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रक्षाबंधन पर बसों से लेकर ट्रेंनों तक रही भीड़, बस की छत पर भी सफर
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:04 AM IST
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बहनें भाई के घर जाने के लिए उत्साहित, बसों की संख्या कम होने से बनी रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
रक्षाबंधन के त्योहार पर भले ही योगी सरकार ने बहनों के लिए भाई के घर तक जाने के लिए फ्री बस सेवा की हो, लेकिन बसों की संख्या कम होने की वजह से यह यातायात व्यवस्था पूरी तरह से फेल होती नजर आई। बहनों को बसों के इंतजार में कई घंटे तक खड़े रहना पड़ा। सीट को लेकर मारामारी होती रही। बस से लेकर ट्रेनों में भी काफी भीड़भाड़ देखी गई। यात्रियों ने बसों की छत पर बैठकर भी सफर किया।
रविवार सुबह से ही दिल्ली की ओर गजरौला को आने वाली रोडवेज बसों व यहां से दिल्ली व मुरादाबाद को जाने वाली बस व ट्रेन खचाखच भरी रहीं। दोपहर के समय यात्री एक तरफ जहां बसों से उतरने का प्रयास कर रहे थे, तो दूसरी ओर उसमें घुसने के लिए लोग गेट एवं खिड़कियों पर आपाधापी करते रहे। यही हाल गजरौला से धनौरा व गजरौला से हसनपुर की ओर जाने वाली बसों में भी रहा। यही हाल ट्रेनों का भी रहा। ट्रेन से उतरने और उसमें घुसकर सीट पाने की जुगत में कई यात्री आपस में भिड़ते दिखाई दिए। काफी नोकझोंक हुई। अन्य यात्रियों ने दोनों पक्षों को समझा शांत कराया। सड़क यातायात में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसों संख्या कम होने के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अनेकों लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने बस या ट्रेन में भीड़ के कारण अपनी बाइक से ही परिवार समेत यात्रा करना मुनासिब समझा। त्योहार के मौके पर बाइक पर सवार तीन या चार सवारी खूब चलती रहीं। जागरुक दोपहिया वाहन चालक तो हेलमेट पहने नजर आए लेकिन ज्यादातर लोग बगैर हेलमेट ही चले। त्योहार के कारण यातायात पुलिस ने भी ऐसे लोगों को रोकना-टोकने की जरूरत नहीं समझी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
रक्षाबंधन के त्योहार पर भले ही योगी सरकार ने बहनों के लिए भाई के घर तक जाने के लिए फ्री बस सेवा की हो, लेकिन बसों की संख्या कम होने की वजह से यह यातायात व्यवस्था पूरी तरह से फेल होती नजर आई। बहनों को बसों के इंतजार में कई घंटे तक खड़े रहना पड़ा। सीट को लेकर मारामारी होती रही। बस से लेकर ट्रेनों में भी काफी भीड़भाड़ देखी गई। यात्रियों ने बसों की छत पर बैठकर भी सफर किया।
रविवार सुबह से ही दिल्ली की ओर गजरौला को आने वाली रोडवेज बसों व यहां से दिल्ली व मुरादाबाद को जाने वाली बस व ट्रेन खचाखच भरी रहीं। दोपहर के समय यात्री एक तरफ जहां बसों से उतरने का प्रयास कर रहे थे, तो दूसरी ओर उसमें घुसने के लिए लोग गेट एवं खिड़कियों पर आपाधापी करते रहे। यही हाल गजरौला से धनौरा व गजरौला से हसनपुर की ओर जाने वाली बसों में भी रहा। यही हाल ट्रेनों का भी रहा। ट्रेन से उतरने और उसमें घुसकर सीट पाने की जुगत में कई यात्री आपस में भिड़ते दिखाई दिए। काफी नोकझोंक हुई। अन्य यात्रियों ने दोनों पक्षों को समझा शांत कराया। सड़क यातायात में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसों संख्या कम होने के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अनेकों लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने बस या ट्रेन में भीड़ के कारण अपनी बाइक से ही परिवार समेत यात्रा करना मुनासिब समझा। त्योहार के मौके पर बाइक पर सवार तीन या चार सवारी खूब चलती रहीं। जागरुक दोपहिया वाहन चालक तो हेलमेट पहने नजर आए लेकिन ज्यादातर लोग बगैर हेलमेट ही चले। त्योहार के कारण यातायात पुलिस ने भी ऐसे लोगों को रोकना-टोकने की जरूरत नहीं समझी।
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