{"_id":"6aaedcf0e441ed5a4b0314b4","slug":"interlocking-work-was-erroneous-administrator-dismissed-amethi-news-c-96-1-ame1008-176103-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: इंटरलॉकिंग के काम में गड़बड़ी, प्रशासक बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: इंटरलॉकिंग के काम में गड़बड़ी, प्रशासक बर्खास्त
Sun, 20 Sep 2026 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:35 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। संग्रामपुर ब्लॉक की ठेंगहा ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग के काम में सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर जिला मजिस्ट्रेट संजय चौहान ने निवर्तमान प्रधान व प्रशासक सुदामा देवी को बर्खास्त कर दिया है। जांच में प्रस्तावित जगह की बजाय दूसरी जगह काम कराने के साथ 3,22,396 रुपये का भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई। डीएम ने रकम की आधी राशि 1,61,198 रुपये सुदामा देवी से भू-राजस्व की तरह वसूलने का आदेश दिया है।
गांव के आशीष तिवारी, अनिल पांडेय व अन्य की शिकायत पर उपायुक्त श्रम रोजगार से जांच कराई गई थी। जांच में पाया गया कि पारसनाथ सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था। इसके बजाय रामपाल के खेत से नरेंद्र की मशीन तक रास्ते पर काम कराया गया। भुगतान प्रस्तावित कार्य की वर्क आईडी पर किया गया।
निवर्तमान प्रधान ने स्पष्टीकरण में बताया कि रामपाल के खेत से नरेंद्र की मशीन तक रास्ता खराब था। ग्रामसभा से प्रस्ताव पास होने के बाद तकनीकी समस्या के कारण इसकी वर्क आईडी नहीं बन सकी। इसलिए भुगतान के लिए दूसरी वर्क आईडी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि जांच में प्रस्तावित स्थल पर काम नहीं मिलने को वित्तीय अनियमितता माना गया।
विज्ञापन
शिकायत में इंटरलॉकिंग की ईंटें गायब होने और प्राथमिकी दर्ज न कराने का आरोप भी लगाया गया था। प्रधान ने ठेकेदार की ओर से ईंटें वापस करने की बात कही, लेकिन जांच में इसे संतोषजनक नहीं माना गया। 20 अगस्त को जारी कारण बताओ नोटिस का 15 दिन में जवाब भी नहीं दिया गया। इसके बाद डीएम ने कार्रवाई की।
डीपीआरओ मनोज त्यागी ने बताया कि प्रशासक को बर्खास्त करने के साथ राशि की वसूली का आदेश दिया गया है। वसूली के बाद ग्राम पंचायत में एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाएगा।
विज्ञापन
गांव के आशीष तिवारी, अनिल पांडेय व अन्य की शिकायत पर उपायुक्त श्रम रोजगार से जांच कराई गई थी। जांच में पाया गया कि पारसनाथ सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था। इसके बजाय रामपाल के खेत से नरेंद्र की मशीन तक रास्ते पर काम कराया गया। भुगतान प्रस्तावित कार्य की वर्क आईडी पर किया गया।
विज्ञापन
निवर्तमान प्रधान ने स्पष्टीकरण में बताया कि रामपाल के खेत से नरेंद्र की मशीन तक रास्ता खराब था। ग्रामसभा से प्रस्ताव पास होने के बाद तकनीकी समस्या के कारण इसकी वर्क आईडी नहीं बन सकी। इसलिए भुगतान के लिए दूसरी वर्क आईडी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि जांच में प्रस्तावित स्थल पर काम नहीं मिलने को वित्तीय अनियमितता माना गया।
विज्ञापन
शिकायत में इंटरलॉकिंग की ईंटें गायब होने और प्राथमिकी दर्ज न कराने का आरोप भी लगाया गया था। प्रधान ने ठेकेदार की ओर से ईंटें वापस करने की बात कही, लेकिन जांच में इसे संतोषजनक नहीं माना गया। 20 अगस्त को जारी कारण बताओ नोटिस का 15 दिन में जवाब भी नहीं दिया गया। इसके बाद डीएम ने कार्रवाई की।
डीपीआरओ मनोज त्यागी ने बताया कि प्रशासक को बर्खास्त करने के साथ राशि की वसूली का आदेश दिया गया है। वसूली के बाद ग्राम पंचायत में एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाएगा।