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Amethi News: अनियमित खान-पान व दिनचर्या से फैटी लिवर की परेशानी बढ़ी
Fri, 28 Mar 2025 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:05 AM IST
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अमेठी सिटी। अनियमित खानपान और बिगड़ी दिनचर्या फैटी लिवर की परेशानी तेजी से बढ़ा रही है। युवा ही नहीं बल्कि किशोरों में भी फैटी लिवर की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में हर दिन 10 से 15 मरीज फैटी लिवर की परेशानी से पीड़ित होकर इलाज के लिए आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन डॉ. अमित यादव ने बताया कि लिवर यानी यकृत शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर में भोजन पचाने से लेकर पित्त बनाने का काम करता है। पूरे शरीर को डिटॉक्स करके शरीर से विषैले पदार्थ भी बाहर निकालता है, लेकिन खानपान और व्यायाम न करने से इन दिनों फैटी लिवर की समस्या तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। लिवर पर वसा यानी फैट जमा होने से वह क्षतिग्रस्त होने लगता है और पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है।
बताया कि पिछले पांच साल में फैटी लिवर के मरीज तेजी से बढ़े हैं। इसका सबसे बड़ा कारण जंक फूड, गलत खानपान, मोटापा और मधुमेह आदि हैं। शुरुआती दौर में परहेज बरतने के साथ नियमित दिनचर्या व बेहतर खानपान से इसे परेशानी को आसानी से दूर किया जा सकता है। समय पर ध्यान न देने से फैटी लिवर की परेशानी जानलेवा स्तर तक खतरनाक हो जाती है।
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बीमारी से बचने के लिए तनाव को करें दूर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि अगर आपको अपने लिवर को फिट रखना है तो डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ओबेसिटी और लिपिड जैसी बीमारियों से मिलकर बने ढोल के खतरे से लिवर को बचाना होगा। इसके लिए भंगड़ा मतलब बिहेवियर, हैप्पीनेस, एक्टिविटी, न्यूट्रिशन, एटीट्यूड को अपने दैनिक चर्या में शामिल करना होगा। इसी में लिवर की सेहत का राज छिपा है। नियमित अंतराल पर ब्लड टेस्ट व अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच से लिवर के फैटी होने अथवा न होने का पता आसानी से लगाया जा सकता है।
फैटी लिवर के लक्षण
-पसली के लिए हल्का दर्द होना।
-पेट के आसपास चर्बी जमा होना।
- त्वचा संबंधी समस्या होना।
- आंखों या त्वचा का पीला पड़ना।
- पैरों, तलवों या हाथों में सूजन।
- थकान और कमजोरी महसूस होना।
इस तरह बचें
- दूध और दूध से बने प्रोडक्ट को हरी सब्जी के साथ न लें।
- हफ्ते में तीन दिन डेढ़ से दो घंटा धूप में जरूर बैठेें।
- शरीर के वजन को नियंत्रित रखें।
-शराब का सेवन न करें।
-रोजाना कम से कम 45 मिनट तक व्यायाम जरूर करें।
- फूड जंक का सेवन न करें, समय पर सोएं और समय से उठें।
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जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन डॉ. अमित यादव ने बताया कि लिवर यानी यकृत शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर में भोजन पचाने से लेकर पित्त बनाने का काम करता है। पूरे शरीर को डिटॉक्स करके शरीर से विषैले पदार्थ भी बाहर निकालता है, लेकिन खानपान और व्यायाम न करने से इन दिनों फैटी लिवर की समस्या तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। लिवर पर वसा यानी फैट जमा होने से वह क्षतिग्रस्त होने लगता है और पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है।
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बताया कि पिछले पांच साल में फैटी लिवर के मरीज तेजी से बढ़े हैं। इसका सबसे बड़ा कारण जंक फूड, गलत खानपान, मोटापा और मधुमेह आदि हैं। शुरुआती दौर में परहेज बरतने के साथ नियमित दिनचर्या व बेहतर खानपान से इसे परेशानी को आसानी से दूर किया जा सकता है। समय पर ध्यान न देने से फैटी लिवर की परेशानी जानलेवा स्तर तक खतरनाक हो जाती है।
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बीमारी से बचने के लिए तनाव को करें दूर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि अगर आपको अपने लिवर को फिट रखना है तो डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ओबेसिटी और लिपिड जैसी बीमारियों से मिलकर बने ढोल के खतरे से लिवर को बचाना होगा। इसके लिए भंगड़ा मतलब बिहेवियर, हैप्पीनेस, एक्टिविटी, न्यूट्रिशन, एटीट्यूड को अपने दैनिक चर्या में शामिल करना होगा। इसी में लिवर की सेहत का राज छिपा है। नियमित अंतराल पर ब्लड टेस्ट व अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच से लिवर के फैटी होने अथवा न होने का पता आसानी से लगाया जा सकता है।
फैटी लिवर के लक्षण
-पसली के लिए हल्का दर्द होना।
-पेट के आसपास चर्बी जमा होना।
- त्वचा संबंधी समस्या होना।
- आंखों या त्वचा का पीला पड़ना।
- पैरों, तलवों या हाथों में सूजन।
- थकान और कमजोरी महसूस होना।
इस तरह बचें
- दूध और दूध से बने प्रोडक्ट को हरी सब्जी के साथ न लें।
- हफ्ते में तीन दिन डेढ़ से दो घंटा धूप में जरूर बैठेें।
- शरीर के वजन को नियंत्रित रखें।
-शराब का सेवन न करें।
-रोजाना कम से कम 45 मिनट तक व्यायाम जरूर करें।
- फूड जंक का सेवन न करें, समय पर सोएं और समय से उठें।