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लखीमपुर की घटना से किसानों में गुस्सा
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अमरोहा। लखीमपुर खीरी में कार चढ़ाने से दो किसानों की मौत के बाद जिले के किसान नेताओं में आक्रोश फैल गया है। किसान नेताओं ने घटना को जघन्य अपराध करार दिया है। कहा कि घटना की बारीकी से जांच कराई जाए। पर्दे के पीछे के चेहरों को बेनकाब किया जाए। क्योंकि साधारण समझ का व्यक्ति यह कृत्य नहीं कर सकता है। दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करने लगे हैं।
किसानों का आरोप है कि लखीमपुर में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कार चढ़ा दी गई। घटना में चार किसानों की मौत हो गई। इस घटना से प्रदेश भर के किसानों में आक्रोश है। जिले के भी किसान नाराज हैं। उन्होंने आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि वह सीधे तौर पर आंदोलन की रणनीति के बारे में बताने से कतरा रहे हैं। दरअसल वह इंतजार करो की नीति पर अमल में जुटे हैं। किसान नेताओं ने एक स्वर में कहा कि घटना के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
किसान नेताओं ने कहा-
घटना दुखद है। सरकार प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराए। दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाए। किसानों के समूह पर वाहन दौड़ाना अक्षम्य अपराध है। भाजपा से जुड़े लोगों का असली चेहरा सामने आ गया है।
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- चौधरी विजयपाल सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
किसानों के साथ अत्याचार बर्दाश्त नही किया जाएगा। शासन और प्रशासन हिटलरशाही को बढ़ावा दे रहे हैं। यह कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना कांड की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए।
- चौधरी उम्मैद सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
जो भी हुआ है बहुत गलत है। हिटलरशाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह कृत्य साधारण समझ का व्यक्ति नहीं कर सकता है। इसके पीछे गहरी साजिश प्रतीत हो रही है। किसानों के सब्र का बांध टूट गया है। किसान ईंट का जवाब पत्थर से देने को तैयार हैं। शासन प्रशासन मुगालते में नहीं रहे।
- चौधरी दिवाकर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू भानु
किसान जायज मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। किसानों के साथ गलत हुआ है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि अपराध करने वाले को उसके करतूत की सजा मिल सके। उसने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे डाली है।- उपेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
किसानों पर बर्बरता बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसा करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना कांड की जांच कराई जाए। किसानों की आवाज नहीं दबा सकते हैं। किसान सहनशील है, लेकिन सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। - कृष्ण कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ
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किसानों का आरोप है कि लखीमपुर में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कार चढ़ा दी गई। घटना में चार किसानों की मौत हो गई। इस घटना से प्रदेश भर के किसानों में आक्रोश है। जिले के भी किसान नाराज हैं। उन्होंने आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि वह सीधे तौर पर आंदोलन की रणनीति के बारे में बताने से कतरा रहे हैं। दरअसल वह इंतजार करो की नीति पर अमल में जुटे हैं। किसान नेताओं ने एक स्वर में कहा कि घटना के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
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किसान नेताओं ने कहा-
घटना दुखद है। सरकार प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराए। दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाए। किसानों के समूह पर वाहन दौड़ाना अक्षम्य अपराध है। भाजपा से जुड़े लोगों का असली चेहरा सामने आ गया है।
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- चौधरी विजयपाल सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
किसानों के साथ अत्याचार बर्दाश्त नही किया जाएगा। शासन और प्रशासन हिटलरशाही को बढ़ावा दे रहे हैं। यह कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना कांड की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए।
- चौधरी उम्मैद सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
जो भी हुआ है बहुत गलत है। हिटलरशाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह कृत्य साधारण समझ का व्यक्ति नहीं कर सकता है। इसके पीछे गहरी साजिश प्रतीत हो रही है। किसानों के सब्र का बांध टूट गया है। किसान ईंट का जवाब पत्थर से देने को तैयार हैं। शासन प्रशासन मुगालते में नहीं रहे।
- चौधरी दिवाकर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू भानु
किसान जायज मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। किसानों के साथ गलत हुआ है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि अपराध करने वाले को उसके करतूत की सजा मिल सके। उसने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे डाली है।- उपेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
किसानों पर बर्बरता बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसा करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना कांड की जांच कराई जाए। किसानों की आवाज नहीं दबा सकते हैं। किसान सहनशील है, लेकिन सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। - कृष्ण कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ