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Amethi News: साधना से बढ़ता है आत्मबल
Mon, 07 Sep 2026 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:16 AM IST
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अमेठी स्थित गायत्री मंदिर परिसर में मंत्र जप करते श्रद्धालु। स्रोत : आयोजक
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अमेठी। गायत्री शक्तिपीठ अमेठी में आयोजित 40 दिवसीय गायत्री महापुरश्चरण साधना के 39वें दिन रविवार को साप्ताहिक पूर्णाहुति यज्ञ हुआ। साधकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डालकर विश्व कल्याण की कामना की।
डॉ. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि केवल धन, बुद्धि और स्वास्थ्य के बल पर स्थायी सुख, समृद्धि और प्रगति हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए आत्मबल जरूरी है। आत्मबल से मनुष्य का विवेक सजग होता है और वह जीवन को सन्मार्ग की ओर ले जाने में सक्षम बनता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य केवल शरीर नहीं है, उसके भीतर परम तेजस्वी आत्मा भी विद्यमान है।
उन्होंने कहा कि गायत्री महामंत्र का नियमित जप और साधना आत्मबल बढ़ाने में सहायक है। इसलिए मनुष्य को नियमित रूप से गायत्री महामंत्र की साधना करनी चाहिए। यज्ञ का संचालन अविनाश चंद्र सिंह ने किया। इस दौरान श्वेता सिंह, संतोष सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कुमार तिवारी, राम बहोर यादव, भारती सिंह, त्रिवेणी प्रसाद सिंह, राम यश मौर्य, लाल अशोक सिंह, चिरौजीलाल, चंद्रावती सिंह, कविता, अशोक शर्मा, कोमल त्रिपाठी, सुनीता सिंह, सरिता सिंह और कुसुम आदि मौजूद रहे।
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डॉ. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि केवल धन, बुद्धि और स्वास्थ्य के बल पर स्थायी सुख, समृद्धि और प्रगति हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए आत्मबल जरूरी है। आत्मबल से मनुष्य का विवेक सजग होता है और वह जीवन को सन्मार्ग की ओर ले जाने में सक्षम बनता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य केवल शरीर नहीं है, उसके भीतर परम तेजस्वी आत्मा भी विद्यमान है।
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उन्होंने कहा कि गायत्री महामंत्र का नियमित जप और साधना आत्मबल बढ़ाने में सहायक है। इसलिए मनुष्य को नियमित रूप से गायत्री महामंत्र की साधना करनी चाहिए। यज्ञ का संचालन अविनाश चंद्र सिंह ने किया। इस दौरान श्वेता सिंह, संतोष सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कुमार तिवारी, राम बहोर यादव, भारती सिंह, त्रिवेणी प्रसाद सिंह, राम यश मौर्य, लाल अशोक सिंह, चिरौजीलाल, चंद्रावती सिंह, कविता, अशोक शर्मा, कोमल त्रिपाठी, सुनीता सिंह, सरिता सिंह और कुसुम आदि मौजूद रहे।
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