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Amroha News: मीटर में यूनिट स्टोर बताकर जारी किया गया 44 हजार का बिल निरस्त
Sat, 21 Jun 2025 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 21 Jun 2025 02:05 AM IST
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अमरोहा।
मीटर खराब होने के बाद यूनिट स्टोर बताकर बिजली विभाग ने महिला उपभोक्ता को 44,259 रुपये का बिल थमा दिया, जबकि वह हर माह बिल का भुगतान कर रही थी। मामले की शिकायत अफसरों से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने बिजली विभाग के तर्क को गलत बताया और उपभोक्ता को जारी किया गया पूरा बिल निरस्त कर दिया। साथ ही बिजली विभाग को उपभोक्ता के लिए परिवाद के रूप में पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
अमरोहा के मोहल्ला दानिशमंदान में दिवंगत मोहम्मद नासिर की पत्नी तैयबा खातून के घर दो किलो वाट का बिजली कनेक्शन है। तैयबा खातून के मुताबिक वह हर माह बिजली बिल जमा करती थीं। साल 2020 में बिजली विभाग की लापरवाही से जर्जर तारों में फाल्ट होने की वजह से उनके विद्युत मीटर डिस्प्ले खराब हो गई। साथ ही घर में लगे बिजली के उपकरण खराब हो गए। तैयबा खातून ने मामले की शिकायत विद्युत वितरण उपखंड अधिकारी अमरोहा से की।
इसके बाद भी बिजली विभाग बिजली का बिल जारी करता रहा और तैयबा उसका भुगतान करते रहीं। 23 नवंबर 2020 को तैयबा ने आखिरी बिजली का बिल जमा किया था, लेकिन इससे पहले 20 नवंबर को बिजली विभाग ने उनका मीटर उतार लिया और उसकी जगह नया मीटर लगा दिया था। इसके कुछ दिन बाद बिजली विभाग ने पुराने मीटर एरिया बताकर 43,141 रुपये का बिल जारी कर दिया। महिला ने बिजली विभाग के अफसरों से इसकी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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कार्रवाई न होने पर पीड़िता गई थी उपभोक्ता फोरम
इस संबंध में तैयबा खातून ने अपने वकील के माध्यम से बिजली विभाग को नोटिस जारी किया, जिसका अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। लिहाजा तैयबा खातून ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। फोरम ने प्रकरण में बिजली विभाग को तलब कर लिया। बिजली विभाग ने तर्क दिया कि मीटर पर क्षमता से अधिक भार प्रयोग करने के कारण मीटर क्षतिग्रस्त हुआ था। साथ ही नए मीटर की रीडिंग के औसत खपत और मीटर सीलिंग के सहायक अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर बल संशोधित किया गया। जिसके आधार पर उपभोक्ता को 44,259 का भुगतान करना है। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने सुनवाई के दौरान बिजली विभाग के पुराने मीटर में विद्युत प्रयोग की यूनिट स्टोर होने की बात को तर्कपूर्ण नहीं माना। साथ ही 44259 के बिल को निरस्त कर दिया। इसके अलावा बिजली विभाग को परिवाद में के रूप में पांच हजार रुपये एक माह के भीतर उपभोक्ता को अदा करने के निर्देश दिए हैं।
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मीटर खराब होने के बाद यूनिट स्टोर बताकर बिजली विभाग ने महिला उपभोक्ता को 44,259 रुपये का बिल थमा दिया, जबकि वह हर माह बिल का भुगतान कर रही थी। मामले की शिकायत अफसरों से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने बिजली विभाग के तर्क को गलत बताया और उपभोक्ता को जारी किया गया पूरा बिल निरस्त कर दिया। साथ ही बिजली विभाग को उपभोक्ता के लिए परिवाद के रूप में पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
अमरोहा के मोहल्ला दानिशमंदान में दिवंगत मोहम्मद नासिर की पत्नी तैयबा खातून के घर दो किलो वाट का बिजली कनेक्शन है। तैयबा खातून के मुताबिक वह हर माह बिजली बिल जमा करती थीं। साल 2020 में बिजली विभाग की लापरवाही से जर्जर तारों में फाल्ट होने की वजह से उनके विद्युत मीटर डिस्प्ले खराब हो गई। साथ ही घर में लगे बिजली के उपकरण खराब हो गए। तैयबा खातून ने मामले की शिकायत विद्युत वितरण उपखंड अधिकारी अमरोहा से की।
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इसके बाद भी बिजली विभाग बिजली का बिल जारी करता रहा और तैयबा उसका भुगतान करते रहीं। 23 नवंबर 2020 को तैयबा ने आखिरी बिजली का बिल जमा किया था, लेकिन इससे पहले 20 नवंबर को बिजली विभाग ने उनका मीटर उतार लिया और उसकी जगह नया मीटर लगा दिया था। इसके कुछ दिन बाद बिजली विभाग ने पुराने मीटर एरिया बताकर 43,141 रुपये का बिल जारी कर दिया। महिला ने बिजली विभाग के अफसरों से इसकी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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कार्रवाई न होने पर पीड़िता गई थी उपभोक्ता फोरम
इस संबंध में तैयबा खातून ने अपने वकील के माध्यम से बिजली विभाग को नोटिस जारी किया, जिसका अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। लिहाजा तैयबा खातून ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। फोरम ने प्रकरण में बिजली विभाग को तलब कर लिया। बिजली विभाग ने तर्क दिया कि मीटर पर क्षमता से अधिक भार प्रयोग करने के कारण मीटर क्षतिग्रस्त हुआ था। साथ ही नए मीटर की रीडिंग के औसत खपत और मीटर सीलिंग के सहायक अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर बल संशोधित किया गया। जिसके आधार पर उपभोक्ता को 44,259 का भुगतान करना है। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने सुनवाई के दौरान बिजली विभाग के पुराने मीटर में विद्युत प्रयोग की यूनिट स्टोर होने की बात को तर्कपूर्ण नहीं माना। साथ ही 44259 के बिल को निरस्त कर दिया। इसके अलावा बिजली विभाग को परिवाद में के रूप में पांच हजार रुपये एक माह के भीतर उपभोक्ता को अदा करने के निर्देश दिए हैं।