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Amethi News: शादी बने यादगार, महंगाई दरकिनार
Sun, 08 Dec 2024 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 08 Dec 2024 01:04 AM IST
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अमेठी सिटी। सहालग का सीजन चल रहा है। अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए कई दूल्हा-दुल्हन अपने कपड़ों और ज्वेलरी पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। दूल्हे की शेरवानी व दुल्हन का लहंगा महंगा भी है, लेकिन लोग दिल खोल कर खर्च करने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
शुभ मुहूर्त में शादियों को लेकर हर कोई उत्साहित है। बराती से लेकर घराती तक दोनों में शादी के खास मौके पर दूल्हा और दुल्हन के कपड़ों को लेकर ज्यादा उत्सुकता है। सजी दुकानों, शोरूम व मॉल में दूल्हे के लिए सफेद शेरवानी तो दुल्हन के लिए ब्राइडल लहंगों की मांग इस बार काफी ज्यादा है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आज की पीढ़ी में शादी-विवाह काफी महंगा हो गया है।
आज के ट्रेंड के अनुसार शहर में दुल्हनों का लहंगा अनिवार्य सा हो गया है। इनमें साइड लहंगा, दुल्हन लहंगा, राजपूत पोशाक, शोवर लहंगे, जिमिचू लहंगे, बरबरी लहंगे, शीफोन लहंगे बाजार में उपलब्ध हैं। शहर की दुकानों पर पसंद नहीं आने पर दुल्हन लखनऊ, रायबरेली व सुल्तानपुर से भी लहंगे ले आ रही हैं। वहीं चढ़ाव की साड़ियां भी शहर में पांच से 10 हजार तक मिल रही हैं। दूल्हे के सूट जहां पांच, सात हजार से 11 हजार रुपये तक मार्केट में उपलब्ध हैं तो वहीं सूट और शेरवानी की खरीदारी भी कर रहे हैं। फिलहाल इन दिनों वैवाहिक सीजन का अंतिम दौर चल रहा है, लेकिन 14 जनवरी से दोबारा शुरू होने वाले वैवाहिक कार्यक्रम को देखते हुए व्यवसायी कपड़ों संग अन्य मांग के अनुसार सामग्री का स्टॉक करने में जुटे हैं।
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5500 से लेकर 20 हजार रुपये तक की शेरवानी
गौरीगंज शहर में दूल्हा घर से संचालित शोरूम के संचालक अखिलेश कुमार शुक्ल ने बताया कि सफेद व क्रीम रंग की शेरवानी की ज्यादा मांग है। उसमें एम्ब्राइडरी, जाल वर्क के साथ सफेद और क्रीम कलर की शेरवानी की लगातार मांग बढ़ी है। वहीं, शेरवानी के हिसाब से दुपट्टा, टोपी और माला की भी मैचिंग होती है। इस बार बाजार में 5500 से लेकर 20 हजार रुपये कीमत तक की शेरवानी बिक रही है। इनमें सात से नौ हजार रुपये कीमत तक की शेरवानी की मांग ज्यादा है।
युवतियों की पसंद क्रॉकटैप परिधान
जिनकी शादी नहीं हुई है, ऐसी युवतियां क्रॉकटैप परिधान को अधिक पसंद कर रहीं हैं। इसमें सिल्क के साथ नेट का कपड़ा उपयोग किया जा रहा है। नेट में भी सफेद रंग की बूंदें और हाफ नेक टॉप परिधान की शोभा बढ़ा रहा है।
भारी भरकम परिधान का चलन खत्म
कपड़ा व्यापारी कपिल जायसवाल बताते हैं कि शादी में दुल्हन भारी भरकम परिधान नहीं पहनती हैं। यही कारण है कि हल्के कपड़े और डिजाइनर लहंगे बाजार में हैं। लाल लहंगा पुराना हो गया है। मैरून रंग का लहंगा अधिक पसंद किया जा रहा है। कपड़ा व्यापारी रोशनलाल अग्रहरि ने बताया कि लहंगे पर कढ़ाई के साथ हल्के कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। शेरवानी में सफेद और क्रीम कलर की अधिक मांग है।
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शुभ मुहूर्त में शादियों को लेकर हर कोई उत्साहित है। बराती से लेकर घराती तक दोनों में शादी के खास मौके पर दूल्हा और दुल्हन के कपड़ों को लेकर ज्यादा उत्सुकता है। सजी दुकानों, शोरूम व मॉल में दूल्हे के लिए सफेद शेरवानी तो दुल्हन के लिए ब्राइडल लहंगों की मांग इस बार काफी ज्यादा है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आज की पीढ़ी में शादी-विवाह काफी महंगा हो गया है।
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आज के ट्रेंड के अनुसार शहर में दुल्हनों का लहंगा अनिवार्य सा हो गया है। इनमें साइड लहंगा, दुल्हन लहंगा, राजपूत पोशाक, शोवर लहंगे, जिमिचू लहंगे, बरबरी लहंगे, शीफोन लहंगे बाजार में उपलब्ध हैं। शहर की दुकानों पर पसंद नहीं आने पर दुल्हन लखनऊ, रायबरेली व सुल्तानपुर से भी लहंगे ले आ रही हैं। वहीं चढ़ाव की साड़ियां भी शहर में पांच से 10 हजार तक मिल रही हैं। दूल्हे के सूट जहां पांच, सात हजार से 11 हजार रुपये तक मार्केट में उपलब्ध हैं तो वहीं सूट और शेरवानी की खरीदारी भी कर रहे हैं। फिलहाल इन दिनों वैवाहिक सीजन का अंतिम दौर चल रहा है, लेकिन 14 जनवरी से दोबारा शुरू होने वाले वैवाहिक कार्यक्रम को देखते हुए व्यवसायी कपड़ों संग अन्य मांग के अनुसार सामग्री का स्टॉक करने में जुटे हैं।
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5500 से लेकर 20 हजार रुपये तक की शेरवानी
गौरीगंज शहर में दूल्हा घर से संचालित शोरूम के संचालक अखिलेश कुमार शुक्ल ने बताया कि सफेद व क्रीम रंग की शेरवानी की ज्यादा मांग है। उसमें एम्ब्राइडरी, जाल वर्क के साथ सफेद और क्रीम कलर की शेरवानी की लगातार मांग बढ़ी है। वहीं, शेरवानी के हिसाब से दुपट्टा, टोपी और माला की भी मैचिंग होती है। इस बार बाजार में 5500 से लेकर 20 हजार रुपये कीमत तक की शेरवानी बिक रही है। इनमें सात से नौ हजार रुपये कीमत तक की शेरवानी की मांग ज्यादा है।
युवतियों की पसंद क्रॉकटैप परिधान
जिनकी शादी नहीं हुई है, ऐसी युवतियां क्रॉकटैप परिधान को अधिक पसंद कर रहीं हैं। इसमें सिल्क के साथ नेट का कपड़ा उपयोग किया जा रहा है। नेट में भी सफेद रंग की बूंदें और हाफ नेक टॉप परिधान की शोभा बढ़ा रहा है।
भारी भरकम परिधान का चलन खत्म
कपड़ा व्यापारी कपिल जायसवाल बताते हैं कि शादी में दुल्हन भारी भरकम परिधान नहीं पहनती हैं। यही कारण है कि हल्के कपड़े और डिजाइनर लहंगे बाजार में हैं। लाल लहंगा पुराना हो गया है। मैरून रंग का लहंगा अधिक पसंद किया जा रहा है। कपड़ा व्यापारी रोशनलाल अग्रहरि ने बताया कि लहंगे पर कढ़ाई के साथ हल्के कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। शेरवानी में सफेद और क्रीम कलर की अधिक मांग है।