फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Shabnam Amroha Case: News son of shabnam pray to president for mercy of his mother

Shabnam Case: शबनम के बेटे ताज की फरियाद- राष्ट्रपति अंकल... मेरी मां को माफ कर दो

Thu, 18 Feb 2021 11:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 18 Feb 2021 11:35 AM IST
विज्ञापन
Shabnam Amroha Case: News son of shabnam pray to president for mercy of his mother
शबनम केस - फोटो : अमर उजाला

बावनखेड़ी कांड की खलनायिका शबनम और सलीम की फांसी की चर्चाओं के बीच उसके बेटे ताज ने अपनी मां के लिए राष्ट्रपति से गुहार लगाई है जो अब 12 साल का हो गया है। बेटे ताज ने कहा कि राष्ट्रपति अंकल जी, मेरी मां को माफ कर दो। बुलंदशहर में भूड़ चौराहे के समीप सुशील विहार कॉलोनी में रहने वाले उस्मान सैफी के संरक्षण में पल-बढ़ रहे ताज को मां के गुनाहों का अहसास है। उस्मान ने फोन पर बताया कि बेटे ताज ने राष्ट्रपति से मां शबनम को माफ करने की मांग की है।

विज्ञापन


 21 जनवरी को रामपुर जेल में मुलाकात, बेटे को टॉफी और रुपये दिए थे
 फांसी की सजा के चलते रामपुर जेल में कैद शबनम से बेटे ताज और उस्मान ने 21 जनवरी को मुलाकात की थी। जेल में मुलाकात के दौरान बेटे ताज को दुलारते हुए शबनम ने टॉफी के अलावा रुपये भी दिए थे।
विज्ञापन


बेटे से बोली, पढ़ लिख कर अच्छा इंसान बनना
उस्मान ने बताया कि मुलाकात के दौरान शबनम ने बेटे से कहा था कि पढ़ लिख कर अच्छा इंसान बनना है। मन से पढ़ाई करोगे तो आगे बढ़ोगे।

24वीं बार मुलाकात के लिए तैयार हुई शबनम
शबनम के बेटे ताज के अभिभावक उस्मान ने बताया कि ताज को गोद लेने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। हसनपुर तहसील के दौरारा गांव के रहने वाले उस्मान से मुलाकात के लिए शबनम ने जेल से 23 बार इनकार कर दिया। जेल के अफसरों की कोशिशों के बाद मुलाकात को रजामंद हुई। उन्होंने बताया कि शबनम कॉलेज में पढ़ाई में दो साल सीनियर थी। कोशिशों के बाद बच्चे ताज की परवरिश की जिम्मेदारी हासिल की।

विज्ञापन
विज्ञापन

बावनखेड़ी के लोग बोले- फांसी पर लटकाने में अब देर न की जाए

अपने परिवार के खात्मे की दोषी शबनम को मथुरा में फांसी की तैयारी की जानकारी से बावनखेड़ी के ग्रामीणों में कोई मलाल नहीं है, बल्कि खुशी है। ज्यादातर का कहना है कि अपनों के खून से हाथ रंगने वाली शबनम और उसके प्रेमी सलीम को बहुत पहले ही फांसी लग जानी चाहिए थी। अब बिना देरी दोनों को फांसी दी जाए।

लोगों ने कहा...
जावेद
का कहना है कि उस कांड के बाद से शबनम नाम से ही नफरत हो गई है। उसका नाम सुनना भी कोई पसंद नहीं करता। शबनम को मथुरा में फांसी पर लटकाने की तैयारियों की जानकारी मिली तो बहुत सुकून मिला है।
शाहबुद्दीन का कहना है कि यदि अब भी शबनम को फांसी दिया जाना दूसरे अपराधों के लिए नजीर बनेगा। ऐसा जघन्य अपराध करने वालों को शीघ्र फांसी दे देनी चाहिए।
शफीक का कहना है कि शबनम में अपने ही परिवार के सात लोगों की हत्या कर गांव को कलंकित कर दिया। उसे जिंदा रहने का कोई हक नहीं है। उसे जल्द फांसी पर लटकाना चाहिए।
उजैर का कहना है कि शबनम को फांसी पर लटकाए जाने का इंतजार ग्रामीण वर्षों से कर रहे हैं। अब इंतजार खत्म होता नजर आ रहा है।

चाचा-चाची ने भी कोसा शबनम को
बाबनखेड़ी में रह रहे शबनम के चाचा सत्तार अली का कहना है कि शबनम को बहुत पहले ही फांसी पर लटका देना चाहिए था। अब तक उसे क्यों फंदे पर नहीं लटकाया गया। इस बात का मतलब समझ नहीं आता। सत्तार अली की पत्नी फात्मा का कहना है कि हत्याकांड के बाद शबनम को इतने वर्ष तक जिंदा रहने का कोई हक नहीं है। उसे जल्द से जल्द फंदे पर लटका देना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed