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Amroha: जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट बिजली गुल होने से पड़ी ठप, मरीज की मौत, अफसरों के उड़े होश

Fri, 21 Oct 2022 02:38 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 21 Oct 2022 02:38 PM IST
सार

डीएम के आदेश पर एडीएम और सीएमओ अस्पताल पहुंचे और सीएमएस व अन्य डॉक्टरों से बातचीत की। साथ ही डायलिसिस यूनिट के प्रबंधक से जवाब-तलब किया गया है।

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Death of a patient who went for dialysis due to power failure in Amroha district hospital
death demo - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अमरोहा जिला अस्पताल में बिजली नहीं होने के कारण किडनी रोग से पीड़ित मरीज की डायलिसिस नहीं हो सकी। जिस कारण उनकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही अफसरों के होश उड़ गए। डीएम के आदेश पर एडीएम और सीएमओ अस्पताल पहुंचे और सीएमएस व अन्य डॉक्टरों से बातचीत की। साथ ही डायलिसिस यूनिट के प्रबंधक से जवाब-तलब किया गया है। वहीं डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।

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अमरोहा नगर के मोहल्ला मुल्लाना निवासी मोहम्मद आमिर पिछले चार साल से किडनी रोग से पीड़ित थे। वह मुरादाबाद के निजी अस्पताल में डायलिसिस कराते थे। लेकिन काफी खर्चा होने के कारण आर्थिक तंगी में आ गए। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट खुलने के बाद करीब दो साल से मोहम्मद आमिर जिला अस्पताल में डायलिसिस करा रहे थे। बुधवार की सुबह पहली शिफ्ट में उनकी डायलिसिस होनी थी। लिहाजा उनकी पत्नी गजाला उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन जिला अस्पताल में तकनीकी खामी होने की वजह से बिजली आपूर्ति ठप थी। इसलिए डायलिसिस यूनिट के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। इस दौरान यहां नौ मरीज बिजली आने का इंतजार कर रहे थे।

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दोपहर तक बिजली न आने पर यहां मौजूद स्टाफ ने मरीजों को दूसरी जगह डायलिसिस कराने की बात कहकर लौटा दिया। लिहाजा अन्य मरीजों के साथ मोहम्मद आमिर भी घर लौट गए थे। लेकिन घर पहुंचने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। जिस पर परिजन उन्हें मुरादाबाद ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद गुरुवार को परिजनों ने शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया। परिजनों ने इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं की है।

लेकिन शुक्रवार को डायलिसिस नहीं होने की वजह से मरीज की मौत होने की जानकारी मिलते ही अफसरों में खलबली मच गई। डीएम बीके त्रिपाठी के निर्देश पर एडीएम भगवान शरण और सीएमओ राजीव सिंघल जिला अस्पताल पहुंचे। यहां सीएमएस डॉ प्रेमा पंथ त्रिपाठी, एसएस डॉ चरण सिंह व अन्य डॉक्टर से मामले की जानकारी की। दोनों अफसरों ने डायलिसिस संबंधित स्टाफ को कड़ी फटकार भी लगाई। साथ ही डायलिसिस यूनिट के प्रबंधक सुमित भारद्वाज से जवाब तलब किया है।

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पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -डीएम बीके त्रिपाठ

डायलिसिस पानी की आवश्यकता होती है। एक मरीज पर करीब 150 से 200 लीटर पानी की खपत होती है। बुधवार को ओवरहेड टैंक से पानी की सप्लाई नहीं हो रही थी। इसलिए मरीजों को कहीं दूसरे स्थान पर डायलिसिस कराने की बात कहकर लौटा दिया गया था। मरीज मोहम्मद आमिर की मौत डायलिसिस यूनिट या जिला अस्पताल में नहीं हुई है। मरीजों को समय से डायलिसिस दी जाए इसके लिए पूरे प्रयास रहते हैं। यूनिट पर प्रतिदिन 27 लोगों डायलिसिस हो रही है। -सुमित भारद्वाज, प्रबंधक डायलिसिस यूनिट

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