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बिजली : तारों के मकड़जाल से हादसों का खतरा
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अमरोहा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभों पर बेतरतीब झूल रहे तारों का मकड़जाल हादसों को दावत दे रहा है। बरसात के मौसम में करंट उतरने का खतरा भी बना रहता है। इतना ही नहीं इन पोल पर अवैध रूप से लगे होर्डिंग और कई कंपनियों के तार भी पोल पर अतिक्रमण कर रहे हैं।
बरसात में बिजली को लेकर लापरवाही अक्सर हादसों का कारण बन जाती है। बिजली के खंभों पर तारों के मकड़जाल में अक्सर चिंगारियां उठती रहती है। जिससे बाजार में अफरातफरी का माहौल बन जाता है। चिंगारी के चलते पोल में करंट आने का खतरा बना रहता है। वहीं, बिजली के पोल अवैध रूप से लोगों के प्रचार का साधन भी बने हैं। अधिकांश बिजली के इन पोल पर होर्डिंग्स टंगे हैं। बिना विभागीय अनुमति के लगे यह होर्डिंग्स खतरे का कारण भी बने रहते हैं। इनको हटाने के लिए बिजली विभाग द्वारा कोई अभियान भी नहीं चलाया जाता है।
अमरोहा में दानिशमंदान, सराय कोना, जयओम नगर, बेगम सराय खुर्द, नौ गजा आदि में बिजली के पोल पर तारों का बेतरतीब मकड़जाल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इनको ठीक करने के लिए प्रार्थनापत्र दिए गए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
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ब्राडबेंड के निजी कंपनियाें के तारों को भी खंभों का सहारा
बिजली के पोल को कई ब्राडबैंड व निजी नेटवर्क कंपनियों ने सहारा बनाया हुआ है। जिससे दूसरे तारों में करंट उतरने का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही पोल पर होर्डिंग्स आदि लगे होने से कर्मचारियों को खामियां दूर करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सूत्रों की मानें तो पोल के इस्तेमाल को विभागीय एनओसी लेना जरूरी होता है। लेकिन इसके बाद कई तार बिना विभागीय एनओसी के इन पोल पर बांध दिए जाते हैं।
हसनपुर में जर्जर पोल के सहारे बिजली व्यवस्था
हसनपुर। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था जर्जर पोल के सहारे है। अधिकांश जगहों पर पोल वर्षों पुराने हो गए हैं। तारों के मकड़जाल से हादसों का खतरा बना रहता है। आए दिन फाल्ट होने से लोगों का हादसे का भय बना रहता है। फाल्ट होने के बाद बिजली व्यवस्था भी सुचारू नहीं रह पाती। जिससे लोगों को और भी परेशानी झेलने के लिए विवश होना पड़ता है। बार-बार शिकायत के बावजूद भी जर्जर पोल को नहीं बदलवाया जा रहा। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जर्जर तार टूटने से हो गई थी पशु की मौत
हसनपुर। गांव सहेलिया में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से छह दिन पूर्व एक मवेशी की मौत हो गई थी। इसके अलावा गांव के सैकड़ों घरों में करंट उतर आया था। साथ ही इलेक्ट्राॅनिक उपकरण खराब हो गए थे। इससे नाराज लोगों ने बिजलीघर पहुंचकर हंगामा भी किया था। इसके बावजूद भी जर्जर तारों को नहीं बदलवाया जा रहा। हसनपुर की राजपूत कालोनी, कोतवाली गेट के निकट, मुख्य बाजार, लालबाग व कनेटा रोड समेत कई स्थानों पर जर्जर खंबों पर बिजली की लाइन गुजर रही है।
अक्सर तारों में निकलती रहती हैं चिंगारियां
गजरौला। गजरौला में भी बिजली के पोल पर तारों का मकड़जाल बना है। पोल पर तारों के इन झुंड से अक्सर चिंगारियां निकलती रहती हैं। जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों में दहशत बनी रहता है। नाईपुरा समेत कई मोहल्लों में ऐसे ही हालात हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी बिजली विभाग सुनवाई नहीं करता है।
- जिले भर में जर्जर तारों का बदलवाने का कार्य लगातार कराया जा रहा है। साथ ही जर्जर पोल भी बदले जा रहे हैं। बिजली के डबल पोल व दूसरे पोल पर लगे होर्डिंग को हटवाने के लिए भी निर्देश दिए जाएंगे। - सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता
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बरसात में बिजली को लेकर लापरवाही अक्सर हादसों का कारण बन जाती है। बिजली के खंभों पर तारों के मकड़जाल में अक्सर चिंगारियां उठती रहती है। जिससे बाजार में अफरातफरी का माहौल बन जाता है। चिंगारी के चलते पोल में करंट आने का खतरा बना रहता है। वहीं, बिजली के पोल अवैध रूप से लोगों के प्रचार का साधन भी बने हैं। अधिकांश बिजली के इन पोल पर होर्डिंग्स टंगे हैं। बिना विभागीय अनुमति के लगे यह होर्डिंग्स खतरे का कारण भी बने रहते हैं। इनको हटाने के लिए बिजली विभाग द्वारा कोई अभियान भी नहीं चलाया जाता है।
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अमरोहा में दानिशमंदान, सराय कोना, जयओम नगर, बेगम सराय खुर्द, नौ गजा आदि में बिजली के पोल पर तारों का बेतरतीब मकड़जाल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इनको ठीक करने के लिए प्रार्थनापत्र दिए गए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
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ब्राडबेंड के निजी कंपनियाें के तारों को भी खंभों का सहारा
बिजली के पोल को कई ब्राडबैंड व निजी नेटवर्क कंपनियों ने सहारा बनाया हुआ है। जिससे दूसरे तारों में करंट उतरने का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही पोल पर होर्डिंग्स आदि लगे होने से कर्मचारियों को खामियां दूर करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सूत्रों की मानें तो पोल के इस्तेमाल को विभागीय एनओसी लेना जरूरी होता है। लेकिन इसके बाद कई तार बिना विभागीय एनओसी के इन पोल पर बांध दिए जाते हैं।
हसनपुर में जर्जर पोल के सहारे बिजली व्यवस्था
हसनपुर। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था जर्जर पोल के सहारे है। अधिकांश जगहों पर पोल वर्षों पुराने हो गए हैं। तारों के मकड़जाल से हादसों का खतरा बना रहता है। आए दिन फाल्ट होने से लोगों का हादसे का भय बना रहता है। फाल्ट होने के बाद बिजली व्यवस्था भी सुचारू नहीं रह पाती। जिससे लोगों को और भी परेशानी झेलने के लिए विवश होना पड़ता है। बार-बार शिकायत के बावजूद भी जर्जर पोल को नहीं बदलवाया जा रहा। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जर्जर तार टूटने से हो गई थी पशु की मौत
हसनपुर। गांव सहेलिया में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से छह दिन पूर्व एक मवेशी की मौत हो गई थी। इसके अलावा गांव के सैकड़ों घरों में करंट उतर आया था। साथ ही इलेक्ट्राॅनिक उपकरण खराब हो गए थे। इससे नाराज लोगों ने बिजलीघर पहुंचकर हंगामा भी किया था। इसके बावजूद भी जर्जर तारों को नहीं बदलवाया जा रहा। हसनपुर की राजपूत कालोनी, कोतवाली गेट के निकट, मुख्य बाजार, लालबाग व कनेटा रोड समेत कई स्थानों पर जर्जर खंबों पर बिजली की लाइन गुजर रही है।
अक्सर तारों में निकलती रहती हैं चिंगारियां
गजरौला। गजरौला में भी बिजली के पोल पर तारों का मकड़जाल बना है। पोल पर तारों के इन झुंड से अक्सर चिंगारियां निकलती रहती हैं। जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों में दहशत बनी रहता है। नाईपुरा समेत कई मोहल्लों में ऐसे ही हालात हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी बिजली विभाग सुनवाई नहीं करता है।
- जिले भर में जर्जर तारों का बदलवाने का कार्य लगातार कराया जा रहा है। साथ ही जर्जर पोल भी बदले जा रहे हैं। बिजली के डबल पोल व दूसरे पोल पर लगे होर्डिंग को हटवाने के लिए भी निर्देश दिए जाएंगे। - सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता