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Amethi News: मानव कल्याण के लिए हुआ श्रीराम का जन्म
Sun, 11 May 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 11 May 2025 12:54 AM IST
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शाहगढ़ (अमेठी)। श्रीराम कथा जीवन का मूल सार है, जिससे संपूर्ण मानव जगत को जीवन जीने की सीख मिलती है। मानव कल्याण और असुर शक्तियों के विनाश के लिए भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। ये बातें प्रवाचक बाल योगेश्वर महाराज ने बीररामपुर में श्रीराम कथा के समापन पर कहीं।
प्रवाचक ने शनिवार को श्रीराम कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जन्म मानव कल्याण और असुर शक्तियों के विनाश के लिए हुआ। उन्होंने एक आदर्श पुत्र, भाई, मित्र, पति और पिता का धर्म निभाया। भगवान राम वनवास के दौरान मानवता के दुश्मन राक्षसों का संहार करते हैं।
मित्र सुग्रीव से किए हुए वादे को निभाते हुए उनके दुश्मन बाली का संहार करते हैं और विभीषण से मित्रता निभाते हुए रावण का वध कर उन्हें लंकाधिपति की उपाधि देते हैं। इस मौके पर राधेश्याम विश्वकर्मा, शास्त्री शिवराम, शिवाजी द्विवेदी, शिवओम, हरिओम, रामप्रताप मिश्रा, जय ओम, श्रीओम, सावित्री देवी, मंजू देवी आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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प्रवाचक ने शनिवार को श्रीराम कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जन्म मानव कल्याण और असुर शक्तियों के विनाश के लिए हुआ। उन्होंने एक आदर्श पुत्र, भाई, मित्र, पति और पिता का धर्म निभाया। भगवान राम वनवास के दौरान मानवता के दुश्मन राक्षसों का संहार करते हैं।
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मित्र सुग्रीव से किए हुए वादे को निभाते हुए उनके दुश्मन बाली का संहार करते हैं और विभीषण से मित्रता निभाते हुए रावण का वध कर उन्हें लंकाधिपति की उपाधि देते हैं। इस मौके पर राधेश्याम विश्वकर्मा, शास्त्री शिवराम, शिवाजी द्विवेदी, शिवओम, हरिओम, रामप्रताप मिश्रा, जय ओम, श्रीओम, सावित्री देवी, मंजू देवी आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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