशियन कक्ष के डॉक्टर गायब थे। यहां मरीज उनके इंतजार में खड़े थे जबकि कई मरीज बिना डॉक्टर परामर्श के लौट गए।
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इंतजार में फर्श और बैंच पर बैठे दिखे मरीज
डॉक्टर के इंतजार में मरीज फर्श और बैंच पर बैठे मिले। कई मरीज और तीमारदार डॉक्टर की तलाश में भटकते दिखे। इतना ही नहीं पैथोलॉजी लैब के बाहर सैंपल देने के बाद मरीजों को फर्श पर बैठकर समय बिताना पड़ा। समय से जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर मरीजों का ठीक से उपचार नहीं मिल पाया। डॉक्टरों ने भी ऐसे मरीजों को जांच रिपोर्ट आने के बाद दवा लिखने कहकर भेज दिया।
बुखार और डायरिया के 23 मरीज भर्ती
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि सोमवार को कुल ओपीडी में सबसे ज्यादा 337 मरीज बुखार के मिले है। इसमें से कई मरीज ऐसे थे, जिन्हें सप्ताहभर से बुखार आ रहा था। जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में बुखार और डायरिया के 23 मरीज भर्ती हैं जिनका इलाज किया रहा है। उन्होंने बताया कि खून की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है, इसलिए रिपोर्ट तैयार करने में थोड़ा समय लग रहा है। दूसरे दिन मरीज को जांच रिपोर्ट मिल जाए, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।