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अमरोहा में सबसे उम्रदराज महिला का निधन
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 05 Dec 2017 01:08 AM IST
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अमरोहा के गांव बहादरपुर में साहनिया की निधन के बाद डीजे की थाप पर डांस करते ग्रामीण।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
मौत की खबर मिल जाए तो परिवार पर गमों का पहाड़ टूट जाता है। लोग शोक में डूब जाते हैं। परिवार ही नहीं बल्कि गांव में मातम छा जाता है। यहां तक कि परिवार के सदस्य अन्न भी त्याग देते हैं। लेकिन, अमरोहा के गांव में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां सबसे उम्रदराज महिला साहनिया के निधन पर परिवार ही नहीं पूरे गांव के लोगों ने डीजे पर नाच किया।
सतरंगी गुब्बारों की सजावट और भजनों के साथ गली-मोहल्लों में खुशी-खुशी शव यात्रा निकाली गई। जिसके बाद तिगरी धाम स्थित गंगा मैया के तट पर उनका दाह संस्कार किया गया। मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बहादरपुर का है।
ग्रामीणों के मुताबिक 130 वर्षीय साहनिया के नौ बच्चे हैं। जिसमें चार बेटे और पांच बेटियां है। सबसे बड़ी बेटी जगदेई की उम्र भी 96 साल है। बड़े बेटे राम प्रसाद और उदल की मौत हो चुकी है। साहनिया अपने परपौत्र के बच्चों को भी अपनी गोद के आंचल में खिला चुकी हैं। चार पीढ़ियां देख चुकी साहनिया शारीरिक कमजोरी के चलते लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ थीं। रविवार की रात अचानक उनका निधन हो गया। जिसके बाद पूरे गांव ने खुशी-खुशी साहनिया को अंतिम विदाई दी। तिगरी धाम गंगा घाट पर चौथे नंबर के 75 वर्षीय बेटे अमर सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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फूलों की माला पहनाकर दी अंतिम विदाई
अमरोहा। हसनपुर क्षेत्र के गांव बहादरपुर में 130 वर्षीय साहनिया के निधन के बाद उन्हें परिजनों ने फूलों की माला पहनाकर अंतिम विदाई दी। अर्थी को सजाया गया और डीजे पर भजनों के साथ शव यात्रा निकाली गई। साहनिया चार पीढ़ियां देख चुकी हैं। परपौत्र के भी बच्चे हैं। उनकी उम्र करीब सवा सौ साल से अधिक है। गांव ही नही आसपास के क्षेत्र में इतनी उम्र का व्यक्ति नहीं है।
-देवराज सिंह ग्राम प्रधान पति
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सतरंगी गुब्बारों की सजावट और भजनों के साथ गली-मोहल्लों में खुशी-खुशी शव यात्रा निकाली गई। जिसके बाद तिगरी धाम स्थित गंगा मैया के तट पर उनका दाह संस्कार किया गया। मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बहादरपुर का है।
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ग्रामीणों के मुताबिक 130 वर्षीय साहनिया के नौ बच्चे हैं। जिसमें चार बेटे और पांच बेटियां है। सबसे बड़ी बेटी जगदेई की उम्र भी 96 साल है। बड़े बेटे राम प्रसाद और उदल की मौत हो चुकी है। साहनिया अपने परपौत्र के बच्चों को भी अपनी गोद के आंचल में खिला चुकी हैं। चार पीढ़ियां देख चुकी साहनिया शारीरिक कमजोरी के चलते लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ थीं। रविवार की रात अचानक उनका निधन हो गया। जिसके बाद पूरे गांव ने खुशी-खुशी साहनिया को अंतिम विदाई दी। तिगरी धाम गंगा घाट पर चौथे नंबर के 75 वर्षीय बेटे अमर सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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फूलों की माला पहनाकर दी अंतिम विदाई
अमरोहा। हसनपुर क्षेत्र के गांव बहादरपुर में 130 वर्षीय साहनिया के निधन के बाद उन्हें परिजनों ने फूलों की माला पहनाकर अंतिम विदाई दी। अर्थी को सजाया गया और डीजे पर भजनों के साथ शव यात्रा निकाली गई। साहनिया चार पीढ़ियां देख चुकी हैं। परपौत्र के भी बच्चे हैं। उनकी उम्र करीब सवा सौ साल से अधिक है। गांव ही नही आसपास के क्षेत्र में इतनी उम्र का व्यक्ति नहीं है।
-देवराज सिंह ग्राम प्रधान पति