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गजरौला के गांव खाईखेड़ा में रहस्यमय तरीके से मर रहे कौवे, ग्रामीणों में बर्ड फ्लू की दहशत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 02:14 AM IST
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Crows dying mysteriously in Khakheda village of Gajraula, panic of bird flu among villagers
गजरौला के गांव खाईखेड़ा में एक घर में मृत पड़ा कौआ। - फोटो : GAJRAULA
गजरौला (अमरोहा)। ब्लाक के गांव खाईखेड़ा खादर में पिछले चार दिनों से लगातार कौवे रहस्यमय तरीके से मर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक 12 कौवे मृत मिले हैं। गांव में बर्ड फ्लू की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं। हालांकि पशु चिकित्सा धिकारी ने बर्ड फ्लू की आशंका और कौवे के मरने की घटना की जानकारी से इनकार करते हुए शनिवार को गांव में टीम भेजकर जांच कराने की बात कही है।
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देश में बर्ड फ्लू की दहशत के बीच गजरौला में शुक्रवार की दोपहर एक वीडियो वायरल हुआ। ब्लाक के गांव खाईखेड़ा खादर के बताए जा रहे इस वीडियो में गांव में कौवों की रहस्यमय तरीके से मौत होने की बात कहते हुए मृत कौवों की फोटो भी दिखाई गई थी। अमर उजाला ने गांव जाकर पड़ताल की तो यहां रहने वाली ऊषा देवी ने बताया कि उनके घर की छत पर दो दिन पूर्व एक कौवा मृत मिला था। गुरुवार को भी एक कौवा मरा मिला था। वहीं पास में रहने वाले मिंटू पुत्र राजेश ने बताया कि एक कौवा अचानक ही उड़ते हुए उनके आंगन में आया और नीचे गिरकर मर गया। सर्वेश ने बताया कि उसके चाचा जयपाल सिंह की छत पर भी कौवा मरा पड़ा था। गांव निवासी मलखान सिंह, सतवीर सिंह, विश्वास आदि ने बताया कि पिछले चार दिनों में गांव में 12 कौवों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। ग्रामीणों में बर्ड फ्लू की आशंका से दहशत में हैं।
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वहीं पशु चिकित्साधिकारी डा.ओमवीर सिंह ने पूरे जनपद में बर्ड फ्लू की आशंका से इनकार करते हुए बताया कि उन्हें खाईखेड़ा में कौवों की मौत की जानकारी नहीं है। शनिवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
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कौवों को दबाया नहीं फेंक दिया तालाब में
गजरौला। गांव खाईखेड़ा में पिछले चार दिनों से रहस्यमय तरीके से कौवों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने किसी भी मृत कौवे को जमीन में नहीं दबाया बल्कि उसे गांव के ही तालाब में फेंक दिया। वहीं एक ग्रामीण का कहना था कि उसके आंगन में गुरुवार को एक कौवा मृत मिला था। उसे बिल्ली खा गई। कौवे के पंख और खून अभी भी आंगन में पड़े हैं।
दुकानों पर खुले में बिक रहा है पशुओं का मीट
गजरौला। प्रदेश में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते जारी रेड अलर्ट का गजरौला और उसके आसपास के गांवों में कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां तक कि गांव खाईखेड़ा में 12 कौवों की रहस्यमय तरीके से मौत की जानकारी भी संबंधित विभाग को नहीं है। वहीं क्षेत्र में खुले में ही दुकानों पर पशुओं का मीट बेचा जा रहा है। वहां साफ-सफाई के भी कोई खास प्रबंध नहीं है।

गंगा किनारे विदेशों से आते हैं साइबेरियन पक्षी
गजरौला। तिगरी से ब्रजघाट तक गुजर रही गंगा में प्रतिवर्ष सर्दी का सीजन आरंभ होते ही बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी प्रवास को आते हैं। इस बार बर्ड फ्लू की आशंका के चलते इन पक्षियों में पक्षी संबंधित रोग के फैलने का खतरा बढ़ गया है। खास बात यह है कि अभी तक तिगरी अथवा ब्रजघाट में इन विदेशी मेहमानों की गतिविधियों पर नजर रखने को कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं।
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