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लॉकडाउन के दूसरे दिन भी पसरा रहा सन्नाटा
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अमेठी। लॉकडाउन के दूसरे दिन भी जिले में सन्नाटा पसरा रहा। सभी छोटे-बड़े बाजारों में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। लोगों ने भी लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए घर से बाहर निकलने में परहेज किया। इलाकाई पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अफसर लगातार भ्रमण करते रहे।
शासन के निर्देश पर शुक्रवार रात दस बजे से घोषित 55 घंटे के लॉकडाउन के दूसरे दिन भी जिले में सन्नाटा पसरा रहा। जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में लॉकडाउन का पूरा असर दिखा। तकरीबन सभी दुकानें भी बंद रहीं।
रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते ज्यादातर लोग घरों से नहीं निकले। रोडवेज के साथ ही प्राइवेट वाहनों के आवागमन पर पाबंदी के चलते सड़कें भी सूनी दिखीं। कुछ निजी वाहन जरूर आते-जाते देखे गए लेकिन वह भी ग्रामीण क्षेत्रों में। इलाकाई पुलिस अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रही।
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बाजारों में कुछ देर के अंतराल पर पुलिस वाहनों के हूटर की आवाज ही सन्नाटे को तोड़ रही थी। पुलिस कर्मी लगातार भ्रमणशील रहकर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में रहने की अपील करते दिखे। हालांकि जिला स्तरीय अफसर तो रविवार को नहीं दिखे लेकिन तहसील स्तरीय अफसर क्षेत्र का दौरा करते देखे गए।
ग्रामीण इलाकों में मेडिकल तो शहरी इलाकों में मेडिकल के अलावा पैथालॉजी व दूध आदि की दुकानें ही खुलीं। बाइक व निजी वाहन से सड़क पर निकले लोगों को पुलिस रोककर बाहर निकलने की वजह पूछती रही। आवश्यक समझने पर जाने दिया गया तो सही कारण न बता पाने वालों को हिदायत देकर वापस भेजा गया।
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शासन के निर्देश पर शुक्रवार रात दस बजे से घोषित 55 घंटे के लॉकडाउन के दूसरे दिन भी जिले में सन्नाटा पसरा रहा। जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में लॉकडाउन का पूरा असर दिखा। तकरीबन सभी दुकानें भी बंद रहीं।
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रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते ज्यादातर लोग घरों से नहीं निकले। रोडवेज के साथ ही प्राइवेट वाहनों के आवागमन पर पाबंदी के चलते सड़कें भी सूनी दिखीं। कुछ निजी वाहन जरूर आते-जाते देखे गए लेकिन वह भी ग्रामीण क्षेत्रों में। इलाकाई पुलिस अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रही।
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बाजारों में कुछ देर के अंतराल पर पुलिस वाहनों के हूटर की आवाज ही सन्नाटे को तोड़ रही थी। पुलिस कर्मी लगातार भ्रमणशील रहकर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में रहने की अपील करते दिखे। हालांकि जिला स्तरीय अफसर तो रविवार को नहीं दिखे लेकिन तहसील स्तरीय अफसर क्षेत्र का दौरा करते देखे गए।
ग्रामीण इलाकों में मेडिकल तो शहरी इलाकों में मेडिकल के अलावा पैथालॉजी व दूध आदि की दुकानें ही खुलीं। बाइक व निजी वाहन से सड़क पर निकले लोगों को पुलिस रोककर बाहर निकलने की वजह पूछती रही। आवश्यक समझने पर जाने दिया गया तो सही कारण न बता पाने वालों को हिदायत देकर वापस भेजा गया।