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Amroha News: दिव्यांग शिक्षक की 12 किलोमीटर दूर लगाई बीएलओ ड्यूटी
Wed, 20 Aug 2025 02:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 20 Aug 2025 02:46 AM IST
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गजरौला। प्राथमिक विद्यालय गढ़ावली के सहायक अध्यापक भूषण कुमार की करीब 12 किलोमीटर दूर बीएलओ में ड्यूटी लगाई गई है जबिक वह दिव्यांग है और व्हीलचेयर से ही स्कूल आते है। उनके शरीर के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता है।
प्राथमिक विद्यालय गढ़ावली में नियुक्त चार शिक्षकों की बीएलओ में ड्यूटी लगाई है। चारों को शहवाजपुर डोर, फत्तेहपुर बाटुपुरा, मोहम्मदाबाद व तिगरिया खादर का जिम्मा सौंपा गया है। तिगरिया खादर गांव गढ़ावली से करीब 12 किमी दूर है। स्कूल में तैनात 50 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग सहायक अध्यापक भूषण कुमार को तिगरिया खादर गांव दिया गया है। तिगरिया खादर तक आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है। बाइक या अपनी अन्य सवारी से ही पहुंच सकते हैं।
हापुड़ निवासी भूषण कुमार कांकाठेर में किराए पर रहते हैं। वह व्हीलचेयर से ही स्कूल आते है। भारत भूषण के मुताबिक 50 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद उनकी बीएलओ में ड्यूटी लगाई गई है। वह भी करीब 12 किलोमीटर दूर। प्रधानाध्यापिका कुमारी चूनम देवी ने बताया कि उन्होंने ड्यूटी कटवाने के लिए बीआरसी केंद्र में प्रार्थनापत्र दिया है।
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छह साल से नहीं मिला दिव्यांग भत्ता
सहायक अध्यापक भूषण ने बताया कि उनको एक हजार रुपये दिव्यांग भत्ता मिलता है। वह छह साल से इसी विद्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने दिव्यांग भत्ते के लिए छह साल से उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
वर्जन बीएलओ ड्यूटी उनके कार्यालय से नहीं तहसील से लगाई जाती है। दिव्यांग सहायक अध्यापक की बीएलओ से ड्यूटी कटवाने के लिए पत्र लिखा गया है। - आरती गुप्ता, बीईओ
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प्राथमिक विद्यालय गढ़ावली में नियुक्त चार शिक्षकों की बीएलओ में ड्यूटी लगाई है। चारों को शहवाजपुर डोर, फत्तेहपुर बाटुपुरा, मोहम्मदाबाद व तिगरिया खादर का जिम्मा सौंपा गया है। तिगरिया खादर गांव गढ़ावली से करीब 12 किमी दूर है। स्कूल में तैनात 50 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग सहायक अध्यापक भूषण कुमार को तिगरिया खादर गांव दिया गया है। तिगरिया खादर तक आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है। बाइक या अपनी अन्य सवारी से ही पहुंच सकते हैं।
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हापुड़ निवासी भूषण कुमार कांकाठेर में किराए पर रहते हैं। वह व्हीलचेयर से ही स्कूल आते है। भारत भूषण के मुताबिक 50 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद उनकी बीएलओ में ड्यूटी लगाई गई है। वह भी करीब 12 किलोमीटर दूर। प्रधानाध्यापिका कुमारी चूनम देवी ने बताया कि उन्होंने ड्यूटी कटवाने के लिए बीआरसी केंद्र में प्रार्थनापत्र दिया है।
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छह साल से नहीं मिला दिव्यांग भत्ता
सहायक अध्यापक भूषण ने बताया कि उनको एक हजार रुपये दिव्यांग भत्ता मिलता है। वह छह साल से इसी विद्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने दिव्यांग भत्ते के लिए छह साल से उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
वर्जन बीएलओ ड्यूटी उनके कार्यालय से नहीं तहसील से लगाई जाती है। दिव्यांग सहायक अध्यापक की बीएलओ से ड्यूटी कटवाने के लिए पत्र लिखा गया है। - आरती गुप्ता, बीईओ