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Amethi News: भजन-कीर्तन से मानव जीवन का कल्याण संभव
Sat, 18 Apr 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:29 AM IST
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जामों। अगरांवा स्थित पूरे भोला पांडेय गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार को वृंदावन धाम से आए प्रवाचक मुकेश आनंद महाराज ने कथा के दौरान भगवान भक्ति और भजन-कीर्तन के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य को निर्मल मन और भावपूर्ण होकर भगवान का भजन-कीर्तन करना चाहिए। इसी में मानव जीवन का कल्याण निहित है। उन्होंने बताया कि भगवान सर्वत्र विराजमान हैं और सच्चे मन से स्मरण करने पर वह मनुष्य के जीवन को सुखमय बना सकते हैं। दिन में एक बार भी श्रद्धा के साथ स्मरण करने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर पाप और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान मानव रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। प्रवाचक ने भागवत कथा और भजन-कीर्तन के महत्व को बताते हुए कहा कि इससे मनुष्य का जीवन संतुलित बनता है और वह आत्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है। इस अवसर पर मुख्य यजमान कृपा शंकर पांडेय, सरोज पांडेय, गिरिजा शंकर पांडेय, सुरेश दत्त पांडेय, आशीष कुमार, अभिषेक कुमार सहित आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य को निर्मल मन और भावपूर्ण होकर भगवान का भजन-कीर्तन करना चाहिए। इसी में मानव जीवन का कल्याण निहित है। उन्होंने बताया कि भगवान सर्वत्र विराजमान हैं और सच्चे मन से स्मरण करने पर वह मनुष्य के जीवन को सुखमय बना सकते हैं। दिन में एक बार भी श्रद्धा के साथ स्मरण करने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर पाप और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान मानव रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। प्रवाचक ने भागवत कथा और भजन-कीर्तन के महत्व को बताते हुए कहा कि इससे मनुष्य का जीवन संतुलित बनता है और वह आत्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है। इस अवसर पर मुख्य यजमान कृपा शंकर पांडेय, सरोज पांडेय, गिरिजा शंकर पांडेय, सुरेश दत्त पांडेय, आशीष कुमार, अभिषेक कुमार सहित आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे।
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