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तीन दिनों की गिरावट के बाद फिर उफनी गंगा
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:33 AM IST
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गजरौला। पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में गिरावट थी लेकिन रविवार को उफान आ गया। तिगरी में गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़कर 199.50 मीटर पर पहुंच गया। पहाड़ पर हुई बारिश से गंगा उफान की तरफ बढ़ने लगी है।
रविवार को बिजनौर बैराज से गंगा में 36861 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं हरिद्वार से 22183 क्यूसेक पानी निकाला गया है। हालांकि शनिवार को बिजनौर बैराज से 48578 और हरिद्वार से 22989 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। जिसके चलते गंगा का जलस्तर शनिवार के मुकाबले पांच सेमी बढ़ गया। गौरतलब है कि गुरुवार को तिगरी में गंगा इस साल के सर्वाधिक उफान पर पहुंच गई थी। जलस्तर 200 मीटर जा पहुंचा था। उधर खतरे का निशान 202 पर लगा हुआ है। इसका असर यह हुआ कि आस पास खादर के खेतों में पानी घुस गया था। फिलहाल आधा मीटर नीचे जलस्तर चला गया है। किसानों का कहना है कि बढ़ने के बाद घटते जलस्तर ने खेतों का कटान शुरू कर दिया। धीरे-धीरे खेतों का कटान हो रहा है। उधर फसलों के खराब होने का अंदेशा बना हुआ है।
पहाड़ की बारिश गंगा के उफान को तय करती है। अगर पहाड़ पर अधिक बारिश हुई तो यहां सूखे के बाद भी गंगा में बाढ़ आ सकती है। खादर के लोगों बरसात को लेकर आशंकित हैं। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर सिंह ने जलस्तर की पुष्टि की।
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रविवार को बिजनौर बैराज से गंगा में 36861 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं हरिद्वार से 22183 क्यूसेक पानी निकाला गया है। हालांकि शनिवार को बिजनौर बैराज से 48578 और हरिद्वार से 22989 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। जिसके चलते गंगा का जलस्तर शनिवार के मुकाबले पांच सेमी बढ़ गया। गौरतलब है कि गुरुवार को तिगरी में गंगा इस साल के सर्वाधिक उफान पर पहुंच गई थी। जलस्तर 200 मीटर जा पहुंचा था। उधर खतरे का निशान 202 पर लगा हुआ है। इसका असर यह हुआ कि आस पास खादर के खेतों में पानी घुस गया था। फिलहाल आधा मीटर नीचे जलस्तर चला गया है। किसानों का कहना है कि बढ़ने के बाद घटते जलस्तर ने खेतों का कटान शुरू कर दिया। धीरे-धीरे खेतों का कटान हो रहा है। उधर फसलों के खराब होने का अंदेशा बना हुआ है।
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पहाड़ की बारिश गंगा के उफान को तय करती है। अगर पहाड़ पर अधिक बारिश हुई तो यहां सूखे के बाद भी गंगा में बाढ़ आ सकती है। खादर के लोगों बरसात को लेकर आशंकित हैं। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर सिंह ने जलस्तर की पुष्टि की।
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