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खतरे के मूल्यांकन के बाद प्रत्याशियों को मिलेंगे गनर
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अमरोहा। लोकसभा क्षेत्र सदस्य पद के प्रत्याशियों के जान माल की सुरक्षा के लिए आयोग गंभीर है। प्रत्याशियों के खतरे का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए अफसरों को निर्देश दिया गया है। खतरे के दायरे में आने वाले प्रत्याशियों को गनर उपलब्ध कराए जाएंगे, जो मतदान तक उनके साथ होंगे।
जिले में संसदीय चुनाव के लिए 18 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी 27 मार्च को है। वहीं नाम वापसी 29 मार्च को है। उसी दिन विधि मान्य प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। इसके बाद स्थानीय पुलिस के जरिए जिला प्रशासन प्रत्याशियों के खतरे का मूल्यांकन कराएगा। उनके व्यक्तिगत रिश्ते और समाज में उनका क्या असर है। प्रत्याशी की किससे और किस तरह की रंजिश है। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और थाना की पुलिस बीट के सिपाहियों के जरिए प्रत्याशियों की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद खतरे की जद में आने वाले प्रत्याशियों को गनर दिए जाएंगे। ऐसा माना जा रहा है कि राजनीतिक दलों के प्रमुख प्रत्याशियों को गनर उपलब्ध कराए जाएंगे । वहीं निर्दलीय अथवा छोटे दलों के कुछ प्रत्याशियों को सुरक्षा कर्मी आवंटित किए जा सकते हैं। डीएम उमेश मिश्र ने बताया कि विधि मान्य प्रत्याशियों के खतरे का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके तहत प्रत्याशियों की बाकायदा पड़ताल की जानी है। खतरे की जद वाले प्रत्याशियों को गनर दिए जाएंगे।
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जिले में संसदीय चुनाव के लिए 18 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी 27 मार्च को है। वहीं नाम वापसी 29 मार्च को है। उसी दिन विधि मान्य प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। इसके बाद स्थानीय पुलिस के जरिए जिला प्रशासन प्रत्याशियों के खतरे का मूल्यांकन कराएगा। उनके व्यक्तिगत रिश्ते और समाज में उनका क्या असर है। प्रत्याशी की किससे और किस तरह की रंजिश है। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और थाना की पुलिस बीट के सिपाहियों के जरिए प्रत्याशियों की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद खतरे की जद में आने वाले प्रत्याशियों को गनर दिए जाएंगे। ऐसा माना जा रहा है कि राजनीतिक दलों के प्रमुख प्रत्याशियों को गनर उपलब्ध कराए जाएंगे । वहीं निर्दलीय अथवा छोटे दलों के कुछ प्रत्याशियों को सुरक्षा कर्मी आवंटित किए जा सकते हैं। डीएम उमेश मिश्र ने बताया कि विधि मान्य प्रत्याशियों के खतरे का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके तहत प्रत्याशियों की बाकायदा पड़ताल की जानी है। खतरे की जद वाले प्रत्याशियों को गनर दिए जाएंगे।
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