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सोमवती अमावस्या पर ब्रजघाट में स्नान आज, लग सकता है जाम
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
भाद्रपद में सोमवार के दिन पड़ने वाली सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। इस अमावस्या का विशेष महत्व होने के चलते श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने का अनुमान है। इससे ब्रजघाट हाईवे पर जाम की स्थिति बन सकती है। जाम से निजात के लिए रविवार शाम से ही हाईवे के कटों को बंद कर दिया गया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
भाद्रपद में अमावस्या पर ब्रजघाट गंगा में स्नान को श्रद्धालु उमड़ते हैं। लेकिन इस बार यह अमावस्या सोमवार के दिन पड़ने से विशेष महत्व रखती है। इसलिए श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने का अनुमान है। गंगा में स्नान के लिए मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, संभल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित पश्चिमी प्रदेश के दूरस्थ जनपदों से श्रद्धालु स्नान के लिए उमड़ते हैं। इस दिन गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र दान करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल के भागीदार बनते हैं। ब्रजघाट पुल पर वाहनों का जमावड़ा लगने की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। सीओ अजय कुमार ने बताया कि अमावस्या पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांति व्यवस्था के सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। हाईवे पर वाहनों का जमावड़ा ना लग पाए इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। हाईवे पर बने सभी कटों को बंद कर दिया गया है।
पांडवों के संपूर्ण जीवन में नहीं आई सोमवती अमावस्या
गजरौला। हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबिक सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद शर्मा के मुताबिक इस अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है। इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का फल मिलता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व समझा जाता है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पांडवों के संपूर्ण जीवन में सोमवती अमावस्या नहीं आई। वह सोमवती अमावस्या के लिए तरसते ही रह गए।
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गजरौला।
भाद्रपद में सोमवार के दिन पड़ने वाली सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। इस अमावस्या का विशेष महत्व होने के चलते श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने का अनुमान है। इससे ब्रजघाट हाईवे पर जाम की स्थिति बन सकती है। जाम से निजात के लिए रविवार शाम से ही हाईवे के कटों को बंद कर दिया गया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
भाद्रपद में अमावस्या पर ब्रजघाट गंगा में स्नान को श्रद्धालु उमड़ते हैं। लेकिन इस बार यह अमावस्या सोमवार के दिन पड़ने से विशेष महत्व रखती है। इसलिए श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने का अनुमान है। गंगा में स्नान के लिए मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, संभल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित पश्चिमी प्रदेश के दूरस्थ जनपदों से श्रद्धालु स्नान के लिए उमड़ते हैं। इस दिन गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र दान करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल के भागीदार बनते हैं। ब्रजघाट पुल पर वाहनों का जमावड़ा लगने की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। सीओ अजय कुमार ने बताया कि अमावस्या पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांति व्यवस्था के सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। हाईवे पर वाहनों का जमावड़ा ना लग पाए इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। हाईवे पर बने सभी कटों को बंद कर दिया गया है।
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पांडवों के संपूर्ण जीवन में नहीं आई सोमवती अमावस्या
गजरौला। हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबिक सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद शर्मा के मुताबिक इस अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है। इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का फल मिलता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व समझा जाता है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पांडवों के संपूर्ण जीवन में सोमवती अमावस्या नहीं आई। वह सोमवती अमावस्या के लिए तरसते ही रह गए।
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