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Amroha News: ऑडिट आपत्ति में फंसे 24 पूर्व प्रधान, अब जारी होगी आरसी
Wed, 12 Nov 2025 02:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 12 Nov 2025 02:37 AM IST
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अमरोहा। विकास कार्यों में हुए खर्च को लेकर जिले की 24 पंचायतों के पूर्व प्रधान ऑडिट आपत्ति में फंस गए हैं। नोटिस के बाद वसूली नोटिस दिए जाने पर भी इन प्रधानों ने न तो खर्च की रकम का कोई ब्योरा दिया और न ही खर्च रकम को विभागीय खातों में जमा कराया। अब इन सभी पूर्व प्रधानों की आरसी जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऑडिट आपत्ति में फंसे प्रधानों से कुल 33.16 लाख रुपये की वसूली होगी। इसके लिए डीपीआरओ की ओर से डीएम को पत्र भी लिखा गया है।
जिला लेखा परीक्षाधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें द्वारा पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को साल दर साल वित्तीय ऑडिट कराया जाता है। कराए गए विकास कार्यों में भुगतान आदि के साक्ष्य न लगाए जाने पर ऑडिट आपत्ति लग जाती हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 का आडिट करने पर जिले की 24 पंचायतों में 33 लाख 16 हजार 470 रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली है।
इसके लिए कई बार संबंधित पूर्व प्रधानों को नोटिस व वसूली नोटिस भेजे गए, लेकिन इसके बाद भी ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका था। जिसके बाद अब सरकारी धन की वसूली आरसी के जरिए की जाएगी। डीपीआरओ ने सभी पूर्व प्रधानों की आरसी जारी करने के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
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इस तरह की लगी थी आपत्तियां
ऑडिट आपत्तियों के तहत पंचायतों में कराए गए कार्यों के फोटो नहीं लगाए। तो कहीं बिना टेंडर प्रक्रिया को अपनाए भुगतान किए जाने का मामला पकड़ में आया था। इसके अलावा भी कई ऑडिट आपत्तियां लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा लगाई गई थी।
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किस पंचायत में कितनी वित्तीय अनियमितता
विकास खंड गजरौला के बहलोलपुर में पूर्व ग्राम प्रधान गायत्री देवी 57200 रुपये, गंगेश्वरी की ग्राम पंचायत सूवरा में पूर्व ग्राम प्रधान जयदेई 240831 रुपये, ढबारसी में पूर्व प्रधान पारूल 292549 रुपये, हसनपुर के बालानांगल में पूर्व प्रधान सावित्री 256852 रुपये, जलालपुर खुर्द में अरवेंद्र 491805 रुपये, फैय्याजनगर में पूर्व प्रधान केहर सिंह 63425 रुपये, चकूनी में पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह 23625 रुपये, पीपली मेघचंद में पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह 13250 रुपये, घरोंट में पूर्व प्रधान कावेंद्र सिंह 27120 रुपये, ईशापुर शर्की में पूर्व प्रधान निगम सिंह 56000 रुपये, भदौरा में पूर्व प्रधान मेहरबान सिंह राणा व मुकेश 23041 रुपये, दीपपुर में पूर्व प्रधान ममता देवी 14950 रुपये, सब्दलपुर शर्की में पूर्व प्रधान कृपाल सिंह 24650 रुपये, बिजनौरा में पूर्व प्रधान सुनीता देवी 54640 रुपये, धनौरा ब्लाॅक के वसी मुस्तकम में पूर्व प्रधान जैको 99000 रुपये, मलेशिया में पूर्व प्रधान महावीर सिंह 67500 रुपये, चौहड़पुर बगद में पूर्व प्रधान पवन कुमार 99994 रुपये, कैसरा में पूर्व प्रधान सोमपाल सिंह 91205 रुपये, अमरोहा ब्लॉक के सोंडाला फरीदपुर में पूर्व प्रधान साहब देई 71664 रुपये, खालकपुर कला कलां में पूर्व प्रधान सतपाल सिंह 27825 रुपये, सिहाली नारायण में पूर्व प्रधान जयपाल सिंह 176737 रुपये, गालिबबाड़ा में पूर्व प्रधान अनुज 67852 रुपये, दबका में पूर्व प्रधान बब्बू 121558 रुपये, खेड़ा में पूर्व प्रधान अनीसा पर 853197 रुपये की वित्तीय अनियमितता ऑडिट आपत्ति के दौरान पकड़ में आई थी।
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सचिवों के वेतन से भी हुई रिकवरी
ऑडिट आपत्ति में सचिवों को भी दोषी माना गया था। जिसके बाद उनके वेतन से वसूली कर ली गई थी लेकिन पूर्व प्रधानों द्वारा कोई भी वसूली जमा नहीं की गई। जिसके बाद अब आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
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2018-19 के ऑडिट के प्रकरण लंबित रहने पर उक्त प्रधानों को पहले नोटिस, फिर बाद में वसूली नोटिस दिया गया था। ऑडिट आपत्ति का निस्तारण न कराने पर अब आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए डीएम को पत्र लिख दिया गया है। - पारूल सिसोदिया, डीपीआरओ
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जिला लेखा परीक्षाधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें द्वारा पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को साल दर साल वित्तीय ऑडिट कराया जाता है। कराए गए विकास कार्यों में भुगतान आदि के साक्ष्य न लगाए जाने पर ऑडिट आपत्ति लग जाती हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 का आडिट करने पर जिले की 24 पंचायतों में 33 लाख 16 हजार 470 रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली है।
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इसके लिए कई बार संबंधित पूर्व प्रधानों को नोटिस व वसूली नोटिस भेजे गए, लेकिन इसके बाद भी ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका था। जिसके बाद अब सरकारी धन की वसूली आरसी के जरिए की जाएगी। डीपीआरओ ने सभी पूर्व प्रधानों की आरसी जारी करने के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
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इस तरह की लगी थी आपत्तियां
ऑडिट आपत्तियों के तहत पंचायतों में कराए गए कार्यों के फोटो नहीं लगाए। तो कहीं बिना टेंडर प्रक्रिया को अपनाए भुगतान किए जाने का मामला पकड़ में आया था। इसके अलावा भी कई ऑडिट आपत्तियां लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा लगाई गई थी।
किस पंचायत में कितनी वित्तीय अनियमितता
विकास खंड गजरौला के बहलोलपुर में पूर्व ग्राम प्रधान गायत्री देवी 57200 रुपये, गंगेश्वरी की ग्राम पंचायत सूवरा में पूर्व ग्राम प्रधान जयदेई 240831 रुपये, ढबारसी में पूर्व प्रधान पारूल 292549 रुपये, हसनपुर के बालानांगल में पूर्व प्रधान सावित्री 256852 रुपये, जलालपुर खुर्द में अरवेंद्र 491805 रुपये, फैय्याजनगर में पूर्व प्रधान केहर सिंह 63425 रुपये, चकूनी में पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह 23625 रुपये, पीपली मेघचंद में पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह 13250 रुपये, घरोंट में पूर्व प्रधान कावेंद्र सिंह 27120 रुपये, ईशापुर शर्की में पूर्व प्रधान निगम सिंह 56000 रुपये, भदौरा में पूर्व प्रधान मेहरबान सिंह राणा व मुकेश 23041 रुपये, दीपपुर में पूर्व प्रधान ममता देवी 14950 रुपये, सब्दलपुर शर्की में पूर्व प्रधान कृपाल सिंह 24650 रुपये, बिजनौरा में पूर्व प्रधान सुनीता देवी 54640 रुपये, धनौरा ब्लाॅक के वसी मुस्तकम में पूर्व प्रधान जैको 99000 रुपये, मलेशिया में पूर्व प्रधान महावीर सिंह 67500 रुपये, चौहड़पुर बगद में पूर्व प्रधान पवन कुमार 99994 रुपये, कैसरा में पूर्व प्रधान सोमपाल सिंह 91205 रुपये, अमरोहा ब्लॉक के सोंडाला फरीदपुर में पूर्व प्रधान साहब देई 71664 रुपये, खालकपुर कला कलां में पूर्व प्रधान सतपाल सिंह 27825 रुपये, सिहाली नारायण में पूर्व प्रधान जयपाल सिंह 176737 रुपये, गालिबबाड़ा में पूर्व प्रधान अनुज 67852 रुपये, दबका में पूर्व प्रधान बब्बू 121558 रुपये, खेड़ा में पूर्व प्रधान अनीसा पर 853197 रुपये की वित्तीय अनियमितता ऑडिट आपत्ति के दौरान पकड़ में आई थी।
सचिवों के वेतन से भी हुई रिकवरी
ऑडिट आपत्ति में सचिवों को भी दोषी माना गया था। जिसके बाद उनके वेतन से वसूली कर ली गई थी लेकिन पूर्व प्रधानों द्वारा कोई भी वसूली जमा नहीं की गई। जिसके बाद अब आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
2018-19 के ऑडिट के प्रकरण लंबित रहने पर उक्त प्रधानों को पहले नोटिस, फिर बाद में वसूली नोटिस दिया गया था। ऑडिट आपत्ति का निस्तारण न कराने पर अब आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए डीएम को पत्र लिख दिया गया है। - पारूल सिसोदिया, डीपीआरओ