{"_id":"592dd6734f1c1bfb6ebda782","slug":"amroha-me-bikhar-rahi-thailand-ke-jamun-ki-khushbu","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरोहा की मिट्टी में बिखर रही थाइलैंड के जामुन की खुशबू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरोहा की मिट्टी में बिखर रही थाइलैंड के जामुन की खुशबू
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 31 May 2017 02:00 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा में लगाए गए थाईलैंड के जामुन के दिखाते डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम के लिए देश और विदेश में मशहूर अमरोहा की जमीन पर विदेशी फल भी अपनी खुशबू बिखेर रहे हैं। जी हां, इस जलवायु में भी थाईलैंड का जामुन अपना लगभग 100 ग्राम का फल देने के लिए तैयार है।
चार साल पहले ये पौध लगाई थी प्रकृति डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी ने। अब आठ से 10 दिन बाद ये जामुन पाक कर टूटने के लिए तैयार है। इस जामुन का स्वाद भी लाजवाब है। पहले देश और विदेश में अमरोहा का नाम अपने रसीले आम के लिए जाना जाता था, लेकिन अब विदेशी फल भी इस जमीं पर अपनी खुशबू बिखेरने के लिए तैयार हैं।
इस जलवायु में इन विदेशी फलों का तैयार होना कौतूहल से कम नहीं है, लेकिन सच्चाई यही है। प्रकृति प्रेमी डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी ने बताया कि उन्होंने चार साल पहले थाईलैंड से लाकर इस जामुन की पौध लगाई थी। अब ये फल देने के लिए तैयार हैं। पेड़ों पर अच्छे फल आए हैं।
विज्ञापन
मौसम ने साथ दिया कि आठ से 10 दिन के भीतर जामुन तैयार हो जाएंगे। ये देशी जामुन से पहले तैयारी भी होते हैं। एक फल लगभग 100 ग्राम का होता है। रसीला इतना की स्वाद में लाजवाब कर देता है। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर ही पर्यावरण की सुरक्षा की जा सकती है। इसलिए उन्होंने कालेज परिसर में एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए हैं। इसमें खजूर, सेब, पपीता, लीची, आम, नींबू, लौंग, इलायची आदि सभी प्रकार के पौधे शामिल हैं। यहां हर तरीके की सब्जी की भी खेती होती है।
विज्ञापन
चार साल पहले ये पौध लगाई थी प्रकृति डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी ने। अब आठ से 10 दिन बाद ये जामुन पाक कर टूटने के लिए तैयार है। इस जामुन का स्वाद भी लाजवाब है। पहले देश और विदेश में अमरोहा का नाम अपने रसीले आम के लिए जाना जाता था, लेकिन अब विदेशी फल भी इस जमीं पर अपनी खुशबू बिखेरने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
इस जलवायु में इन विदेशी फलों का तैयार होना कौतूहल से कम नहीं है, लेकिन सच्चाई यही है। प्रकृति प्रेमी डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी ने बताया कि उन्होंने चार साल पहले थाईलैंड से लाकर इस जामुन की पौध लगाई थी। अब ये फल देने के लिए तैयार हैं। पेड़ों पर अच्छे फल आए हैं।
विज्ञापन
मौसम ने साथ दिया कि आठ से 10 दिन के भीतर जामुन तैयार हो जाएंगे। ये देशी जामुन से पहले तैयारी भी होते हैं। एक फल लगभग 100 ग्राम का होता है। रसीला इतना की स्वाद में लाजवाब कर देता है। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर ही पर्यावरण की सुरक्षा की जा सकती है। इसलिए उन्होंने कालेज परिसर में एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए हैं। इसमें खजूर, सेब, पपीता, लीची, आम, नींबू, लौंग, इलायची आदि सभी प्रकार के पौधे शामिल हैं। यहां हर तरीके की सब्जी की भी खेती होती है।