{"_id":"6792adacb4ac6508f80064b9","slug":"crop-instead-of-water-in-ban-team-arrived-to-conduct-survey-jpnagar-news-c-284-1-jpn1002-133017-2025-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: बान में पानी की जगह फसल, सर्वे करने पहुंची टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: बान में पानी की जगह फसल, सर्वे करने पहुंची टीम
Fri, 24 Jan 2025 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 24 Jan 2025 02:29 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा देहात के चक कालीलेट स्थित बान नदी में खड़ी गेहूं फसल। संवाद
अमरोहा।
बान नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासन की मुहिम शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को अमरोहा ब्लॉक के गांव में टीम सर्वे करने पहुंची। टीम ने बान नदी पर किए गए अतिक्रमण और कब्जे की स्थिती को देखी। इस दौरान नदी के रास्ते मे कई जगह जमीन पर फसलें खड़ी पाई गई हैं।
जिले में बान नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। किसी समय यह नदी अपनी अविरलता के लिए पहचान रखती थी, लेकिन धीरे-धीरे नदी का अस्तित्व ही समाप्त होता चला जा रहा है। नदी जमीन पर कब्जे के चलते इसके किनारे सिमट गए हैं। नदी में अब जलधार दिखाई नहीं देती। ज्यादतर जगह नदी की जमीन पर फसलें लहलहा रही हैं। सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बान नदी को बचाए जाने के इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए अमरोहा ब्लॉक के अधिकारियों को सर्वे के निर्देश दिए थे।
इसके बाद बृहस्पतिवार को अमरोहा ब्लॉक के बीडीओ नीरज गर्ग के नेतृत्व में पंचायत सचिवों की टीम के साथ लालू नंगला, नोहरान व शाहिदपुर समेत कई गांवों से गुजर रही बान नदी का दौरा किया। उन्होंने बताया कि अमरोहा ब्लॉक में बान नदी 23 गांवों से होकर गुजरती है। सभी गांवों की सर्वे रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन
नदी के बीच खड़ी गेहूं की फसल
नदी के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन पर पानी का बहाव होने के स्थान पर खेती हो रही है। चक्कालीलेट गांव में तो नदी की जमीन पर पुल के नीचे की गेहूं की फसल को बो दिया गया। नदी की जमीन पर ऐसा एक जगह नहीं, बल्कि कई गांवों में किया गया है। नदी की जमीन पर फसल की बोआई के बाद नदी नाले के स्वरूप में दिखाई देने लगी है। नदी की जमीन पर कब्जे के मामले में राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध दिखाई दे रही है।
नदी का स्वरूप वापस लाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। नदी की जमीन पर कहां कितना अतिक्रमण है, यह भी दिखवाया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। नदी की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों को भी हटवाया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
विज्ञापन
बान नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासन की मुहिम शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को अमरोहा ब्लॉक के गांव में टीम सर्वे करने पहुंची। टीम ने बान नदी पर किए गए अतिक्रमण और कब्जे की स्थिती को देखी। इस दौरान नदी के रास्ते मे कई जगह जमीन पर फसलें खड़ी पाई गई हैं।
जिले में बान नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। किसी समय यह नदी अपनी अविरलता के लिए पहचान रखती थी, लेकिन धीरे-धीरे नदी का अस्तित्व ही समाप्त होता चला जा रहा है। नदी जमीन पर कब्जे के चलते इसके किनारे सिमट गए हैं। नदी में अब जलधार दिखाई नहीं देती। ज्यादतर जगह नदी की जमीन पर फसलें लहलहा रही हैं। सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बान नदी को बचाए जाने के इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए अमरोहा ब्लॉक के अधिकारियों को सर्वे के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
इसके बाद बृहस्पतिवार को अमरोहा ब्लॉक के बीडीओ नीरज गर्ग के नेतृत्व में पंचायत सचिवों की टीम के साथ लालू नंगला, नोहरान व शाहिदपुर समेत कई गांवों से गुजर रही बान नदी का दौरा किया। उन्होंने बताया कि अमरोहा ब्लॉक में बान नदी 23 गांवों से होकर गुजरती है। सभी गांवों की सर्वे रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन
नदी के बीच खड़ी गेहूं की फसल
नदी के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन पर पानी का बहाव होने के स्थान पर खेती हो रही है। चक्कालीलेट गांव में तो नदी की जमीन पर पुल के नीचे की गेहूं की फसल को बो दिया गया। नदी की जमीन पर ऐसा एक जगह नहीं, बल्कि कई गांवों में किया गया है। नदी की जमीन पर फसल की बोआई के बाद नदी नाले के स्वरूप में दिखाई देने लगी है। नदी की जमीन पर कब्जे के मामले में राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध दिखाई दे रही है।
नदी का स्वरूप वापस लाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। नदी की जमीन पर कहां कितना अतिक्रमण है, यह भी दिखवाया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। नदी की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों को भी हटवाया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ