Amroha: रेल रोकने से पहले ही पुलिस ने किसानों पर लगाया पहरा, भाकियू नेताओं को किया नजरबंद, आरपीएफ रही तैनात
अमरोहा जिले में किसानों के रेल रोको एलान के बाद सभी स्टेशनों पर सुरक्षाबलों का कड़ा पहरा रहा। कई जगहों पर भारतीय किसान यूनियन असली के नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। किसान नेताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
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संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन असली द्वारा रेल रोकने के एलान के बाद पुलिस ने पदाधिकारियों पर पहरा लगा दिया। पुलिस ने रविवार तड़के ही गांव वालीपुर में मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह व ग्राम कुआखेड़ा में जिला प्रवक्ता नरेश कुमार को उनके घर पर ही नजरबंद कर लिया। दोपहर दो बजे बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ा।
उधर, रजबपुर क्षेत्र में दोपहर के समय जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया।हालांकि, बाद में पुलिस के समझाने पर किसान लौट गए। इस दौरान पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही।
पुलिस की घेराबंदी के चलते नहीं रोक सके रेल
मंडी धनौरा में भाकियू असली ने रविवार को रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया था। ऐसे में पुलिस अलर्ट हो गई। सुबह छह बजे ही पुलिस की अलग-अलग टीम भाकियू असली के मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह के गांव वालीपुर व जिला प्रवक्ता नरेश कुमार को ग्राम कुआखेड़ा में पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया।
आठ घंटे पुलिस उन पर पहरा लगाए रही। इस बीच तमाम कार्यकर्ता ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए। वहां थाना बछरायूं व धनौरा पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद थी। किसानों ने रेलवे ट्रैक पर जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उनको वहां नहीं जाने दिया। दोपहर दो बजे एसडीएम चंद्रकांता को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग की गई। इस अवसर पर शब्बन चौधरी, पहलवान सिंह, जसपाल सिंह, खचेड़ू सिंह, दिनेश प्रधान, जावेद अली, कलुवा खां, रमेश प्रधान आदि मौजूद थे।
रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ तैनात
मंडी धनौरा में पुलिस प्रशासन ने रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल व राजकीय रेलवे पुलिस के अलावा थाना धनौरा व बछरायूं पुलिस के जवान तैनात थे। रेलवे स्टेशन पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर आरपीएफ व जीआरपी के जवान नजर रखे हुए थे।
ब्लॉक कार्यालय पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। भाकियू कार्यकर्ताओं ने वहां जाने का प्रयास भी किया लेकिन पुलिस बल के सामने उनकी हिम्मत आगे बढ़ने की नहीं हुई।
किसानों के कूच करते ही पुलिस ने कर दी घेराबंदी
रजबपुर में भाकियू असली के जिलाध्यक्ष महावीर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांव नरैना में एकत्र हुए। यहां से दोपहर एक बजे उन्होंने काफूरपुर रेलवे स्टेशन पर रेल रोकने के लिए कूच करने की तैयारी की। स्टेशन पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। यहां अरुण कुमार के नेतृत्व में तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
हालांकि, किसानों ने पुलिस को विरोध भी किया, लेकिन उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार अब पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है। जबकि, लोकतंत्र में आंदोलन करने का सभी को अधिकार है। एमएसपी समेत अन्य मांगों को किसान उठा रहे हैं, जोकि जायज हैं। आगे की आंदोलन की रणनीति जल्द बनाई जाएगी।
हालांकि, बाद में सीओ और थानाध्यक्ष अलका चौधरी से वार्ता के बाद किसान लौट गए। इस दौरान राहुल चाहल, चौधरी रणवीर सिंह, अलीमुद्दीन, चेतन सिंह, गजेंद्र सिंह, जसपाल सिंह, जय सिंह राणा, समरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, किसानों के एलान के चलते दोपहर बाद तक पुलिस रेलवे स्टेशन पर तैनात रही।