{"_id":"5b47b6a54f1c1bce3b8b4bb9","slug":"191531426469-amroha-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समूह की महिलाओं स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समूह की महिलाओं स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गजरौला। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के 37 वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्वयं सहायता समूहों की कर्ज लिमिट बढ़ाने की घोषणा की गई। वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया।
गुरुवार को गांव पौरारा में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत नाबार्ड के उप महाप्रबंधक आरके श्रीवास्तव और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित करके की। कार्यक्रम में उमंग डेयरीज लिमिटेड और स्पर्श संस्था का भी सहयोग रहा। मुख्य अतिथि महाप्रबंधक आरके श्रीवास्तव ने कहा कि 12 जुलाई 1992 को नाबार्ड की स्थापना हुई थी। नाबार्ड ग्रामीण विकास में अपना योगदान करता है। प्रथमा बैंक के महाप्रबंधक रोहित सेठ ने बताया कि सभी स्वंय सहायता समूहों को प्रथम ग्रेडिंग के पश्चात एक लाख का कर्ज वितरित किया जाएगा। प्रथमा बैंक के क्षेत्रिय प्रबंधक एके वर्मा ने समूह की महिलाओं को समूह में पंच सूत्रों की जानकारी दी। उमंग डेयरीज के मुख्य प्रबंधक संजीव कौल ने कहा कि उमंग डेयरीज गांव में वीएलसी के माध्यम से उचित मूल्य पर दूध खरीदने के लिए तैयार है। 23 स्वयं सहायता समूहों 21 लाख का कर्ज आवंटित किया गया।
विज्ञापन
गुरुवार को गांव पौरारा में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत नाबार्ड के उप महाप्रबंधक आरके श्रीवास्तव और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित करके की। कार्यक्रम में उमंग डेयरीज लिमिटेड और स्पर्श संस्था का भी सहयोग रहा। मुख्य अतिथि महाप्रबंधक आरके श्रीवास्तव ने कहा कि 12 जुलाई 1992 को नाबार्ड की स्थापना हुई थी। नाबार्ड ग्रामीण विकास में अपना योगदान करता है। प्रथमा बैंक के महाप्रबंधक रोहित सेठ ने बताया कि सभी स्वंय सहायता समूहों को प्रथम ग्रेडिंग के पश्चात एक लाख का कर्ज वितरित किया जाएगा। प्रथमा बैंक के क्षेत्रिय प्रबंधक एके वर्मा ने समूह की महिलाओं को समूह में पंच सूत्रों की जानकारी दी। उमंग डेयरीज के मुख्य प्रबंधक संजीव कौल ने कहा कि उमंग डेयरीज गांव में वीएलसी के माध्यम से उचित मूल्य पर दूध खरीदने के लिए तैयार है। 23 स्वयं सहायता समूहों 21 लाख का कर्ज आवंटित किया गया।
विज्ञापन