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त्रिसुंडी में मेगा यूनिट लगाएगी वरुण बेवरेज लिमिटेड
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गौरीगंज/जगदीशपुर (अमेठी)। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पहल के तहत पेय पदार्थ की बड़ी कंपनी मेसर्स वरुण बेवरेज लिमिटेड अमेठी के त्रिसुंडी में मेगा यूनिट लगाएगी। 661 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यूनिट के लगने से क्षेत्र के 500 से अधिक बेरोजगार युवाओं को प्रत्यक्ष व 1500 को अप्रत्यक्ष रोगजार मिलेगा। प्लांट संचालन शुरू होने के बाद यहां फलों के जूस व अन्य पेय पदार्थ की पैकिंग का काम होगा। हरदोई व चित्रकूट के बाद कंपनी का यह तीसरा बड़ा प्लांट होगा।
औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर, टिकरिया व कौहार में कई बड़ी फैक्टरियां बंद पड़ी हैं तो त्रिसुंडी में नाम मात्र की इकाइयां संचालित होती हैं। हालांकि पिछले दो-तीन सालों में एक बार फिर से इंडस्ट्रियल एरिया में रौनक दिखने लगी है। इसी वर्ष 21 मई को एसएलएमजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने कोका कोला पेय पदार्थ की पैकेजिंग के लिए करीब 700 करोड़ रुपये की लागत का अत्याधुनिक ऑटोमेटिक प्लांट भादर ब्लॉक के औद्योगिक क्षेत्र त्रिसुंडी में स्थापित किया था।
इस प्लांट में पेय पदार्थों की पैकेजिंग का काम एकीकृत/अत्याधुनिक विधियों पर आधारित एएसएपी तकनीक और पूर्णत: स्वचालित बाटलिंग प्लांट के तहत किया जाएगा। पांच माह के भीतर एक बार फिर शीतल पेय पदार्थ के क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में शुमार मेसर्स वरुण बेवरेज लिमिटेड भी त्रिसुंडी में मेगा यूनिट स्थापित करने जा रही है। इस इकाई की स्थापना लागत 661 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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कंपनी के सूत्र बताते हैं कि इस यूनिट का संचालन शुरू होने के बाद करीब पांच सौ से अधिक बेरोजगार युवाओं को प्रत्यक्ष तो 1500 को अप्रत्यक्ष रोजगार हासिल होगा। वरुण बेवरेज लिमिटेड भारत में पेप्सी के बॉटलर के रूप में 30 वर्षों से अधिक समय से काम कर रही है। कंपनी अलग-अलग शहरों में प्राधिकरण से भूखंड लेकर अपने प्लांट स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी अब त्रिसुंडी में अपना नया प्लांट स्थापित करने जा रही है। इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा बल्कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की पूर्ति में भी यह निवेश सहायक साबित होगा।
10 दिनों में पूरी हुई प्रक्रिया
उतर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) अयोध्या के क्षेत्रीय प्रबंधक केएन श्रीवास्तव ने बताया कि उद्यमियों को प्रोत्साहन और सहयोग देने के लिए प्राधिकरण ने अपनी स्ट्रेटजी में परिवर्तन किया है। पहले जहां किसी इकाई को स्थापित करने के लिए औपचारिकता पूरी करने में महीनों लगते थे वहीं अब यह प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की जा रही है। श्रीवास्तव ने बताया कि मेसर्स वरुण बेवरेज लिमिटेड को 26.09 एकड़ भूखंड आवंटन की सारी प्रक्रिया महज 10 दिनों के भीतर पूरी की गई।
एक साल में शुरू होगी इकाई
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि उद्यमी वरुण ने प्रक्रिया तीव्र गति से पूरा करने के लिए यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी का आभार जताया है। यह भी कहा है कि अधिकतम एक वर्ष के भीतर इकाई में निर्माण कार्य पूरा कर उत्पादन कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डीजीएम ने लिया आवंटन पत्र
कंपनी के डीजीएम नीरज मेहरोत्रा ने बुधवार को अयोध्या स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय प्रबंधक केएन श्रीवास्तव से मुलाकात की। क्षेत्रीय प्रबंधक व वित्त एवं लेखाधिकारी धर्मचंद्र ने उन्हें भूखंड का आवंटन पत्र दिया।
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औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर, टिकरिया व कौहार में कई बड़ी फैक्टरियां बंद पड़ी हैं तो त्रिसुंडी में नाम मात्र की इकाइयां संचालित होती हैं। हालांकि पिछले दो-तीन सालों में एक बार फिर से इंडस्ट्रियल एरिया में रौनक दिखने लगी है। इसी वर्ष 21 मई को एसएलएमजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने कोका कोला पेय पदार्थ की पैकेजिंग के लिए करीब 700 करोड़ रुपये की लागत का अत्याधुनिक ऑटोमेटिक प्लांट भादर ब्लॉक के औद्योगिक क्षेत्र त्रिसुंडी में स्थापित किया था।
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इस प्लांट में पेय पदार्थों की पैकेजिंग का काम एकीकृत/अत्याधुनिक विधियों पर आधारित एएसएपी तकनीक और पूर्णत: स्वचालित बाटलिंग प्लांट के तहत किया जाएगा। पांच माह के भीतर एक बार फिर शीतल पेय पदार्थ के क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में शुमार मेसर्स वरुण बेवरेज लिमिटेड भी त्रिसुंडी में मेगा यूनिट स्थापित करने जा रही है। इस इकाई की स्थापना लागत 661 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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कंपनी के सूत्र बताते हैं कि इस यूनिट का संचालन शुरू होने के बाद करीब पांच सौ से अधिक बेरोजगार युवाओं को प्रत्यक्ष तो 1500 को अप्रत्यक्ष रोजगार हासिल होगा। वरुण बेवरेज लिमिटेड भारत में पेप्सी के बॉटलर के रूप में 30 वर्षों से अधिक समय से काम कर रही है। कंपनी अलग-अलग शहरों में प्राधिकरण से भूखंड लेकर अपने प्लांट स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी अब त्रिसुंडी में अपना नया प्लांट स्थापित करने जा रही है। इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा बल्कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की पूर्ति में भी यह निवेश सहायक साबित होगा।
10 दिनों में पूरी हुई प्रक्रिया
उतर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) अयोध्या के क्षेत्रीय प्रबंधक केएन श्रीवास्तव ने बताया कि उद्यमियों को प्रोत्साहन और सहयोग देने के लिए प्राधिकरण ने अपनी स्ट्रेटजी में परिवर्तन किया है। पहले जहां किसी इकाई को स्थापित करने के लिए औपचारिकता पूरी करने में महीनों लगते थे वहीं अब यह प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की जा रही है। श्रीवास्तव ने बताया कि मेसर्स वरुण बेवरेज लिमिटेड को 26.09 एकड़ भूखंड आवंटन की सारी प्रक्रिया महज 10 दिनों के भीतर पूरी की गई।
एक साल में शुरू होगी इकाई
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि उद्यमी वरुण ने प्रक्रिया तीव्र गति से पूरा करने के लिए यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी का आभार जताया है। यह भी कहा है कि अधिकतम एक वर्ष के भीतर इकाई में निर्माण कार्य पूरा कर उत्पादन कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डीजीएम ने लिया आवंटन पत्र
कंपनी के डीजीएम नीरज मेहरोत्रा ने बुधवार को अयोध्या स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय प्रबंधक केएन श्रीवास्तव से मुलाकात की। क्षेत्रीय प्रबंधक व वित्त एवं लेखाधिकारी धर्मचंद्र ने उन्हें भूखंड का आवंटन पत्र दिया।