Amroha: डीएम ने कहा- गोशाला में संरक्षित नहीं किया जाएगा नया पशु, बाजारों पर पूरी तरह प्रतिबंधित
डीएम ने कहा कि जब तक बीमारी नियंत्रित नहीं हो जाती तब तक किसी भी गो आश्रय स्थल में कोई नया पशु संरक्षित नहीं किया जाना चाहिए। कहा कि पशुओं के बाजार विशेषकर जहां गोवंश का विक्रय होता है अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह रोक लगा दी जाए।
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डीएम बाल कृष्ण त्रिपाठी ने गोवंशीय पशुओं में होने वाली लंपी स्किन डिजीज एलएसडी बीमारी की रोकथाम के लिए कहा कि गोशाओं में कोई नया पशु संरक्षित नहीं किया जाना चाहिए। अग्रिम आदेशों तक पशु बाजारों को पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
वह बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में गोवंशो में लंपी स्किन डिजीज एलएसडी बीमारी की रोकथाम के संबंध में अधीनस्थों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि यह विषाणु जनित रोग है। इसका प्रसार प्रभावित पशुओं से वेक्टर आदि के माध्यम से अन्य पशुओं में होता है। केस मिलने पर त्वरित उपचार व टीकाकरण की कार्यवाही होनी चाहिए।
कहा कि यदि कोई पशु बीमार मिलता है तो उन्हें कुछ दूर पर आइसोलेट किया जाए। उपचार के साथ-साथ सैनिटाइजेशन, साफ सफाई की जाए। सभी गो आश्रय स्थलों में साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, फॉगिंग कराई जाए, इसका विशेष ध्यान दिया जाए। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, फागिंग, साफ सफाई, स्वच्छता युद्ध स्तर पर कराएंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती राज ग्राम विकास तथा नगरीय क्षेत्रों में नगर निकायों द्वारा वृहद स्तर पर साफ-सफाई, फागिंग, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा। कहा कि प्रभावित पशुओं के गोबर एवं अन्य उत्सर्जन पर चूने का छिड़काव कराया जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी चंद्रशेखर शुक्ल, अपर जिलाधिकारी भगवान शरण, उप जिला अधिकारी सदर अनिल कुमार, हसनपुर, नौगांवा, सभी खंड विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आदि मौजूद रहे।