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Amroha News: पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
Thu, 21 May 2026 02:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 21 May 2026 02:15 AM IST
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अमरोहा। पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच और अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन जनपद अमरोहा के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। कचहरी से जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। लखनऊ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी नाराजगी जताई।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल कुमार चिकारा एडवोकेट ने बताया कि पश्चिमी यूपी के 22 जनपदों के अधिवक्ताओं और वादकारियों को न्याय प्राप्त करने के लिए लगभग 700 से 800 किलोमीटर दूर प्रयागराज जाना पड़ता है, जिससे गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी, आर्थिक बोझ और समय की समस्या के कारण गरीब, किसान, मजदूर और कमजोर वर्ग के लोग न्याय से वंचित रह जाते हैं।
साथ ही उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या के कारण न्याय प्रक्रिया में और अधिक देरी होती है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। पश्चिमी यूपी अपराध, भूमि विवाद, औद्योगिक विवाद और अन्य संवेदनशील मामलों में अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में न्यायिक सुविधा को जनता के करीब लाना आवश्यक है, जिससे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के लक्ष्य को मजबूती मिल सके। बार एसोसिएशन ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पश्चिमी यूपी में उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा ठोस कदम उठाना और केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय को प्रस्ताव भेजना शामिल है।
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इसके साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को शीघ्र लागू करने की मांग की गई है। यह भी कहा है कि अधिवक्ताओं के साथ पुलिस और प्रशासन द्वारा अभद्र व्यवहार, उत्पीड़न, बिना जांच कार्रवाई और लाठीचार्ज की घटनाओं पर रोक लगाई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में भी दोषी अधिकारियों के निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। महासचिव अरशद हुसैन भारती एडवोकेट ने कहा कि यह मांगें लंबे समय से लंबित हैं और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इन पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। इस दौरान शबनम परवीन, मोहम्मद आकिल सैफी, निजाम तुर्की, अमन त्यागी, सचिन सक्सेना, शिवानी, पूनम चौधरी, रोहित चंदेल, इफ्तेखार सैफी आदि मौजूद रहे।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल कुमार चिकारा एडवोकेट ने बताया कि पश्चिमी यूपी के 22 जनपदों के अधिवक्ताओं और वादकारियों को न्याय प्राप्त करने के लिए लगभग 700 से 800 किलोमीटर दूर प्रयागराज जाना पड़ता है, जिससे गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी, आर्थिक बोझ और समय की समस्या के कारण गरीब, किसान, मजदूर और कमजोर वर्ग के लोग न्याय से वंचित रह जाते हैं।
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साथ ही उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या के कारण न्याय प्रक्रिया में और अधिक देरी होती है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। पश्चिमी यूपी अपराध, भूमि विवाद, औद्योगिक विवाद और अन्य संवेदनशील मामलों में अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में न्यायिक सुविधा को जनता के करीब लाना आवश्यक है, जिससे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के लक्ष्य को मजबूती मिल सके। बार एसोसिएशन ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पश्चिमी यूपी में उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा ठोस कदम उठाना और केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय को प्रस्ताव भेजना शामिल है।
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इसके साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को शीघ्र लागू करने की मांग की गई है। यह भी कहा है कि अधिवक्ताओं के साथ पुलिस और प्रशासन द्वारा अभद्र व्यवहार, उत्पीड़न, बिना जांच कार्रवाई और लाठीचार्ज की घटनाओं पर रोक लगाई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में भी दोषी अधिकारियों के निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। महासचिव अरशद हुसैन भारती एडवोकेट ने कहा कि यह मांगें लंबे समय से लंबित हैं और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इन पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। इस दौरान शबनम परवीन, मोहम्मद आकिल सैफी, निजाम तुर्की, अमन त्यागी, सचिन सक्सेना, शिवानी, पूनम चौधरी, रोहित चंदेल, इफ्तेखार सैफी आदि मौजूद रहे।