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जिला उपभोक्ता कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी पर ठोका 25 हजार का जुर्माना

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:15 AM IST
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District consumer court imposed a fine of 25 thousand on the insurance company
अमरोहा। सेवा में कमी पाये जाने पर जिला उपभोक्ता कोर्ट ने एक इंश्योरेंस कंपनी पर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। साथ ही एक महीने के भीतर पीड़ित को बीमे की कुल धनराशि को छह प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं।
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गजरौला के छोया गांव निवासी कपिल कुमार जिला उपभोक्ता कोर्ट में एक परिवाद दायर किया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी माता राजवती देवी ने इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सलाहकार के कहने पर महा जीवन ज्योति पालिसी कराई थी। जिसकी वैद्यता 24 अप्रैल 2018 से 24 अप्रैल 2037 तक थी। बीमा पॉलिसी की करीब धनराशि 4 लाख 70 हजार रुपये बनती है। इस पॉलिसी की अर्द्धवार्षिक किस्त 10564 रुपये जमा की गई थी। इस पॉलिसी में उसकी माता ने कपिल कुमार को नॉमिनी बनाया था। लेकिन 4 जुलाई 2018 को राजवती देवी की मृत्यु हो गई। नॉमिनी की हैसियत से कपिल कुमार ने बीमा कंपनी को सभी आवश्यक प्रपत्र, क्लेम फार्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, मूल पॉलिसी उपलब्ध कराई थी। बावजूद इसके बीमा कंपनी ने उसके दावे को 30 अक्तूबर 2018 को इस आधार पर खारिज कर दिया कि उसकी माता राजवती देवी कैंसर रोग से पीड़ित थीं और बीमा करने से पहले उन्हें मुंह का कैंसर था। जबकि कपिल कुमार का कहना था कि उसकी माता पूर्ण रूप से स्वस्थ थी। जिसकी जांच बीमा कंपनी के चिकित्सक दल द्वारा की गई थी। इसके बाद ही पॉलिसी को स्वीकृत किया गया था। इस दौरान राजवती ने पहली किस्त की धनराशि जमा की थी। पीड़ित कपिल कुमार ने बीमा कंपनी पर सेवा में कमी का आरोप लगाया था।
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गुरुवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों सुना। इसके बाद उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष निसामुद्दीन, सदस्य अवधेश कुुमार गंगवार ने बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया और कंपनी को बीमा की धनराशि 459436 मय छह प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया। साथ ही मानसिक पीड़ा के लिए 15 हजार, शारीरिक पीड़ा के लिए 10 हजार, गवाह का खर्च 745 रुपये बतौर जुर्माना लगाया है।
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