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Amethi News: अगरबत्ती व सत्तू से महिलाएं कर रहीं कमाई
Mon, 19 May 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 19 May 2025 12:53 AM IST
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अमेठी सिटी। ब्लॉक अमेठी के दांदूपुर का आशा महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का स्वावलंबन खुद की बनाई अगरबत्तियों से महक रहा है। गृहस्थी का कार्य निपटाने के साथ ही समूह की महिलाएं मेहनत कर अन्य महिलाओं को स्वावलंबन के लिए प्रेरित कर रही हैं।
100 रुपये बचत के साथ वर्ष 2021 में आशा महिला स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ, जिसमें अध्यक्ष कैसर बानो, सचिव नीलू, कोषाध्यक्ष शायना बानो और सदस्य समीदुन निशा, सायरा बानो, हसीना बानो, रुबीना, रूकशाना, रमजानू व निदा फिरदौश हैं। वर्ष 2022 में महिलाओं ने पहले 30 हजार रुपये की लागत से अगरबत्ती का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय चला तो फिर 30 हजार रुपये लगाकर धूपबत्ती और पांच हजार की लागत से गुलाबजल का काम शुरू किया।
अभी दो माह पूर्व पांच-पांच हजार रुपये की लागत लगाकर पापड़ और सत्तू बनाने का कार्य महिलाओं ने शुरू किया। अयोध्या, प्रयागराज में अगरबत्ती, धूपबत्ती का स्टॉल लगाकर बिक्री की है। वहीं, अभी क्षेत्रीय बाजारों में तैयार माल बेच रही हैं। गांव व आसपास के गांवों के लोग समूह से सीधे भी खरीदारी करते हैं। समूह महीने की करीब 10 हजार रुपये की आमदनी कर रहा है। इससे महिलाओं की आर्थिक बदहाली दूर होने लगी है। साथ ही समूह का कारोबार बढ़ने से उसकी सफलता की कहानी भी दूसरे गावों तक पहुंचने से वहां की महिलाएं भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित हो रही हैं।
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समूह की कोषाध्यक्ष शायना बानाे बताती हैं कि वह कक्षा आठ तक पढ़ी हैं। इस व्यवसाय से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। कहा कि अगरबत्ती, धूपबत्ती, गुलाबजल, पापड़, सत्तू आदि का व्यवसाय किया जा रहा है। व्यवसाय को बड़े स्तर पर करने का प्रयास है।
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100 रुपये बचत के साथ वर्ष 2021 में आशा महिला स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ, जिसमें अध्यक्ष कैसर बानो, सचिव नीलू, कोषाध्यक्ष शायना बानो और सदस्य समीदुन निशा, सायरा बानो, हसीना बानो, रुबीना, रूकशाना, रमजानू व निदा फिरदौश हैं। वर्ष 2022 में महिलाओं ने पहले 30 हजार रुपये की लागत से अगरबत्ती का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय चला तो फिर 30 हजार रुपये लगाकर धूपबत्ती और पांच हजार की लागत से गुलाबजल का काम शुरू किया।
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अभी दो माह पूर्व पांच-पांच हजार रुपये की लागत लगाकर पापड़ और सत्तू बनाने का कार्य महिलाओं ने शुरू किया। अयोध्या, प्रयागराज में अगरबत्ती, धूपबत्ती का स्टॉल लगाकर बिक्री की है। वहीं, अभी क्षेत्रीय बाजारों में तैयार माल बेच रही हैं। गांव व आसपास के गांवों के लोग समूह से सीधे भी खरीदारी करते हैं। समूह महीने की करीब 10 हजार रुपये की आमदनी कर रहा है। इससे महिलाओं की आर्थिक बदहाली दूर होने लगी है। साथ ही समूह का कारोबार बढ़ने से उसकी सफलता की कहानी भी दूसरे गावों तक पहुंचने से वहां की महिलाएं भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित हो रही हैं।
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समूह की कोषाध्यक्ष शायना बानाे बताती हैं कि वह कक्षा आठ तक पढ़ी हैं। इस व्यवसाय से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। कहा कि अगरबत्ती, धूपबत्ती, गुलाबजल, पापड़, सत्तू आदि का व्यवसाय किया जा रहा है। व्यवसाय को बड़े स्तर पर करने का प्रयास है।