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बीडीओ का दावा-किसान ने जानबूझकर चारे में जहर मिलाकर गोवंश की हत्या की
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ग्राम पंचायत सांथलपुर की सरकारी गोशाला में गोवंश की मौतों के मामले में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। छानबीन में पता चला है कि ताहिर ने ही साथियों के साथ मिलकर गोशाला में गायों के लिए हरा चारा पहुंचाया था। चारा खाने के तुरंत बाद गायों की हालत बिगड़ने लगी थी और एक के बाद एक 61 गोवंश की मौत हो गई। ताहिर पर षड्यंत्र के तहत दो वर्गों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और लोक शांतिभंग करने का आरोप है।
साथ ही खंड विकास अधिकारी का दावा है कि चारे में जानबूझकर जहरीला पदार्थ मिलाकर गोवंश की हत्या की गई है। पुलिस ने मामले में ताहिर और उसके अन्य साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के गांव सांथलपुर में वर्ष 2019 में स्थापित हुई गोशाला 188 गोवंश की देखभाल की जा रही थी। ग्राम प्रधान रामौतार और ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद अनस की देखभाल में गोशाला का संचालन होता है। इस गोशाला में चारा खाने से 61 गोवंश की मौत हो गई। जबकि 100 से अधिक गोवंश बीमार हो गए। बड़ीं संख्या में गोवंश की मौत से शासन तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे डीएम बीके त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया। चारे की सप्लाई देने वाले किसान ताहिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विकास खंड अधिकारी गंगेश्वरी रेणु कुमारी की तहरीर पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक ताहिर अपने साथियों के साथ मिलकर गोशाला में गायों के लिए चारा लेकर आया था। चारा खाने के बाद अचानक गोवंश की हालत बिगड़ने लगी और करीब 61 गोवंश की मौत हो गई। आरोप है कि ताहिर ने अपने साथियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत दो वर्गों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने व लोकशांति भंग करने के उद्देश्य से गोवंश के चारे में जानबूझकर जहरीला पदार्थ मिलाकर उनकी हत्या कर दी है।
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एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि आरोपी ताहिर और उसके अन्य साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 429, 120ए, 34, उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3 व 8, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11 और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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साथ ही खंड विकास अधिकारी का दावा है कि चारे में जानबूझकर जहरीला पदार्थ मिलाकर गोवंश की हत्या की गई है। पुलिस ने मामले में ताहिर और उसके अन्य साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के गांव सांथलपुर में वर्ष 2019 में स्थापित हुई गोशाला 188 गोवंश की देखभाल की जा रही थी। ग्राम प्रधान रामौतार और ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद अनस की देखभाल में गोशाला का संचालन होता है। इस गोशाला में चारा खाने से 61 गोवंश की मौत हो गई। जबकि 100 से अधिक गोवंश बीमार हो गए। बड़ीं संख्या में गोवंश की मौत से शासन तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे डीएम बीके त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया। चारे की सप्लाई देने वाले किसान ताहिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विकास खंड अधिकारी गंगेश्वरी रेणु कुमारी की तहरीर पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक ताहिर अपने साथियों के साथ मिलकर गोशाला में गायों के लिए चारा लेकर आया था। चारा खाने के बाद अचानक गोवंश की हालत बिगड़ने लगी और करीब 61 गोवंश की मौत हो गई। आरोप है कि ताहिर ने अपने साथियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत दो वर्गों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने व लोकशांति भंग करने के उद्देश्य से गोवंश के चारे में जानबूझकर जहरीला पदार्थ मिलाकर उनकी हत्या कर दी है।
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एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि आरोपी ताहिर और उसके अन्य साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 429, 120ए, 34, उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3 व 8, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11 और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।