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कोरोना ने छीन लिया माता-पिता का सहारा, योजना से भी हो रहे बेसहारा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 01:21 AM IST
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Corona snatched the support of parents, children are becoming destitute due to the scheme
अमरोहा। कोरोना ने जनपद के सैकड़ों बच्चों से माता-पिता का सहारा छीन लिया। इस बीमारी की वजह से कई बच्चे अनाथ हो गए। ऐसे बच्चों को सहारा देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरूआत की। लेकिन सरकार की इस योजना से भी अनाथ बच्चे बेसहारा होते दिख रहे हैं।
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अप्रैल माह से 252 बच्चों को योजना के जरिए मिलने वाली धनराशि नहीं मिली। ऐसे में वह स्कूल की फीस तक नहीं भर पा रहे हैं।
जनपद में करीब 203 लोगों को कोरोना से मौत हुई थी। कोरोना ने तमाम मासूमों और उनके मां-बाप के ख्वाब चकनाचूर कर दिए। किसी के सिर से मां या पिता का साया छीना और किसी के सिर से दोनों का। जिले में 83 बच्चें ऐसे हैं, जिनके सिर से माता या पिता का साया उठ गया। इसमें सात बच्चें ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना काल में अपने माता-पिता दोनों की खोया है। इसके अलावा 135 ऐसे बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता की कोरोना महामारी के दौरान सामान्य मौत हुई।
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अब ये अपना दादा-दादी, चाचा-मामा और बुआ के साथ रहते हैं। ऐसे बच्चों को प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की। कोरोना से प्रभावित हुए बच्चों को 4000 हजार रुपये प्रतिमाह देने का फैसला किया। जबकि माता-पिता की सामान्य मौत से बेसहारा हुए बच्चों को 2500 रुपये देने का फैसला किया था।
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योजना के तहत केवल मार्च तक पालन पोषण का पैसा मिल सका है। इसके बाद से अभी तक कोई मदद इन्हें नहीं मिली है। ऐसे में उनके सामने फीस, कपड़े समेत जरूरत की अन्य वस्तुओं का संकट खड़ा हो गया है।
33 बच्चों ने किया आवेदन, नहीं मिला योजना का पैसा
अमरोहा। इस साल जनपद के 33 और बच्चों ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आवेदन किया है। कोरोना से उनके सिर से भी मां या पिता का साया उठ गया है। विभाग ने इन सभी बच्चों की जांच पड़ताल करने के बाद अनुमोदित करके डाटा शासन को भेज दिया है। लेकिन अभी तक उन्हें योजना के तहत पैसा नहीं मिल सका।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना व अन्य योजना के तहत बजट स्वीकृत हो चुका है। बाकी की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि अगले दो से चार दिन में बच्चों के खाते में चार-चार हजार रुपये पहुंच जाएंगे। - राजेश चंद गुप्ता, प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी
छह माह से धनराशि नहीं आई
मंडी धनौरा। कोरोना काल में अपने माता-पिता या परिवार के मुखिया को खोने वाले बच्चों को सहारा देने वाले के लिए सरकार द्वारा चलाई गई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में बीते छह माह से कोई धनराशि नहीं आई है। धनराशि नहीं देनेे के कारण बेसहारा बच्चों के पालन पोषण में परेशानी आ रही है। स्कूल की फीस व त्योहारी सीजन होने की वजह से अभिभावकों के सामने उनके भरण पोषण की समस्या आ रही है। नगर के भी तीन भाई-बहनों ने अपने पिता को कोरोना काल में खो दिया था।

अप्रैल से बाल सेवा योजना में स्वीकृत धनराशि नहीं आई तो परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। हालांकि विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में धनराशि आने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि शीघ्र ही अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
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