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अमरोहा : तिगरी मेले में बनाए जाने थे 21 घाट, अस्तित्व में सिर्फ सात
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तिगरी गंगा में स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
तिगरी धाम (अमरोहा)। तिगरी मेले में श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने के लिए सिर्फ सात स्नान घाट बनाए गए हैं जबकि यहां 21 घाट बनाने का निर्णय लिया गया था। एक-एक घाट पर तीन-तीन सेक्टर के लोग स्नान करेंगे। गंगा द्वारा किए जा रहे कटान के कारण इस बार सात ही घाट रखने का निर्णय लिया गया है।
कार्तिक पूर्णिमा पर लगे तिगरी मेले में 30 से 35 लाख श्रद्धालु स्नान करेंगे। मेले को भव्य, दिव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन पिछले करीब एक महीने से काम कर रहा है। श्रद्धालुओं को स्नान करने में दिक्कत का सामना न हो इसके लिए 21 घाट बनाने का निर्णय लिया गया जिनको बनाने की जिम्मेदारी बाढ़ खंड विभाग को सौंपी गई।
विभाग ने स्नान घाट बनाए जाने के लिए स्थान का चयन कर काम शुरू कर दिया लेकिन गंगा द्वारा लगातार कटान किया जा रहा है और कई जगह पानी की गहराई भी अधिक है। इसके चलते सेक्टर दस से 21 के बीच स्नान घाट पर डुबकी लगाना खतरे से खाली हीं है। किनारे पर ही जल की 15 से 20 फीट गहराई है।
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इसके अलावा बाढ़ खंड विभाग कटान रोकने और स्नान घाट तैयार करने के जितने भी प्रयास करता है, गंगा का पानी कटान कर उस पर पानी फेर देती है। कटान के कारण ही किनारे से श्रद्धालुओं को हटाया जा रहा है। गंगा द्वारा किए जा रहे कटान और जल अधिक होने के कारण यह निर्णय लिया गया है कि अब सात स्नान घाट ही रहेंगे। एक-एक स्नान घाट पर तीन-तीन सेक्टर के श्रद्धालु स्नान करेंगे। स्नान घाट की सेक्टर प्रभारी एवं बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल का कहना है कि मेले में अब सात स्नान घाट ही रहेंगे।
तिगरी मेला : अव्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
तिगरी धाम। गंगा मेले में श्रद्धालुओं ने भारी अव्यवस्था के बीच आस्था की डुबकी लगाई। एक तरफ श्रद्धालु स्नान करते रहे तो वहीं, दूसरी तरफ जेसीबी से स्नान घाट बनाए जाने का काम चलता रहा। वहीं घाटों की संख्या कम होने से श्रद्धालुओं को दो से तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
मेले में मंगलवार को तड़के से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह 8 बजे हजारों श्रद्धालु स्नान करने के लिए स्नान घाट पर उमड़े। भारी अव्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। मेले में सात घाट बनने है लेकिन अभी तक एक का ही काम पूरा हो पाया है। कम घाट होने से श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगा स्नान करने आए सदरपुर निवासी श्रद्धालु कुलदीप सिंह का कहना है कि सेक्टर 14 से 20 तक के श्रद्धालुओं के लिए स्नान घाट की दूरी दो किमी से अधिक है। उधर, जेसीबी स्नान घाट बनाने में लगी रही।
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कार्तिक पूर्णिमा पर लगे तिगरी मेले में 30 से 35 लाख श्रद्धालु स्नान करेंगे। मेले को भव्य, दिव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन पिछले करीब एक महीने से काम कर रहा है। श्रद्धालुओं को स्नान करने में दिक्कत का सामना न हो इसके लिए 21 घाट बनाने का निर्णय लिया गया जिनको बनाने की जिम्मेदारी बाढ़ खंड विभाग को सौंपी गई।
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विभाग ने स्नान घाट बनाए जाने के लिए स्थान का चयन कर काम शुरू कर दिया लेकिन गंगा द्वारा लगातार कटान किया जा रहा है और कई जगह पानी की गहराई भी अधिक है। इसके चलते सेक्टर दस से 21 के बीच स्नान घाट पर डुबकी लगाना खतरे से खाली हीं है। किनारे पर ही जल की 15 से 20 फीट गहराई है।
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इसके अलावा बाढ़ खंड विभाग कटान रोकने और स्नान घाट तैयार करने के जितने भी प्रयास करता है, गंगा का पानी कटान कर उस पर पानी फेर देती है। कटान के कारण ही किनारे से श्रद्धालुओं को हटाया जा रहा है। गंगा द्वारा किए जा रहे कटान और जल अधिक होने के कारण यह निर्णय लिया गया है कि अब सात स्नान घाट ही रहेंगे। एक-एक स्नान घाट पर तीन-तीन सेक्टर के श्रद्धालु स्नान करेंगे। स्नान घाट की सेक्टर प्रभारी एवं बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल का कहना है कि मेले में अब सात स्नान घाट ही रहेंगे।
तिगरी मेला : अव्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
तिगरी धाम। गंगा मेले में श्रद्धालुओं ने भारी अव्यवस्था के बीच आस्था की डुबकी लगाई। एक तरफ श्रद्धालु स्नान करते रहे तो वहीं, दूसरी तरफ जेसीबी से स्नान घाट बनाए जाने का काम चलता रहा। वहीं घाटों की संख्या कम होने से श्रद्धालुओं को दो से तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
मेले में मंगलवार को तड़के से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह 8 बजे हजारों श्रद्धालु स्नान करने के लिए स्नान घाट पर उमड़े। भारी अव्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। मेले में सात घाट बनने है लेकिन अभी तक एक का ही काम पूरा हो पाया है। कम घाट होने से श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगा स्नान करने आए सदरपुर निवासी श्रद्धालु कुलदीप सिंह का कहना है कि सेक्टर 14 से 20 तक के श्रद्धालुओं के लिए स्नान घाट की दूरी दो किमी से अधिक है। उधर, जेसीबी स्नान घाट बनाने में लगी रही।