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मीट फैक्ट्री सील की गई
Updated Sat, 29 Jul 2017 01:58 AM IST
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हस्तिनापुर सेंचुरी में मीट फैक्ट्री सील
बछारायूं क्षेत्र में देर शाम की कार्रवाई, पूर्व विधायक की साझेदारी की प्रशासन कर रहा जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बछरायूं।
हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र स्थित एक मीट फैक्ट्री को जिलाधिकारी के निर्देश पर सील कर दिया गया है। एसडीएम ने कई विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर सील लगा दी। प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्री सेंचुरी क्षेत्र में है और वन विभाग से इसके लिए कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है। दूसरी ओर फैक्ट्री प्रबंधन ने एकतरफा कार्रवाई बताते हुए अपने साथ अन्याय बताया है। एक हफ्ते पहले भी एसडीएम के नेतृत्व में कई विभागों के अधिकारियों ने मीट फैक्ट्री पर छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री एक पूर्व विधायक की है, लेकिन प्रशासन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहा है।
शुक्रवार की शाम एसडीएम संजीव यादव के नेतृत्व में कई विभागों के अधिकारियों ने कस्बा स्थित एक्यू फ्रोजन लिमिटेड पर छापा मारा। एसडीएम ने कटान के लिए लाए जाने वाले पशुओं के एंट्री गेट को सील कर दिया। फैक्ट्री में मौजूद मीट व प्रोसेसिंग को सील नहीं किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पालिका प्रशासन, वन विभाग, बिजली विभाग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आदि ने पुलिस बल की मौजूदगी में फैैक्ट्री के प्रवेश द्वार को सील कर दिया। फैक्ट्री में मौजूद एसडीएम संजीव यादव ने बताया कि फैक्ट्री चलाने के लिए आवश्यक वन विभाग की अनापत्ति प्रबंधन के पास नहीं है। बिना अनुमति के फैक्ट्री चल रही थी। इसी वजह से फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। प्रबंधन से स्टाक की डिटेल ले ली गई है। दो दिन बाद फिर से फैक्ट्री का निरीक्षण किया जाएगा।
फैक्ट्री संचालक अब्दुल्ला ने प्रशासन द्वारा सील करने की कार्रवाई को एकतरफा निर्णय बताते हुए कहा कि जिस समय फैक्ट्री को चलाने की अनुमति तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा दी गई थी। उस समय प्रशासन ने बिना अनापत्ति के हमे फैक्ट्री चलाने की अनुमति कैसे दे दी। एक बंदूक का लाइसेंस जारी करने में भी वन विभाग की एनओसी ली जाती है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री सील करने से पहले उनको प्रशासन की ओर से कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है।
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पूर्व विधायक की साझेदारी पर प्रशासन कर रहा जांच
बछरायूं। मीट फैक्ट्री निर्यात यूनिट है। यहां से तैयार होने वाला माल बाहर भेजा जाता है। क्षेत्र में चर्चा रही है कि इस फैक्ट्री में पूर्व विधायक के साथ ही एक राजनीतिक दल के पूर्व कद्दावर नेता का भी इसमें हिस्सा बताया जा रहा है। लेकिन प्रशासन इस पर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। एसडीएम संजीव यादव का कहना है कि इस बिंदु पर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक की साझेदारी कागजों में है या नहीं इसकी पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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बछारायूं क्षेत्र में देर शाम की कार्रवाई, पूर्व विधायक की साझेदारी की प्रशासन कर रहा जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बछरायूं।
हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र स्थित एक मीट फैक्ट्री को जिलाधिकारी के निर्देश पर सील कर दिया गया है। एसडीएम ने कई विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर सील लगा दी। प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्री सेंचुरी क्षेत्र में है और वन विभाग से इसके लिए कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है। दूसरी ओर फैक्ट्री प्रबंधन ने एकतरफा कार्रवाई बताते हुए अपने साथ अन्याय बताया है। एक हफ्ते पहले भी एसडीएम के नेतृत्व में कई विभागों के अधिकारियों ने मीट फैक्ट्री पर छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री एक पूर्व विधायक की है, लेकिन प्रशासन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहा है।
शुक्रवार की शाम एसडीएम संजीव यादव के नेतृत्व में कई विभागों के अधिकारियों ने कस्बा स्थित एक्यू फ्रोजन लिमिटेड पर छापा मारा। एसडीएम ने कटान के लिए लाए जाने वाले पशुओं के एंट्री गेट को सील कर दिया। फैक्ट्री में मौजूद मीट व प्रोसेसिंग को सील नहीं किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पालिका प्रशासन, वन विभाग, बिजली विभाग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आदि ने पुलिस बल की मौजूदगी में फैैक्ट्री के प्रवेश द्वार को सील कर दिया। फैक्ट्री में मौजूद एसडीएम संजीव यादव ने बताया कि फैक्ट्री चलाने के लिए आवश्यक वन विभाग की अनापत्ति प्रबंधन के पास नहीं है। बिना अनुमति के फैक्ट्री चल रही थी। इसी वजह से फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। प्रबंधन से स्टाक की डिटेल ले ली गई है। दो दिन बाद फिर से फैक्ट्री का निरीक्षण किया जाएगा।
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फैक्ट्री संचालक अब्दुल्ला ने प्रशासन द्वारा सील करने की कार्रवाई को एकतरफा निर्णय बताते हुए कहा कि जिस समय फैक्ट्री को चलाने की अनुमति तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा दी गई थी। उस समय प्रशासन ने बिना अनापत्ति के हमे फैक्ट्री चलाने की अनुमति कैसे दे दी। एक बंदूक का लाइसेंस जारी करने में भी वन विभाग की एनओसी ली जाती है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री सील करने से पहले उनको प्रशासन की ओर से कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है।
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पूर्व विधायक की साझेदारी पर प्रशासन कर रहा जांच
बछरायूं। मीट फैक्ट्री निर्यात यूनिट है। यहां से तैयार होने वाला माल बाहर भेजा जाता है। क्षेत्र में चर्चा रही है कि इस फैक्ट्री में पूर्व विधायक के साथ ही एक राजनीतिक दल के पूर्व कद्दावर नेता का भी इसमें हिस्सा बताया जा रहा है। लेकिन प्रशासन इस पर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। एसडीएम संजीव यादव का कहना है कि इस बिंदु पर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक की साझेदारी कागजों में है या नहीं इसकी पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।