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गुरूपूर्णिमा: ब्रजघाट गंगा में लाखों श्रद्घालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Mon, 10 Jul 2017 12:53 AM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:53 AM IST
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गुरूपूर्णिमा: ब्रजघाट गंगा में लाखों श्रद्घालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
गुरु पूर्णिमा : गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
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ब्रजघाट और तिगरी धाम पर उमड़े श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त के साथ शुरू हुआ स्नान, दिन भर चला

अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रजघाट गंगा पीठ पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। शनिवार रात 12 बजे के बाद से ही स्नान प्रारंभ हो गया था। स्नान के बाद कांवड़िये जल भरकर अपने गंतव्यों को रवाना हुए। जबकि परिवार के साथ आए श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान और दान आदि कर पुण्य लाभ कमाया। रविवार शाम तक स्नान चलता रहा। घाट पर भंडारों और यज्ञ का आयोजन किया गया। करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
रविवार को गुरूपूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रजघाट गंगा में स्नान के लिए शनिवार रात बारह बजे के बाद से ही आसपास के लोग व पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालु ब्रजघाट गंगा पर पहुंचने शुरू हो गए। रविवार भोर के चार बजे तक ब्रजघाट गंगा तट श्रद्घालुओं से खचखच भर गया। श्रद्घालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सूर्योदय के साथ ही सूर्यदेव को अर्घ्य दिया गया और उपासना की गई। ब्रजघाट पर श्रद्धालुुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन के पुख्ता इंतजाम किए थे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादा कपड़ों में पुलिस कर्मी तैनात रहे। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बरसात से गंगा का जल स्तर बढ़ा होने पर पानी की गहराई अधिक के स्थान पर खतरे का निशान लगाते हुए बैरीकेडिंग की गई। इससे आगे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए नहीं जाने दिया। इस दौरान गंगा तट पर मेले का आयोजन भी किया गया। उधर, तिगरी गंगा तीर्थ पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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व्यास पूर्णिमा से भी जाना जाता है
जानकारों का मानना है कि गुरुपूर्णिमा का यह दिन महाभारत के रचयिता श्रीकृष्ण द्वैपायन जी महाराज ऋषि वेदव्यास का भी जन्मदिन है। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे। उन्हें आदिगुरु कहा जाता है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है। भक्तिकाल के संत घीसादास का भी जन्म इसी दिन हुआ था वे कबीरदास के शिष्य थे। गुरु पूर्णिमा के दिन गंगा में स्नान के बाद गुरूओं को सम्मानित किया जाता है।
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नहीं दिखाई दी पीएसी की नाव
ब्रजघाट पर गुरु पूर्णिमा पर स्नान के लिए पुख्ता इंतजाम तो दिखाई दिए। लेकिन आम दिनों में गंगा में गश्त करती दिखने वाली पीएसी गोताखोरों की नाव रविवार को गंगा में घूमती नहीं दिखाई दी। श्रद्धालु बैरिकेडिंग से बाहर भी निकलकर स्नान कर रहे थे। लेकिन उन्हें रोकने-टोकने के लिए कोई नहीं। बता दें कि पांच जुलाई को जब सीएम योगी आदित्यनाथ आए थे तो प्रशासन ने साधारण नावों को घाट से काफी दूर लगवा दिया था और केवल पीएसी की नाव ही गंगा में दिखाई दे रहीं थीं। जबकि रविवार को गंगा घाट पर सुरक्षा जरूर दिखाई दी लेकिन गंगा की लहरों पर सुरक्षा नदारद थी।
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