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Amroha News: हरिद्वार से फिर छोड़ा 18 हजार क्यूसेक पानी
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गजरौला(अमरोहा)। गंगा में हरिद्वार से 18167 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से भी इतना ही पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ कर 199.10 मीटर हो गया। ब्रजघाट व तिगरी में उफान पर आई गंगा का पानी किनारे की दुकानों, होटल, ढाबों के करीब पहुंच गया है। पुरोहितों व फूल प्रसाद बेचने वाले लोगों की झोपड़ी जलमग्न होने लगी हैं।
शुक्रवार सुबह छह बजे हरिद्वार से गंगा में 18167 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसी बीच बिजनौर बैराज से भी 18167 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि, एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार को जल स्तर 199 मीटर था। हरिद्वार व बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी व हो रही बारिश से गंगा उफान पर है। बाढ़ के पानी के चलते अमरोहा जिले की सीमा में ब्रजघाट के निकट गंगा के उत्तरी किनारे पर पड़ी झोपड़ियां जलमग्न हो गईं। दुकानदारों को सामान तख्त व चारपाई पर रखकर बेचना पड़ रहा है।
उधर, यही हालत तिगरी की भी है। गंगा किनारे दुकानों, होटल, ढाबों के साथ ही पुरोहितों और फूल प्रसाद बेचने वाले लोगों की झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया है। चाय-पकौड़ी की दुकानों तक पानी पहुंचने लगा है। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि तिगरी में खतरे का निशान 202 मीटर है, जबकि तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.10 मीटर है।
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शुक्रवार सुबह छह बजे हरिद्वार से गंगा में 18167 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसी बीच बिजनौर बैराज से भी 18167 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि, एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार को जल स्तर 199 मीटर था। हरिद्वार व बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी व हो रही बारिश से गंगा उफान पर है। बाढ़ के पानी के चलते अमरोहा जिले की सीमा में ब्रजघाट के निकट गंगा के उत्तरी किनारे पर पड़ी झोपड़ियां जलमग्न हो गईं। दुकानदारों को सामान तख्त व चारपाई पर रखकर बेचना पड़ रहा है।
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उधर, यही हालत तिगरी की भी है। गंगा किनारे दुकानों, होटल, ढाबों के साथ ही पुरोहितों और फूल प्रसाद बेचने वाले लोगों की झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया है। चाय-पकौड़ी की दुकानों तक पानी पहुंचने लगा है। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि तिगरी में खतरे का निशान 202 मीटर है, जबकि तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.10 मीटर है।
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