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देर रात को जाम से जूझा बिजनौर रोड
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नो एंट्री खत्म होने के बाद ट्रकों के घुसते ही शहर में जाम के झाम से जूझाने लगा। इससे राहगीरों को भारी दिक्कत हुई। वाहन चालकों में आपाधापी की स्थिति देखनों को मिली। जिसे लेकर कई चालकों में नोकझोंक भी हुई। शहर की तमाम सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान पुलिस कर्मी भी नदारद दिखे। घंटों की मशक्कत के बाद जाम खुल सका। इसके बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली।
रात के समय शहर में ट्रकों की एंट्री मुसीबत बनती जा रही है। शनिवार की रात आठ बजे के बाद ट्रकों के शहर में घुसकते ही बिजनौर और जोया की ओर से आने-जाने वाहनों की पहिए थम गए। वाहनों को ठहरते ही शहर की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जोया ओवरब्रिज से लेकर बिजनौर रोड पर नत्थे खां की मस्जिद तक वाहन ही वाहन नजर आए। जबकि दानिशमंदान और नानकचंद रोड पर भी वाहनों के पहिए थम गए। कुछ वाहन निकलने के चक्कर में गलत साइड में जाकर फंस गए। इस दौरान पुलिस कर्मी ड्यूटी से नदारद दिखे। रात बारह बजे के बाद किसी तरह जाम खुल सका। जिसके बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि शहर में जाम की समस्या रोजाना की है। लोगों का कहना है कि शहर में भारी वाहनों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया जाए तो इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
शनिवार को डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फरीदपुर उर्फ नसीरपुर में खुद को कॉमन सर्विस सेंटर की टीम का सदस्य बताकर तीन युवक और दो युवती गांव में पहुंचे। टीम ने ग्रामीणों के आधार कार्ड का नंबर लेकर टीकाकरण के लिए सर्वे शुरू कर दिए। मोबाइल पर आया ओटीपी पूछने पर प्रधान गुलशन सिंह को टीम पर शक हुआ। ग्रामीणों ने
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टीम को घेर लिया। लिहाजा ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में ग्राम प्रधान ने कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया। जिसके बाद टीम को वहां से जाने दिया गया। सीएससी प्रभारी ने मामले ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है। वहीं एसओ सुनील मलिक ने बताया कि इस ग्राम प्रधान ने कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसलिए टीम में शामिल युवक-युवतियों को जाने दिया गया।
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रात के समय शहर में ट्रकों की एंट्री मुसीबत बनती जा रही है। शनिवार की रात आठ बजे के बाद ट्रकों के शहर में घुसकते ही बिजनौर और जोया की ओर से आने-जाने वाहनों की पहिए थम गए। वाहनों को ठहरते ही शहर की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जोया ओवरब्रिज से लेकर बिजनौर रोड पर नत्थे खां की मस्जिद तक वाहन ही वाहन नजर आए। जबकि दानिशमंदान और नानकचंद रोड पर भी वाहनों के पहिए थम गए। कुछ वाहन निकलने के चक्कर में गलत साइड में जाकर फंस गए। इस दौरान पुलिस कर्मी ड्यूटी से नदारद दिखे। रात बारह बजे के बाद किसी तरह जाम खुल सका। जिसके बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि शहर में जाम की समस्या रोजाना की है। लोगों का कहना है कि शहर में भारी वाहनों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया जाए तो इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
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शनिवार को डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फरीदपुर उर्फ नसीरपुर में खुद को कॉमन सर्विस सेंटर की टीम का सदस्य बताकर तीन युवक और दो युवती गांव में पहुंचे। टीम ने ग्रामीणों के आधार कार्ड का नंबर लेकर टीकाकरण के लिए सर्वे शुरू कर दिए। मोबाइल पर आया ओटीपी पूछने पर प्रधान गुलशन सिंह को टीम पर शक हुआ। ग्रामीणों ने
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टीम को घेर लिया। लिहाजा ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में ग्राम प्रधान ने कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया। जिसके बाद टीम को वहां से जाने दिया गया। सीएससी प्रभारी ने मामले ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है। वहीं एसओ सुनील मलिक ने बताया कि इस ग्राम प्रधान ने कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसलिए टीम में शामिल युवक-युवतियों को जाने दिया गया।