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Amethi News: लेखपालों की कार्यप्रणाली से भड़कीं महिलाएं, प्रदर्शन
Wed, 21 May 2025 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 21 May 2025 12:34 AM IST
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गौरीगंज तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन करती महिलाएं।-स्रोत : ग्रामीण
अमेठी सिटी। लेखपालों की कार्यप्रणाली से नाराज महिलाओं ने मंगलवार को तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। लाठी-डंडों से लैस महिलाएं किसान नेता रीता सिंह के नेतृत्व में नारेबाजी करती हुईं तहसील परिसर पहुंचीं और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपी लेखपालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं का आरोप था कि लेखपाल मौके पर जांच के लिए तो आते हैं, लेकिन जांच महज खानापूर्ति बनकर रह जाती है। उनकी रिपोर्ट के बाद भी पीड़ितों को कोई सहायता नहीं मिलती है। महिलाओं ने बताया कि जामों ब्लॉक के रानी का पुरवा गांव में कुछ दिन पहले गरीब परिवार का घर आग में जल गया था। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और रिपोर्ट भी भेजी, लेकिन पीड़ित परिवार को आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला। किसान नेता रीता सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और पूरी गृहस्थी आग में जल गई, इसके बावजूद सरकारी सहायता तक नहीं मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल फोन नहीं उठाते और पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि लेखपालों की कार्यशैली में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आपदा पीड़ितों को तात्कालिक सहायता देने का स्पष्ट नियम है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। प्रदर्शन के अंत में महिलाओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर लेखपालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर ऊषा, नौरंगा, कमलेश कुमारी, रामलली, श्यामा व सुंदरा आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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महिलाओं का आरोप था कि लेखपाल मौके पर जांच के लिए तो आते हैं, लेकिन जांच महज खानापूर्ति बनकर रह जाती है। उनकी रिपोर्ट के बाद भी पीड़ितों को कोई सहायता नहीं मिलती है। महिलाओं ने बताया कि जामों ब्लॉक के रानी का पुरवा गांव में कुछ दिन पहले गरीब परिवार का घर आग में जल गया था। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और रिपोर्ट भी भेजी, लेकिन पीड़ित परिवार को आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला। किसान नेता रीता सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और पूरी गृहस्थी आग में जल गई, इसके बावजूद सरकारी सहायता तक नहीं मिली।
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उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल फोन नहीं उठाते और पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि लेखपालों की कार्यशैली में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आपदा पीड़ितों को तात्कालिक सहायता देने का स्पष्ट नियम है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। प्रदर्शन के अंत में महिलाओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर लेखपालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर ऊषा, नौरंगा, कमलेश कुमारी, रामलली, श्यामा व सुंदरा आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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