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तिगरी में स्थिर हुआ जलस्तर, ब्रजघाट में बढ़ोतरी
Updated Tue, 14 Aug 2018 01:24 AM IST
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गजरौला। पहाड़ पर बारिश पड़ने से फिलहाल गंगा के जलस्तर में गिरावट थम गई है। पिछले तीन दिनों से तिगरी गंगा का उफान थमा है। वहीं ब्रजघाट में जलस्तर बढ़ा रहा है। सोमवार को भी तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.80 मीटर और ब्रजघाट में 198.25मीटर दर्ज किया गया है।
सोमवार को गंगा में बिजनौर बैराज से 75003 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। हरिद्वार बैराज से 132187 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से छोड़ा गया यह अब तक सबसे ज्यादा पानी है। आज मंगलवार को बिजनौर से अधिक पानी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। सोमवार को तिगरी में 199.80 और ब्रजघाट में 198.25 मीटर जलस्तर बना है। वैसे तो यह खतरे के निशान से ज्यादा दूर नहीं है लेकिन अभी हालात सामान्य सामान्य हैं। तिगरी में 202 मीटर और ब्रजघाट में 199.34 मीटर पहुंचते ही बाढ़ के हालात बन जाते हैं। आज जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि मैदान और पहाड़ में बारिश हो रही है जिससे े गंगा में पानी का दबाव बन जाएगा। उधर खादर के ग्रामीणों में बेचैनी बनी हुई है। गंगा का पानी अभी भी खेतों में भरा है। इससे खादर के लोगों को चारे की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जेई रणधीर सिंह ने बताया कि बाढ़ का खतरा नहीं है। अगर डेढ़ लाख क्यूसेक के आस पास पानी छोड़ा जाता है तो खतरे की बात होती है।
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सोमवार को गंगा में बिजनौर बैराज से 75003 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। हरिद्वार बैराज से 132187 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से छोड़ा गया यह अब तक सबसे ज्यादा पानी है। आज मंगलवार को बिजनौर से अधिक पानी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। सोमवार को तिगरी में 199.80 और ब्रजघाट में 198.25 मीटर जलस्तर बना है। वैसे तो यह खतरे के निशान से ज्यादा दूर नहीं है लेकिन अभी हालात सामान्य सामान्य हैं। तिगरी में 202 मीटर और ब्रजघाट में 199.34 मीटर पहुंचते ही बाढ़ के हालात बन जाते हैं। आज जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि मैदान और पहाड़ में बारिश हो रही है जिससे े गंगा में पानी का दबाव बन जाएगा। उधर खादर के ग्रामीणों में बेचैनी बनी हुई है। गंगा का पानी अभी भी खेतों में भरा है। इससे खादर के लोगों को चारे की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जेई रणधीर सिंह ने बताया कि बाढ़ का खतरा नहीं है। अगर डेढ़ लाख क्यूसेक के आस पास पानी छोड़ा जाता है तो खतरे की बात होती है।
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