Amroha Seat: प्रत्याशियों के साथ माननीयों की भी अग्निपरीक्षा, सीट पर जीत के लिए कई दिग्गजों ने कीं जनसभाएं
अमरोहा लोकसभा सीट इस बार चर्चा में रही। इसे जीतने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने पूरा जोर लगाते हुए जनसभाएं भी की। शुक्रवार को 12 प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो जाएगा।
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इस बार लोकसभा चुनाव में अमरोहा चर्चित सीट बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री समेत सभी पार्टियों के दिग्गज अमरोहा के चुनावी रण का माहौल अपने-अपने पक्ष में करने के लिए उतरे और एक दूसरे पर खूब निशाने भी साधे। लंबी तैयारी के बाद आज परीक्षा की घड़ी है। जिसमें प्रत्याशियों के साथ-साथ जिले के माननीयों की भी अग्निपरीक्षा होगी।
इस लोकसभा चुनाव में यह सीट दिग्गजों के निशाने पर रही। भाजपा इस सीट को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वेस्ट यूपी की दूसरी जनसभा अमरोहा में ही की। साथ ही पिछले एक माह के भीतर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ तीन जनसभाएं कर चुके हैं।
इतना ही नहीं, दोनों डिप्टी सीएम भी जिले में पहुंचे। वहीं भाजपा के सहयोगी दल रालोद के मुखिया जयंत चौधरी भी जिले में दो बार जनसभाएं कर चुके हैं। इसके अलावा कांग्रेस के प्रत्याशी दानिश अली के लिए राहुल गांधी एवं सपा मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी चुनावी सभा के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर चुके हैं।
वहीं, बसपा प्रत्याशी डॉ. मुजाहिद हुसैन के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती भी जनसभा कर अपने कैडर मतदाताओं के साथ-साथ एवं मुस्लिम मतदाताओं को एक झंडे के नीचे लाने की कोशिश कर गईं। किसी भी पार्टी ने चुनावी माहौल को अपने पक्ष में बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
लिहाजा चुनाव में अब स्थानीय माननीयों की परीक्षा की भी घड़ी आ गई है। जिले में अलग-अलग पदों पर आसीन यह जनप्रतिनिधि पार्टी की कसौटी पर खरा उतरते हुए अपनी पार्टियों के प्रत्याशियों को लोकसभा की दहलीज पर पहुंचाने की कितना कोशिश करेंगे, यह देखने वाली बात होगी।
दो विधानसभा सीटों पर भाजपा तो दो पर सपा का कब्जा
जिले में चार विधानसभा सीटें हैं। दो सीटों पर भाजपा व दो पर समाजवादी पार्टी के विधायकों का कब्जा है। अमरोहा सदर सीट से सपा नेता महबूब अली लगातार पांच बार विधायक हैं। वहीं वहीं, हसनपुर से महेंद्र सिंह खड़गवंशी एवं धनौरा के राजीव तरारा दो बार से विधायक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
नौगांवा सादात सीट पर सपा के समरपाल सिंह काबिज हैं। साथ ही जिले के निवासी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो भाजपा के शिक्षक एमएलसी के रूप में विधान परिषद में यहां का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं, इसी लोकसभा के हिस्से की सीट गढ़मुक्तेश्वर पर भी भाजपा का कब्जा है।
इसके अलावा जिले के 9 निकायों में भाजपा, बसपा, सपा, रालोद के प्रतिनिधि काबिज हैं। वहीं छह ब्लॉक में भी अलग-अलग पार्टियों का कब्जा है। देखना दिलचस्प होगा कि यह माननीय अपनी-अपनी विधानसभाओं एवं क्षेत्रों में अपने प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं को कितना एकजुट कर पाते हैं।