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Amroha News: फर्जीवाड़ा करके वक्फ की जमीन का कर दिया बैनामा
Fri, 08 Mar 2024 01:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 08 Mar 2024 01:27 AM IST
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रजबपुर। कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा करके वक्फ की जमीन का बैनामा कर दिया। इसके लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए। पुलिस ने मामले में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला रजबपुर थाने से जुड़ा है। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के रहने वाले अब्दुल अलीम अब्बासी का आरोप है शेख सलीमुद्दीन और उनकी पत्नी अमीना खातून ने 18 नवंबर 1924 को एक वक्फनामा पंजीकृत कराया था। जिसके अनुसार जीवन काल तक उनके खुद का मुतवल्ली होना दर्ज है। उनकी मौत के बाद मोहम्मद फारूक को मुतवल्ली मुकर्रर किया जाना भी लिखा हुआ है। शेख सलीमुद्दीन की कोई संतान नहीं थी, इसलिए अमीना बेगम और शेख सलीमुद्दीन ने मोहम्मद फारूक को बचपन से पाला था। मोहम्मद फारूक अमीना बेगम के भांजे थे। वर्ष 1991 तक वक्फ संपत्ति रिकॉर्ड में दर्ज थी। लेकिन बाद में षड्यंत्र करके कुछ लोगों ने राजस्व रिकॉर्ड में फेर बदल करके वक्त की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करना शुरू कर दिया।
जबकि वक्फनामे पर स्पष्ट लिखा हुआ है कि वक्फ को कभी भी खत्म नहीं किया जा सकता है। केवल पट्टे या ठेके पर दिया जा सकता है। आरोपी वक्फनामा जानबूझकर छिपा कर उस संपत्ति को धोखाधड़ी करके बेच रहे हैं। इतना ही नहीं वक्त की संपत्ति को बैंक में गिरवी रखकर लोन निकाल लिया गया है। इतना ही नहीं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी मुआवजा लिया गया है। 23 जनवरी 2023 को पीड़ित ने वक्फ संपत्तियों की नकल फर्द तहसील से निकलवाई तो हकीकत सामने आ गई। 24 अप्रैल 2023 को पीड़ित ने आरोपियों से धोखाधड़ी करने के बारे में पूछा तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण दी। सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले में रजबपुर के रहने वाले मोहम्मद साद अब्बासी, मोहम्मद अदनान अब्बासी, इरम जहां, फैजान अब्बासी, हन्ना अब्बासी, मोहम्मद हम्माद अब्बासी, निगहत बेगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है मामले की जांच की जा रही है।
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इन धाराओं में दर्ज किया गया मामला
सीओ ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, 504, 506, 427 के तहत केस दर्ज किया गया है।
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यह मामला रजबपुर थाने से जुड़ा है। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के रहने वाले अब्दुल अलीम अब्बासी का आरोप है शेख सलीमुद्दीन और उनकी पत्नी अमीना खातून ने 18 नवंबर 1924 को एक वक्फनामा पंजीकृत कराया था। जिसके अनुसार जीवन काल तक उनके खुद का मुतवल्ली होना दर्ज है। उनकी मौत के बाद मोहम्मद फारूक को मुतवल्ली मुकर्रर किया जाना भी लिखा हुआ है। शेख सलीमुद्दीन की कोई संतान नहीं थी, इसलिए अमीना बेगम और शेख सलीमुद्दीन ने मोहम्मद फारूक को बचपन से पाला था। मोहम्मद फारूक अमीना बेगम के भांजे थे। वर्ष 1991 तक वक्फ संपत्ति रिकॉर्ड में दर्ज थी। लेकिन बाद में षड्यंत्र करके कुछ लोगों ने राजस्व रिकॉर्ड में फेर बदल करके वक्त की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करना शुरू कर दिया।
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जबकि वक्फनामे पर स्पष्ट लिखा हुआ है कि वक्फ को कभी भी खत्म नहीं किया जा सकता है। केवल पट्टे या ठेके पर दिया जा सकता है। आरोपी वक्फनामा जानबूझकर छिपा कर उस संपत्ति को धोखाधड़ी करके बेच रहे हैं। इतना ही नहीं वक्त की संपत्ति को बैंक में गिरवी रखकर लोन निकाल लिया गया है। इतना ही नहीं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी मुआवजा लिया गया है। 23 जनवरी 2023 को पीड़ित ने वक्फ संपत्तियों की नकल फर्द तहसील से निकलवाई तो हकीकत सामने आ गई। 24 अप्रैल 2023 को पीड़ित ने आरोपियों से धोखाधड़ी करने के बारे में पूछा तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण दी। सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले में रजबपुर के रहने वाले मोहम्मद साद अब्बासी, मोहम्मद अदनान अब्बासी, इरम जहां, फैजान अब्बासी, हन्ना अब्बासी, मोहम्मद हम्माद अब्बासी, निगहत बेगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है मामले की जांच की जा रही है।
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इन धाराओं में दर्ज किया गया मामला
सीओ ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, 504, 506, 427 के तहत केस दर्ज किया गया है।