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बीस फीट गहरी कुइयां में ढांग गिरने से नेत्रहीन मजदूर की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 17 Sep 2016 02:18 AM IST
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मजदूर के दबते ही ऊपर काम कर रहे मजदूरों ने शोर मचा दिया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही जेसीबी के साथ थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। सवा तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों व तीन जीसीबी के सहायता से मजदूर को को बाहर निकाला जा सका।
लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी। मजदूर की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
थाना क्षेत्र के गांव भीमा सुल्तानपुर निवासी हरपाल सिंह (45) पुत्र प्यारे नेत्रहीन होने के बावजूद भी खेतीबाड़ी व मजदूरी करता था। शुक्रवार सुबह पड़ोसी जबर सिंह व विजय के साथ गांव के ही नत्थू सिंह प्रजापति के खेत में मजदूरी पर कुइयां की खुदाई करने गया था।
सुबह करीब नौ बजे हरपाल बीस फीट गहरी कुइयां में घुसा था। इस दौरान मिट्टी की खुुदाई कर मिट्टी कट्टे में भरकर रस्सी से बांधने का काम कर रहा था, जबकि जबर सिंह व विजय ऊपर से रस्सी को खींचकर मिट्टी बाहर निकाल रहे थे। करीब पौने दस बजे मिट्टी की एक बड़ी ढांग गिर गई। जिससे हरपाल पूरी तरह से दब गया। विजय व जबर सिंह ने शोर मचाया तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में फावड़ों से खोदकर मिट्टी को हटाने का काम शुरू कर दिया।
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लेकिन जितनी मिट्टी बाहर निकाली जा रही थी, उतनी ही और ढांग गिर जाती थी। बात बस से बाहर जाती दिखाई दी, तो पुलिस को सूचना दी गई। जेसीबी को साथ लेकर पुलिस मौके पर पहुंच गई और कुइयां की खुदाई शुरू कराई। लेकिन बार-बार मिट्टी कुइयां में गिरने लगी। तो एक जेसीबी के काम नहीं चला। दो जेसीबी और मंगा ली गईं। इस दौरान भीड़ को पीछे हटाने के लिए तीन थानों की पुलिस के पसीने छूटते दिखाई दिए। तीन जेसीबी व ग्रामीणों की सवा तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाहर हरपाल सिंह को बाहर निकाला जा सका। आनन-फानन में हरपाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहरा लाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरपाल की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
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लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी। मजदूर की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
थाना क्षेत्र के गांव भीमा सुल्तानपुर निवासी हरपाल सिंह (45) पुत्र प्यारे नेत्रहीन होने के बावजूद भी खेतीबाड़ी व मजदूरी करता था। शुक्रवार सुबह पड़ोसी जबर सिंह व विजय के साथ गांव के ही नत्थू सिंह प्रजापति के खेत में मजदूरी पर कुइयां की खुदाई करने गया था।
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सुबह करीब नौ बजे हरपाल बीस फीट गहरी कुइयां में घुसा था। इस दौरान मिट्टी की खुुदाई कर मिट्टी कट्टे में भरकर रस्सी से बांधने का काम कर रहा था, जबकि जबर सिंह व विजय ऊपर से रस्सी को खींचकर मिट्टी बाहर निकाल रहे थे। करीब पौने दस बजे मिट्टी की एक बड़ी ढांग गिर गई। जिससे हरपाल पूरी तरह से दब गया। विजय व जबर सिंह ने शोर मचाया तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में फावड़ों से खोदकर मिट्टी को हटाने का काम शुरू कर दिया।
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लेकिन जितनी मिट्टी बाहर निकाली जा रही थी, उतनी ही और ढांग गिर जाती थी। बात बस से बाहर जाती दिखाई दी, तो पुलिस को सूचना दी गई। जेसीबी को साथ लेकर पुलिस मौके पर पहुंच गई और कुइयां की खुदाई शुरू कराई। लेकिन बार-बार मिट्टी कुइयां में गिरने लगी। तो एक जेसीबी के काम नहीं चला। दो जेसीबी और मंगा ली गईं। इस दौरान भीड़ को पीछे हटाने के लिए तीन थानों की पुलिस के पसीने छूटते दिखाई दिए। तीन जेसीबी व ग्रामीणों की सवा तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाहर हरपाल सिंह को बाहर निकाला जा सका। आनन-फानन में हरपाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहरा लाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरपाल की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।