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Amroha News: कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाला टू लेन ओवरब्रिज का निर्माण अधर में
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अमरोहा। तत्कालीन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के ऐलान के ढाई साल बाद भी कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर टू लेन ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। बिना ओवरब्रिज रोजाना हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस रेलवे क्रॉसिंग पर ज्यादा भीड़ होन के कारण हादसे होते रहते हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा उपचुनाव के दौरान ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की गई थी। निर्माण की लागत 55.44 करोड़ रुपये है। जिसमें बीएसएनएल केबल, बिजली तार-खंभे और वन विभाग को शिफ्टिंग के लिए भुगतान करने वाली रकम भी शामिल है। इस ओवरब्रिज के बनने से स्थानीय लोगों को बड़ा फायदा होगा। हालांकि की जिम्मेदार शासन स्तर से प्रक्रिया पूरी करके जल्द की कार्य शुरू करने का दावा कर रहे हैं।
जिले के गाजियाबाद-मुरादाबाद रेल लाइन पर स्थित कैलसा रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग की जगह रेल उपरिगामी सेतु बनाया जाना है। दरअसल ट्रेनों के आने जाने से रेलवे क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इस मार्ग से अमरोहा-मुरादाबाद आने जाने के लिए वाहनों का सर्वाधिक दबाव रहता है। कुछ मिनट रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से काफी देर तक जाम लग जाता है। राजनीतिक दलों के अलावा स्थानीय लोगों ने रेल उपरिगामी सेतु बनाने की मांग कर चुके हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अक्तूबर 2020 के विधानसभा उप चुनाव के दौरान पूर्व विधायक संगीता चौहान के समर्थन में रैली के दौरान रेलवे ओवरब्रिज बनाने का ऐलान किया था, जिसके बाद नौगांवा सादात की विधायक संगीता चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार ने कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु बनाने के लिए सहमति जताई थी। इसके बाद सेतु निगम लिमिटेड की ओर से 55 करोड़ 44 लाख 99 हजार रुपये का प्रारंभिक बजट भी तैयार कर लिया गया। तत्कालीन डिप्टी सीएम की घोषणा के ढाई साल बाद भी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
शिफ्टिंग पर 72.64 लाख होंगे खर्च
बीएसएनएल-- -- -- -- -- 7.64 लाख
बिजली निगम-- -- -- -25 लाख
वन विभाग-- -- -- -- -- -40 लाख
रेल उपरिगामी सेतु की कुल लंबाई-- -- -- -852.50 मीटर
मुख्य सेतु-रेलवे पोर्शन की लंबाई-- -- -- -- -70 मीटर
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जिले के गाजियाबाद-मुरादाबाद रेल लाइन पर स्थित कैलसा रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग की जगह रेल उपरिगामी सेतु बनाया जाना है। दरअसल ट्रेनों के आने जाने से रेलवे क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इस मार्ग से अमरोहा-मुरादाबाद आने जाने के लिए वाहनों का सर्वाधिक दबाव रहता है। कुछ मिनट रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से काफी देर तक जाम लग जाता है। राजनीतिक दलों के अलावा स्थानीय लोगों ने रेल उपरिगामी सेतु बनाने की मांग कर चुके हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अक्तूबर 2020 के विधानसभा उप चुनाव के दौरान पूर्व विधायक संगीता चौहान के समर्थन में रैली के दौरान रेलवे ओवरब्रिज बनाने का ऐलान किया था, जिसके बाद नौगांवा सादात की विधायक संगीता चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार ने कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु बनाने के लिए सहमति जताई थी। इसके बाद सेतु निगम लिमिटेड की ओर से 55 करोड़ 44 लाख 99 हजार रुपये का प्रारंभिक बजट भी तैयार कर लिया गया। तत्कालीन डिप्टी सीएम की घोषणा के ढाई साल बाद भी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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शिफ्टिंग पर 72.64 लाख होंगे खर्च
बीएसएनएल
बिजली निगम
वन विभाग
रेल उपरिगामी सेतु की कुल लंबाई
मुख्य सेतु-रेलवे पोर्शन की लंबाई