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पहाड़ों की बारिश से गंगा में हलचल, जलस्तर बढ़ा, प्रशासन हुआ अलर्ट
Updated Sun, 11 Jun 2017 02:03 AM IST
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5 सेमी बढ़ा जलस्तर, गंगा चलीं गांवों की ओर
- संबंधित विभाग के अफसरों की बाढ़ राहत चौकियों पर डयूटी लगाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा/गजरौला।
पहाड़ पर बारिश का असर मैदान में भी दिखने लगा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़ना पड़ रहा है, नतीजतन गंगा अपनी पाट को पार कर गांवों की ओर चल पड़ी हैं। इससे बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। शनिवार को तिगरी में पांच सेंटीमीटर (सेमी) और ब्रजघाट में छह सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर बढ़ा। इससे गंगा के तट व गंगा टापू में बनी झुग्गी झोपड़ियों में पानी भर गया। लोगों ने खतरे को भांपते हुए झुग्गी झोपड़ियां छोड़ दी हैं। इधर, गंगा के बढ़ते जल स्तर को लेकर प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए अलर्ट हो गया है। संबंधित विभागों के अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। वहीं बाढ़ खंड के जेई ने मौके पर पहुंच मुआयना किया। हालांकि गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी दूूर है।
शुक्रवार शाम को बिजनौर बैराज से 11 हजार क्यूसेक और हरिद्वार बैराज से पांच हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। शनिवार को भी गंगा में दोनों बैराज से छोड़ा जा रहा था। बताया जा रहा है कि, इस दिन भी दोनों बैराजों से क्रमश: 11 हजार और पांच हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा जाना है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 131 के मुकाबले पांच सेमी बढ़कर 136 सेमी हो गया और तिगरी गंगा का जलस्तर 130 से बढ़कर 135 हो गया। हालांकि अभी भी गंगा खतरे के निशान से काफी दूर हैं। ब्रजघाट में गंगा के खतरे का निशान 201.9 सेमी और तिगरी गंगा में 202.5 सेमी है। फिलहाल प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए बाढ़ चौकी पर कर्मियों को तैनात कर दिया है।
तीन दिन में 33 हजार क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया
गजरौला। पिछले तीन दिन में 33 हजार क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़ा गया है, जबकि करीब 16 हजार क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम को बिजनौर बैराज से 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, इसके बाद गरुवार और शुक्रवार शाम को भी इतना ही पानी गंगा में छोड़ा गया। इसके अलावा हरिद्वार से बुधवार शाम को छह हजार क्यूसेक, गुरुवार और शुक्रवार शाम को पांच-पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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जेई ने किया तिगरी गंगा निरीक्षण
गजरौला। बाढ़ खंड तिगरी के जेई प्रदीप कुमार सागर ने शनिवार को तिगरी गंगा में बढ़ रहे जलस्तर का निरीक्षण किया। जेई ने बताया कि अभी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी दूर है। अभी घबराने की कोई बात नहीं है। ऐसा हर साल होता है। लेकिन फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।
तटबंधों को दुरुस्त करने के निर्देश
प्रशासन ने सभी राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया है। अफसरों की ड्यूटी लगा दी गई है। बाढ़ खंड विभाग के अफसरों को तटबंधों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विशेषज्ञों ने 29 जून तक दिल्ली समेत आसपास क्षेत्र में मानसून सक्रिय होने की संभावना जताई है। अफसरों का कहना है कि, इससे पहले पंद्रह जून के बाद कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम संचालित कर दिया जाएगा।
90 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में
धनौरा तहसील क्षेत्र और हसनपुर तहसील क्षेत्र के करीब 90 गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। इसमे गंगा नगर, गंगा चोली, ढाको वाली मंढ़ैया, सिसौवाली मंढ़ैया, दयावली, धौरिया, बिडला, ओसिता जगदेपुर, सीफिया फार्म, इब्राहिमपुर, सतेड़ा, मटैना, कबीरपुर, मोहम्मदाबाद, कासमाबाद, मुकारमपुर, विरामपुर आदि शामिल हैं।
बाढ़ से निपटने को तहसीलों पर उपलब्ध हैं सभी उपकरण
अमरोहा। बाढ़ से निपटने के लिए बाढ़ आपदा कार्य योजना तैयार हो चुकी है। हसनपुर और धनौरा तहसील क्षेत्र में ग्यारह बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर दी गईं हैं। संबंधित विभाग के अफसरों की ड्यूटी बाढ़ राहत चौकियों पर लगा दी गई है। दोनों तहसीलों में बाढ़ उपकरण उपलब्ध हैं। इसमें लाइफ जैकेट, लाउडस्पीकर, वायरलेस सिस्टम, कैन, रस्सा आदि उपकरण उपलब्ध हैं। नाव ब्रजघाट से किराए पर मंगाई जाती हैं।
बयान
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां की जा रहीं हैं। बाढ़ खंड विभाग के अफसरों को अलर्ट कर दिया गया है। तटबंधों पर मरम्मत कार्य चल रहा है, उसे जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा के जल स्तर पर नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। पंद्रह जून से कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम चालू हो जाएगा। जो अक्टूबर तक संचालित रहेगा। चौबीस घंटे कंट्रोल रूम संचालित रहेगा। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार को बाढ़ क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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- संबंधित विभाग के अफसरों की बाढ़ राहत चौकियों पर डयूटी लगाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा/गजरौला।
पहाड़ पर बारिश का असर मैदान में भी दिखने लगा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़ना पड़ रहा है, नतीजतन गंगा अपनी पाट को पार कर गांवों की ओर चल पड़ी हैं। इससे बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। शनिवार को तिगरी में पांच सेंटीमीटर (सेमी) और ब्रजघाट में छह सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर बढ़ा। इससे गंगा के तट व गंगा टापू में बनी झुग्गी झोपड़ियों में पानी भर गया। लोगों ने खतरे को भांपते हुए झुग्गी झोपड़ियां छोड़ दी हैं। इधर, गंगा के बढ़ते जल स्तर को लेकर प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए अलर्ट हो गया है। संबंधित विभागों के अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। वहीं बाढ़ खंड के जेई ने मौके पर पहुंच मुआयना किया। हालांकि गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी दूूर है।
शुक्रवार शाम को बिजनौर बैराज से 11 हजार क्यूसेक और हरिद्वार बैराज से पांच हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। शनिवार को भी गंगा में दोनों बैराज से छोड़ा जा रहा था। बताया जा रहा है कि, इस दिन भी दोनों बैराजों से क्रमश: 11 हजार और पांच हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा जाना है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 131 के मुकाबले पांच सेमी बढ़कर 136 सेमी हो गया और तिगरी गंगा का जलस्तर 130 से बढ़कर 135 हो गया। हालांकि अभी भी गंगा खतरे के निशान से काफी दूर हैं। ब्रजघाट में गंगा के खतरे का निशान 201.9 सेमी और तिगरी गंगा में 202.5 सेमी है। फिलहाल प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए बाढ़ चौकी पर कर्मियों को तैनात कर दिया है।
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तीन दिन में 33 हजार क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया
गजरौला। पिछले तीन दिन में 33 हजार क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़ा गया है, जबकि करीब 16 हजार क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम को बिजनौर बैराज से 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, इसके बाद गरुवार और शुक्रवार शाम को भी इतना ही पानी गंगा में छोड़ा गया। इसके अलावा हरिद्वार से बुधवार शाम को छह हजार क्यूसेक, गुरुवार और शुक्रवार शाम को पांच-पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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जेई ने किया तिगरी गंगा निरीक्षण
गजरौला। बाढ़ खंड तिगरी के जेई प्रदीप कुमार सागर ने शनिवार को तिगरी गंगा में बढ़ रहे जलस्तर का निरीक्षण किया। जेई ने बताया कि अभी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी दूर है। अभी घबराने की कोई बात नहीं है। ऐसा हर साल होता है। लेकिन फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।
तटबंधों को दुरुस्त करने के निर्देश
प्रशासन ने सभी राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया है। अफसरों की ड्यूटी लगा दी गई है। बाढ़ खंड विभाग के अफसरों को तटबंधों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विशेषज्ञों ने 29 जून तक दिल्ली समेत आसपास क्षेत्र में मानसून सक्रिय होने की संभावना जताई है। अफसरों का कहना है कि, इससे पहले पंद्रह जून के बाद कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम संचालित कर दिया जाएगा।
90 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में
धनौरा तहसील क्षेत्र और हसनपुर तहसील क्षेत्र के करीब 90 गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। इसमे गंगा नगर, गंगा चोली, ढाको वाली मंढ़ैया, सिसौवाली मंढ़ैया, दयावली, धौरिया, बिडला, ओसिता जगदेपुर, सीफिया फार्म, इब्राहिमपुर, सतेड़ा, मटैना, कबीरपुर, मोहम्मदाबाद, कासमाबाद, मुकारमपुर, विरामपुर आदि शामिल हैं।
बाढ़ से निपटने को तहसीलों पर उपलब्ध हैं सभी उपकरण
अमरोहा। बाढ़ से निपटने के लिए बाढ़ आपदा कार्य योजना तैयार हो चुकी है। हसनपुर और धनौरा तहसील क्षेत्र में ग्यारह बाढ़ राहत चौकियां स्थापित कर दी गईं हैं। संबंधित विभाग के अफसरों की ड्यूटी बाढ़ राहत चौकियों पर लगा दी गई है। दोनों तहसीलों में बाढ़ उपकरण उपलब्ध हैं। इसमें लाइफ जैकेट, लाउडस्पीकर, वायरलेस सिस्टम, कैन, रस्सा आदि उपकरण उपलब्ध हैं। नाव ब्रजघाट से किराए पर मंगाई जाती हैं।
बयान
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां की जा रहीं हैं। बाढ़ खंड विभाग के अफसरों को अलर्ट कर दिया गया है। तटबंधों पर मरम्मत कार्य चल रहा है, उसे जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा के जल स्तर पर नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। पंद्रह जून से कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम चालू हो जाएगा। जो अक्टूबर तक संचालित रहेगा। चौबीस घंटे कंट्रोल रूम संचालित रहेगा। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार को बाढ़ क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।