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शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए शिवालयों में उमड़े शिवभक्त
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:06 AM IST
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गजरौला। भगवान महाकाल के महापर्व शिवरात्रि पर शिवभक्तों की भीड़ शिवालयों में उमड़ पड़ी। उन्होंने मंत्रोच्चारण के साथ भोले भंडारी का जलाभिषेक और रुद्राभिषेेक किया। शिवभक्तों ने जलाभिषेक कर भोले भंडारी से मंगल कामना की।
गुरुवार को सावन माह की शिवारात्रि थी। जिसके चलते सुबह से ही शिवालयों में शिवभक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। चाकेश्वर झारखंडी मंदिर में तो पांच बजे ही शिव भक्तों की भारी भीड़ थी। लंबी लाइन में लगकर भक्तों ने जलाभिषेक किया। क्षेत्र के सभी शिवालय शंखनाद और घंटे-घड़ियाल से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने धूप-दीपदान कर पूजा अर्चना की। वहीं बेलपत्र, दही, गंगाजल, घी, शहद, दूध आदि पंचामृत से जलाभिषेक किया। इसके अलावा भांग-धतूरा और मिष्ठान अर्पित किए। जलाभिषेक कर शिवलिंग पर चंदन का टीका लगाते हुए मंगल कामना की। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान महाकाल की स्तुति करते हुए सुख समृद्धि मांगी। सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है। इस महीने शिवरात्रि को जलाभिषेक करने से काफी लाभ मिलता है। भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में तमाम लोगों ने व्रत रखते हुए जलाभिषेक किया। काफी श्रद्धालु हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लाए और शिवालयों में जलाभिषेक किया। कांवड़ियों ने रात बारह बजे से ही जलाभिषेक शुरू कर दिया था, जो लोग कांवड़ नहीं ला पाए, उन्होंने घर में रखे गंगाजल से ही जलाभिषेक किया। इसके अलावा काफी लोग बाइक से भी ब्रजघाट जाकर गंगाजल लेकर आए। गांव देहात के शिव मंदिरों में भी भीड़ उमड़ी रही। वहीं इंदिरा चौक के श्री गंगा प्याऊ मंदिर में भी शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया।
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गुरुवार को सावन माह की शिवारात्रि थी। जिसके चलते सुबह से ही शिवालयों में शिवभक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। चाकेश्वर झारखंडी मंदिर में तो पांच बजे ही शिव भक्तों की भारी भीड़ थी। लंबी लाइन में लगकर भक्तों ने जलाभिषेक किया। क्षेत्र के सभी शिवालय शंखनाद और घंटे-घड़ियाल से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने धूप-दीपदान कर पूजा अर्चना की। वहीं बेलपत्र, दही, गंगाजल, घी, शहद, दूध आदि पंचामृत से जलाभिषेक किया। इसके अलावा भांग-धतूरा और मिष्ठान अर्पित किए। जलाभिषेक कर शिवलिंग पर चंदन का टीका लगाते हुए मंगल कामना की। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान महाकाल की स्तुति करते हुए सुख समृद्धि मांगी। सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है। इस महीने शिवरात्रि को जलाभिषेक करने से काफी लाभ मिलता है। भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में तमाम लोगों ने व्रत रखते हुए जलाभिषेक किया। काफी श्रद्धालु हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लाए और शिवालयों में जलाभिषेक किया। कांवड़ियों ने रात बारह बजे से ही जलाभिषेक शुरू कर दिया था, जो लोग कांवड़ नहीं ला पाए, उन्होंने घर में रखे गंगाजल से ही जलाभिषेक किया। इसके अलावा काफी लोग बाइक से भी ब्रजघाट जाकर गंगाजल लेकर आए। गांव देहात के शिव मंदिरों में भी भीड़ उमड़ी रही। वहीं इंदिरा चौक के श्री गंगा प्याऊ मंदिर में भी शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया।
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